सूखा झेल रहे ब्रिटिश फार्मर्स को राहत पैकेज की घोषणा, फसल नुकसान के लिए 841 करोड़ मिलेंगे
British PM Additional Funds for Farmers : किसान नेता राजेश धाकड़ ने बताया कि कम बारिश से इस सीजन अब तक रिकॉर्ड 17 लाख हेक्टेयर कम फसलों की बुवाई हुई है. इसका असर सीधे कम उत्पादन के रूप में दिखेगा. वहीं, अगस्त और सितंबर में कम बारिश ने किसानों की फसलों की ग्रोथ पर बुरा असर डाला है. जबकि, फसलों की सिंचाई आदि के रूप में कृषि लागत बढ़ गई है. ऐसे में भारत के किसानों को भी मोदी सरकार से राहत पैकेज की उम्मीद है.
अल नीनो के चलते दुनियाभर में मौसम बदलावों ने खेती को भारी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. इंग्लैंड में भी मौसम बदलावों के चलते अत्यधिक सूखा और गर्म मौसम से फसलों को नुकसान हुआ है. ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने कहा है कि इंग्लैंड के किसानों को लंबे समय तक चलने वाली लू और सूखे मौसम के असर से निपटने में मदद के लिए 6.5 करोड़ पाउंड (करीब 841 करोड़ रुपये) की अतिरिक्त निधि मिलेगी. ब्रिटिश सरकार देश के बड़े हिस्सों में लंबे समय से जारी तेज गर्मी और सूखे के हालात से निपटने के लिए संघर्ष कर रही है. ऐसे में अब भारतीय किसानों को मोदी सरकार कब राहत पैकेज जारी करेगी, इसका इंतजार है.
5 साल में तीसरे सूखे से जूझ रहे इंग्लैंड के किसान
ब्रिटिश प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने इस हफ्ते की शुरुआत में भीषण गर्मी, जंगल की आग और सूखे के हालात पर ‘कैबिनेट ऑफिस ब्रीफिंग रूम ए (कोबरा) की एक आपातकालीन कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार कम पैदावार और फसल बर्बाद होने से प्रभावित किसानों से मुलाकात के बाद उन्होंने अतिरिक्त मदद का वादा किया. बर्नहम ने कहा कि यह पांच साल में तीसरा सूखा है. बदलते मौसम की मार सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ रही है और उन्हें यह जोखिम अकेले नहीं उठाना चाहिए.
जलाशय बनाने, पानी उपलब्ध कराने के लिए मिलेंगी राशि
प्रधानमंत्री ने कहा कि कम आमदनी, ज्यादा लागत और बारिश की कोई उम्मीद नहीं. मैं इससे जुड़ी चिंता को समझता हूं. अपना अनाज उगाना राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला है और मैं इसे उसी नजरिए से देखूंगा.उन्होंने कहा इसलिए हम अभी कदम उठा रहे हैं. इसके तहत खेती में मदद के लिए ज्यादा पैसे देना, जलाशय बनवाने में सहायता करना और पानी की कमी होने पर आसानी से पानी उपलब्ध कराना शामिल होगा.
टिकाऊ खेती के लिए अतिरिक्त 647 करोड़ का पैकेज
इस हफ्ते घोषित किए गए उपायों के पैकेज में टिकाऊ खेती प्रोत्साहन 2026 के लिए अतिरिक्त पांच करोड़ पाउंड (भारतीय मुद्रा में करीब 647 करोड़ रुपये) शामिल हैं, जिससे कुल बजट 29 करोड़ पाउंड हो गया है. किसानों को पानी जमा करने में मदद करने के लिए खेतों में बनने वाले जलाशयों के लिए 1.5 करोड़ पाउंड तक की राशि भी शामिल है. एक रिपोर्ट के अनुसार इंग्लैंड की सरकार अपने किसानों को सालाना 2.42 करोड़ रुपये से अधिक की सब्सिडी उपलब्ध कराती है.
भारतीय किसानों को मोदी सरकार से उम्मीदें- राजेश धाकड़
अब भारत की बात करें तो अल नीनो की वजह से मॉनसूनी कम बारिश ने पहले ही बुवाई में देरी कराई है. किसान महापंचायत के मध्य प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि कम बारिश के चलते इस सीजन अब तक रिकॉर्ड 17 लाख हेक्टेयर कम फसलों की बुवाई हुई है. इसका असर सीधे कम उत्पादन के रूप में दिखेगा. वहीं, अगस्त और सितंबर में कम बारिश ने किसानों की फसलों की ग्रोथ पर बुरा असर डाला है. जबकि, फसलों की सिंचाई के लिए खूब इस्तेमाल होने से डीजल बिक्री में 10 फीसदी उछाल देखा गया है. वहीं, कृषि लागत 5 फीसदी बढ़ गई है. उन्होंने कहा कि मौजूदा स्थितियों में किसान मुश्किलों से गुजर रहा है. लेकिन, सरकार से राहत पैकेज की उम्मीद की जा रही है, लेकिन पीएम ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में किसानों के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं किया, जिससे किसानों में निराशा है.