Photo Credit: Canva
बकरियों को ठंडी हवा और सीलन से बचाना सबसे जरूरी है. शेड को पूरी तरह ढका, सूखा और हवा-रोधी रखें.
ठंडी जमीन से बकरियों को बचाने के लिए फर्श पर भूसा, पुआल या सूखी घास बिछाएं, इससे शरीर की गर्मी बनी रहती है.
ठंड में बकरियों में सर्दी, खांसी और निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है. सांस तेज चलना या नाक से पानी शुरुआती संकेत हैं.
ठंडा और गंदा पानी दस्त की बड़ी वजह बनता है. बकरियों को हमेशा साफ और हल्का गुनगुना पानी पिलाएं.
जन्म के तुरंत बाद मां का पहला दूध (खीस) बच्चों के लिए अमृत समान होता है. इससे उनकी इम्युनिटी मजबूत होती है.
सर्दियों में बकरियों को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत होती है. हरा चारा, सूखा चारा और मिनरल मिक्सचर जरूर दें.
खुरपका-मुंहपका जैसे संक्रामक रोगों से बचाव के लिए समय पर टीकाकरण और कीड़े मारने की दवा बेहद जरूरी है.
अगर किसी बकरी में बीमारी के लक्षण दिखें, तो उसे तुरंत अलग करें और पशु चिकित्सक से संपर्क करें.
Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी केवल सामान्य ज्ञान पर आधारित है.