राष्ट्रपति का संबोधन- किसान सम्मान निधि ने अन्नदाता को संबल दिया, सिंधु जलसंधि.. लखपति दीदी को सराहा
President Draupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया के कई हिस्से युद्ध और संघर्ष से जूझ रहे हैं, जिससे वैश्विक संकट की स्थिति बनी हुई है. इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने लखपति दीदी और मुफ्त राशन योजना समेत कई योजनाओं का भी जिक्र किया.
स्वतंत्रता दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि आज का भारत ऐसा देश है, जहां हर व्यक्ति सपने देख सकता है और उन्हें पूरा करने के लिए आगे बढ़ सकता है. उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में दुनिया के कई हिस्से युद्ध और संघर्ष से जूझ रहे हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर संकट की स्थिति बनी हुई है. इसके बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. उन्होंने सिंधु जल समझौते के निलंबन को किसानों के लिए निर्णायक बताया. उन्होंने 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने के टारगेट को सराहा और मुफ्त राशन योजना समेत अन्य जनकल्याणकारी योजना का जिक्र किया.
राष्ट्रपति ने किसानों, ग्रामीणों के लिए चलाई जा रहीं जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लोगों को मिलने की बात कही. उन्होंने न्याय व्यवस्था का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि न्यायिक प्रणाली से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि संसाधनों की कमी के कारण कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे. उन्होंने सभी वर्गों के लिए न्याय तक समान पहुंच सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया.
किसान सम्मान निधि से अन्नदाता को संबल मिला
राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में किसानों का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने अन्नदाता को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए किसान सम्मान निधि की शुरुआत की है. इसके अलावा किसानों की वित्तीय मदद के लिए किसान क्रेडिट कार्ड्स से खेती को आसान बनाया गया है. डेयरी, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों से जुड़े किसानों को संबल मिला है.
किसानों के लिए सिंधु जल समझौते का निलंबन निर्णायक
सिंधु जल समझौते के निलंबन को राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय हित में उठाया गया कदम बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद को पनाह देने वाले देश के साथ इस समझौते को निलंबित करना राष्ट्रीय हित में है और खासकर किसानों के लिए यह एक निर्णायक कदम है. इससे कृषि और किसानों से जुड़े जल संसाधनों के महत्व को भी रेखांकित किया गया.
6 करोड़ लखपति दीदी बनाने की तरफ बढ़ रहा भारत
महिलाओं की आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ रही है. स्वयं सहायता समूहों की 10 करोड़ से अधिक महिला सदस्य हैं. 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया गया था. इस लक्ष्य को प्राप्त किया जा चुका है. अब हमारा देश 3 करोड़ महिलाओं को नई लखपति दीदी बनाने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है. ‘मुद्रा योजना’ के तहत सहायता प्राप्त करने वाले उद्यमियों में लगभग दो तिहाई लाभार्थी महिलाएं हैं.
ऑपरेशन सिंदूर पर सशत्र बलों की सराहना की
‘ऑपरेशन सिंदूर’ का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने भारतीय सशस्त्र बलों की क्षमता की सराहना की. उन्होंने कहा कि इस अभियान ने आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ सटीक कार्रवाई करने की भारत की क्षमता को प्रदर्शित किया. राष्ट्रपति ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि आतंकवादियों और उन्हें समर्थन देने वालों को, वे दुनिया में कहीं भी छिपे हों, अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना होगा.
60 करोड़ लोगों को मुफ्त चिकित्सा सेवा मिल रही
राष्ट्रपति ने कहा कि मुफ्त राशन कार्यक्रम 80 करोड़ से अधिक लाभार्थियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है. 25 करोड़ से अधिक लोगों को गरीबी से मुक्ति दिलाने में सफलता मिली है. विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेश की योजना प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत लगभग 59 करोड़ खाताधारक बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ चुके हैं. उनमें 32 करोड़ से अधिक महिला खाताधारक शामिल हैं. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना’ के तहत 60 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपए तक की निशुल्क चिकित्सा दी जा रही है.
78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी
स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रक्षा बलों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों के लिए 78 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी. इनमें 13 मरणोपरांत वीरता पुरस्कार भी शामिल हैं. यह सम्मान देश की सुरक्षा और रक्षा में असाधारण साहस एवं कर्तव्यनिष्ठा दिखाने वाले जवानों को दिया जाएगा.