चीनी कीमतें नीचे नहीं आने पर केंद्र ने कसा शिकंजा, स्टॉक लिमिट घटाकर आधी करने की घोषणा

Sugar Stock Limits Reduced : चीनी की कीमतों में गिरावट नहीं आने के बाद जांच अभियान के दौरान कई चीनी गोदामों में नियम के विपरीत लिमिट से ज्यादा स्टॉक पाया गया है. सरकार ने पहले ही विक्रेताओं को चीनी के दाम बढ़ने के लिए जिम्मेदार माना है. अब जांच में जमाखोरी मिलने पर सरकार ने स्टॉक लिमिट फिर से घटाकर आधी कर दी है.

नई दिल्ली | Updated On: 1 Sep, 2026 | 03:15 PM

चीनी के दाम बढ़ने के बाद उपभोक्ता मामले विभाग की टीमों ने कई राज्यों की चीनी मिलों में छापेमारी की और बड़े पैमाने पर नियमों के विपरीत चीनी की जमाखोरी मिली. इसके चलते बीते 2 सप्ताह से चीनी के दाम घटने का नाम नहीं ले रहे थे. केंद्र सरकार ने चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगाम लगाने के लिए डीलरों के स्टॉक रखने की सीमा और कम कर दी है. 15 सितंबर 2026 से देशभर में चीनी डीलर अधिकतम 2000 क्विंटल चीनी ही स्टॉक कर सकेंगे. इससे पहले यह सीमा 4000 क्विंटल थी. नई व्यवस्था 30 नवंबर 2026 तक लागू रहेगी. सरकार का कहना है कि इस कदम से बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी.

1 अगस्त के बाद 1 सितंबर को फिर से स्टॉक लिमिट पर फैसला

सरकार ने इससे पहले 1 अगस्त से डीलरों के लिए 4000 क्विंटल की स्टॉक सीमा लागू की थी. अब इसे घटाकर आधा कर दिया गया है. इसके अलावा डीलरों को चीनी मिलने की तारीख से 30 दिन से ज्यादा समय तक उसका स्टॉक रखने की अनुमति नहीं होगी. हालांकि, कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में 4,000 क्विंटल की मौजूदा सीमा जारी रहेगी. सरकार ने यह छूट वहां की विशेष बाजार जरूरतों को देखते हुए दी है, क्योंकि कोलकाता में उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से आने वाली चीनी की बड़ी मात्रा पूर्वी और पूर्वोत्तर राज्यों में भेजी जाती है.

चीनी गोदामों पर जांच में जमाखोरी मिलने पर बढ़ाई सख्ती

उपभोक्ता मामले एवं खाद्य मंत्रालय के नोटीफिकेशन के अनुसार चीनी की स्टॉक लिमिट कम करने का मुख्य उद्देश्य अत्यधिक भंडारण को रोकना और बाजार में इसकी नियमित आपूर्ति पक्की करना है. सरकार का मानना है कि सीमित स्टॉक रखने से कारोबारी जरूरत से ज्यादा चीनी जमा नहीं कर पाएंगे और सट्टेबाजी पर भी रोक लगेगी. सरकार ने चीनी मिलों, डीलरों और कारोबारियों के स्टॉक की निगरानी और भौतिक जांच भी तेज कर दी है. जांच के दौरान कुछ जगहों पर तय सीमा से ज्यादा चीनी रखने, स्टॉक की जानकारी नहीं देने और चीनी की आवाजाही व बिक्री में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं. इसी के बाद सरकार ने निगरानी और सख्त कर दी है.

चीनी कारोबारियों के लिए स्टॉक की ऑनलाइन घोषणा जरूरी

चीनी मिलों, डीलरों और कारोबारियों को अपने स्टॉक की जानकारी खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के ऑनलाइन पोर्टल पर नियमित रूप से अपडेट करनी होगी. इससे सरकार को बाजार में चीनी की उपलब्धता और स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी. सरकार ने साफ किया है कि आने वाले हफ्तों में देशभर में चीनी के स्टॉक का भौतिक सत्यापन जारी रहेगा. इन कदमों के जरिए सरकार घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने, जमाखोरी रोकने और कीमतों में स्थिरता लाने की कोशिश कर रही है.

एक्स मिल कीमतों में गिरावट पर खुदरा कीमत 74 रुपये पर बरकरार

सरकार के अनुसार बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और निगरानी बढ़ाने के बाद हाल के दिनों में एक्स-मिल चीनी की कीमतों में करीब 20 फीसदी की गिरावट आई है. लेकिन इस गिरावट का असर चीनी खुदरा कीमतों पर नहीं दिख रहा है. उपभोक्ता मामले विभाग के अनुसार दिल्ली में चीनी का खुदरा भाव 62 रुपये दर्ज किया गया है. जबकि, राष्ट्रीय औसत चीनी का खुदरा मूल्य 74 रुपये प्रति किलो चल रहा है. सरकार का कहना है कि खुदरा बाजार में भी कीमतों में कमी का असर जल्द दिखाई देना शुरू होगा.

Published: 1 Sep, 2026 | 03:06 PM

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