नीलामी का संकट झेल रहे 6356 किसानों का कर्ज भरेगी सरकार, भुगतान रकम फाइनल

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कई किसान मुश्किल हालात के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और इसलिए सरकार ने पात्र लाभार्थियों को एकमुश्त मदद देने का फैसला किया है.

नोएडा | Updated On: 28 Jun, 2026 | 04:14 PM

खेती के लिए कर्ज लेने के बाद चुका नहीं पाने की वजह से नीलामी का संकट झेल रहे किसानों की मदद को सरकार आई है. हिमाचल प्रदेश सरकार ने कहा कि किसानों के कर्ज की का आधा हिस्सा वह भरेगी, जबकि आधा हिस्सा किसानों को भरना होगा. सरकार के इस फैसले से कर्ज से परेशान चल रहे किसानों को बड़ी राहत मिली है. राज्य सरकार ने इसके लिए 50 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है.

किसानों का कर्ज भरने के लिए कृषि ऋण ब्याज सहायता योजना

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि किसान राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनका कल्याण सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है. उन्होंने कहा कि कई किसान मुश्किल हालात के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और इसलिए सरकार ने पात्र लाभार्थियों को एकमुश्त मदद देने का फैसला किया है. आर्थिक तंगी का सामना कर रहे किसानों को बड़ी राहत देते हुए हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य बजट की एक अहम घोषणा को पूरा करते हुए एकमुश्त निपटान नीति के तहत कृषि ऋण ब्याज सहायता योजना शुरू करने का फैसला किया है.

3 लाख तक के कर्ज का आधा भुगतान करेगी सरकार

आधिकारिक बयान के अनुसार किसानों के लिए शुरू की गई इस पहल के तहत सरकार प्रति किसान 3 लाख रुपये तक के कृषि ऋण पर बकाया ब्याज का 50 प्रतिशत हिस्सा खुद वहन करेगी. यह योजना उन किसानों को मदद देगी जिनकी कृषि भूमि ऋण न चुका पाने के कारण नीलाम होने के खतरे में है. कहा गया है कि ऐसे किसानों को आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के तनाव से बचाने के लिए यह फैसला लिया जा रहा है.

6356 किसानों को मिलेगा लाभ, 50 करोड़ बजट तय

कृषि ऋण ब्याज सहायता योजना के तहत एकमुश्त निपटान प्रक्रिया का फायदा राज्य भर में लगभग 6,356 किसानों को मिलेगा. यह योजना हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक’ और ‘कांगड़ा सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के माध्यम से लागू की जाएगी. संबंधित शाखाएं ब्याज सहायता का लाभ उठाने के लिए पात्र कर्जदारों की पहचान करेंगी और उनकी सूची तैयार करेंगी. कर्ज भुगतान के लिए सरकार ने 50 करोड़ रुपये का बजट रखा है.

नीलामी का खतरा झेल रहे किसानों के मिलेगा लाभ

कर्ज भुगतान योजना में वे किसान शामिल होंगे जिनके कृषि ऋण की समय-सीमा खत्म हो चुकी है और जिनकी जमीन वित्तीय संस्थानों द्वारा नीलाम किए जाने के खतरे में है. बकाया ब्याज का आधा बोझ उठाकर, सरकार का मकसद ऋण को विनियमित करने में मदद करना, आर्थिक तनाव कम करना और किसानों को अपनी जमीन खोने के डर के बिना खेती जारी रखने में सक्षम बनाना है. संबंधित विभागों और वित्तीय संस्थानों को योजना को तेजी से लागू करने का निर्देश दिया ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर मदद मिल सके.

Published: 28 Jun, 2026 | 04:11 PM

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