ठंड बढ़ते ही कई पशुपालक अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो पशुओं के लिए खतरा बन जाती हैं. 

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सही खान-पान और थोड़ी समझदारी से न सिर्फ पशु स्वस्थ रहते हैं, बल्कि दूध की मात्रा भी बनी रहती है.

सर्दियों में पशुओं को बर्फ जैसा ठंडा पानी देना जुकाम, निमोनिया और पेट की बीमारियों को बुलावा देता है. 

धान का पुआल पोषण में कमजोर होता है. इसकी जगह गेहूं का भूसा खिलाने से पशु को ज्यादा ऊर्जा मिलती है.

सर्दियों में पशु के शरीर को गर्म रहने के लिए ज्यादा ऊर्जा चाहिए. दाना, खली और चोकर की मात्रा बढ़ाने से पशु मजबूत रहता है.

गलत आहार और ठंड की वजह से दूध उत्पादन 10-20% तक घट सकता है. संतुलित भोजन देकर इससे बचा जा सकता है.

चारे में थोड़ी मात्रा में गुड़ मिलाने से पशु के शरीर को अंदर से गर्मी मिलती है और उसे तुरंत ऊर्जा भी मिलती है.

केवल सूखा चारा न दें. पुआल या भूसे के साथ हरा चारा मिलाने से पाचन बेहतर रहता है और पशु ज्यादा स्वस्थ रहता है.

पशुओं को गीली या ठंडी जमीन पर न बांधें. नीचे सूखा भूसा, पुआल या टाट की बोरी बिछाएं.

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.

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