हिमाचल की 6 सिंचाई परियोजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत, कृषि मंत्री के निर्देश पर जांच शुरू

Himachal Irrigation Projects : हिमाचल में एक हजार करोड़ रुपये के सिंचाई प्रोजेक्ट में अनियमितता की शिकायतों के बाद जांच के निर्देश दिए हैं. यह सिंचाई प्रोजेक्ट हिमाचल सरकार और जापान की मदद से संचालित किए जा रहे हैं.

नई दिल्ली | Updated On: 2 Sep, 2026 | 05:09 PM

हिमाचल प्रदेश में जापान के सहयोग से संचालित जायका प्रोजेक्ट (JICA) के तहत 6 सिंचाई परियोजनाओं में भारी अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं. कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि कसौली में 6 सिंचाई परियोजनाएं चल रही हैं, इनमें गड़बड़ी की शिकायत स्थानीय विधायक ने करते हुए ऑडिट कराने की मांग की है. इसके बाद जांच और तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. कृषि विभाग के अधिकारियों से एक सप्ताह में रिपोर्ट मांग गई है.

हिमाचल विधानसभा के मॉनसून सत्र में कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी के सवाल के जवाब में कहा कि कसौली में जायका प्रोजेक्ट के तहत चल रहे छह सिंचाई योजनाओं के काम में किसी तरह की कमी पाए जाने पर जांच करवाई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. कृषि मंत्री ने अधिकारियों को इन योजनाओं के काम की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर देने के निर्देश भी दिए हैं.

सभी 6 परियोजनाओं का ऑडिट कराने की मांग

कसौली के विधायक विनोद सुल्तानपुरी ने सवाल उठाते हुए कहा कि जायका प्रोजेक्ट (JICA) में समानांतर योजनाओं को अपनाए जाने और फंड के दुरुपयोग की आशंका है. उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र की दो पंचायतों में सिंचाई विभाग की योजनाओं का भी जिक्र किया. यहां चल रहे काम की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है. उन्होंने कसौली में जायका प्रोजेक्ट के तहत ली गई छह योजनाओं का ऑडिट करवाने की मांग की. विधायक ने कहा कि एक नेक्सेज के तहत काम हो रहा है और जायका प्रोजेक्ट की मूल भावना का लाभ किसानों तक नहीं पहुंच रहा है.

प्रोजेक्ट पर खर्च किए जा रहे एक हजार करोड़

कृषि मंत्री चंद्र कुमार ने जवाब में कहा कि जायका प्रोजेक्ट को कृषि विभाग की ओर से क्रियान्वित किया जा रहा है. यह प्रोजेक्ट वर्ष 2021 से 2029 तक चलेगा. इसके लिए 1010 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई है. इसमें जापान की हिस्सेदारी 807 करोड़ रुपये और हिमाचल सरकार की हिस्सेदारी 203 करोड़ रुपये है.

कृषि मंत्री ने जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए

कृषि मंत्री ने बताया कि जायका प्रोजेक्ट के तहत लाभार्थियों के समूह बनाए जाते हैं और इसके बाद योजनाओं को क्रियान्वित किया जाता है. कसौली क्षेत्र में इस प्रोजेक्ट के तहत फलो इरीगेशन की छह योजनाएं ली गई हैं. इन योजनाओं पर 4 करोड़ 95 लाख रुपये खर्च होने हैं. उन्होंने कहा कि ये नई कूहलें नहीं हैं, पहले से अस्तित्व में रही कूहलों को ही इन योजनाओं में शामिल किया गया है. कृषि मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं में किसी तरह की खामी पाई जाती है या काम मानकों के अनुरूप नहीं हुआ है तो इसकी जांच करवाई जाएगी. दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और जुर्माना भी लगाया जाएगा.

Published: 2 Sep, 2026 | 06:22 PM

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