धान किसानों को बड़ी राहत, अब 31 अगस्त तक करा सकेंगे फसल बीमा.. सरकार ने बढ़ाई तारीख

आंध्र प्रदेश में धान किसानों के लिए फसल बीमा की आखिरी तारीख 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है. खरीफ 2026 में अब तक 16.15 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र बीमित हो चुका है. PMFBY के तहत 10.15 लाख और RWBCIS के तहत 5.99 लाख हेक्टेयर कवर है. अनंतपुर सबसे ज्यादा बीमित क्षेत्र वाला जिला है.

नोएडा | Published: 22 Aug, 2026 | 12:15 PM

आंध्र प्रदेश सरकार ने धान किसानों को बड़ी राहत दी है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत धान की फसल का बीमा कराने की आखिरी तारीख 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है. इससे राज्य के सभी धान उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को फसल का बीमा कराने के लिए अतिरिक्त समय मिल गया है. कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय सीमा का फायदा उठाएं और आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना अपनी फसल का बीमा करा लें. इससे फसल को तय जोखिमों से होने वाले नुकसान की स्थिति में सुरक्षा मिल सकेगी.

सरकार ने किसानों के हित को देखते हुए केंद्र सरकार के सामने बीमा की तारीख बढ़ाने का प्रस्ताव रखा था. केंद्र की सकारात्मक प्रतिक्रिया के बाद समय सीमा बढ़ाने का फैसला लिया गया. सरकार का लक्ष्य राज्य के ज्यादा से ज्यादा पात्र धान किसानों को फसल बीमा के दायरे  में लाना है. खासकर उन इलाकों के किसानों को इसका फायदा मिलेगा, जहां फसल को मौसम और अन्य अधिसूचित जोखिमों से नुकसान का खतरा ज्यादा रहता है.

आंध्र प्रदेश में बढ़ा फसल बीमा का दायरा

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में इस खरीफ सीजन किसानों के बीच फसल बीमा को लेकर जागरूकता बढ़ी है. राज्य में फसल बीमा कराने वाले किसानों की संख्या के साथ-साथ बीमा के दायरे में आने वाला क्षेत्र भी पिछले साल के मुकाबले काफी बढ़ा है. इसी के चलते आंध्र प्रदेश फसल बीमा नामांकन के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच गया है. खरीफ 2026 में अब तक राज्य में 16.15 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र को फसल बीमा के तहत कवर किया जा चुका है. इसमें उपज आधारित और मौसम आधारित दोनों तरह की फसल बीमा योजनाएं शामिल हैं. कुल बीमित क्षेत्र में से 10.15 लाख हेक्टेयर क्षेत्र प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत कवर हुआ है. वहीं, 5.99 लाख हेक्टेयर क्षेत्र को पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के तहत बीमा सुरक्षा मिली है.

किसानों से फसल का बीमा कराने की अपील

मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा सत्र के दौरान किसानों से अपनी फसलों का पूरा बीमा कराने की अपील की थी. उन्होंने खास तौर पर अधिक जोखिम वाले इलाकों में खेती करने वाले किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी. मुख्यमंत्री ने कहा कि अल नीनो के कारण मौसम में बदलाव और प्रतिकूल परिस्थितियों की आशंका को देखते हुए किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए. सरकार ने भी किसानों से अपील की है कि वे फसल बीमा का लाभ उठाकर मौसम समेत अन्य जोखिमों से होने वाले नुकसान से खुद को सुरक्षित करें.

अनंतपुर में सबसे ज्यादा 3.66 लाख हेक्टेयर फसल बीमित

फसल बीमा के मामले में आंध्र प्रदेश का अनंतपुर जिला राज्य में सबसे आगे है. खरीफ 2026 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) के तहत जिले में 3,66,802 हेक्टेयर क्षेत्र का बीमा किया गया है. इसके बाद कुर्नूल दूसरे स्थान पर है. यहां दोनों योजनाओं के तहत 3,31,059 हेक्टेयर क्षेत्र को बीमा कवर मिला है. वहीं श्री सत्य साईं जिला 2,31,082 हेक्टेयर बीमित क्षेत्र के साथ तीसरे स्थान पर है. इस तरह राज्य के इन तीन जिलों में ही खरीफ फसलों का बड़ा हिस्सा फसल बीमा के दायरे में आया है.

किसानों को बीमा के लिए जागरूक कर रहा विभाग

कृषि विभाग ने मैदानी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को फसल बीमा के बारे में जागरूकता अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं. अधिकारियों से कहा गया है कि जो किसान अभी तक बीमा नहीं करा पाए हैं, उनसे संपर्क कर उन्हें योजना से जोड़ें. विभाग के अधिकारी किसानों, बीमा कंपनियों और अन्य संबंधित पक्षों के साथ मिलकर नामांकन की प्रक्रिया को आसान बनाने में जुटे हैं. सरकार का लक्ष्य खेती के पूरे क्षेत्र को 100 फीसदी फसल बीमा कवरेज देना है.

 

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