धान के दुश्मन ब्राउन प्लांट हॉपर और स्टेम बोरर का सफाया करेगी ये दवाई, बंपर पैदावार मिलेगी
Paddy Crop Disease: धान फसल को कीटों से बचाने के लिए कोर्टेवा ने नए इंसेक्टिसाइड प्रोडक्ट को उतारा है. यह दवाई कीटों का पूरा सफाया करने में सक्षम है. इससे किसानों की लागत घटेगी और बंपर उत्पादन मिलने का दावा किया गया है.
फसलों को कीटों से सुरक्षित करने का समाधान पेश करते हुए कॉर्टेवा ने मैविलॉन™ लॉन्च किया है. मैविलॉन एक नई ग्रेन्युलर इंसेक्टिसाइड तकनीक है, जिसे धान की फसल में कीट नियंत्रण को नुकसान होने के बाद के बजाए पहले से रोकथाम करने यानि रिएक्टिव से प्रोएक्टिव बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है. कोर्टेवा ने हैदराबाद में इस उत्पाद को पेश किया.
ब्राउन प्लांट हॉपर और स्टेम बोरर कीट का होगा सफाया
भारत में चावल रोजमर्रा के भोजन का अहम हिस्सा है और देश की कृषि अर्थव्यवस्था में भी इसकी बड़ी भूमिका है. लेकिन, इस बात से भी किनारा नहीं किया जा सकता कि धान उगाने वाले कई क्षेत्रों में किसान लंबे समय से कीटों की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं. ब्राउन प्लांट हॉपर (बीपीएच) और स्टेम बोरर जैसे कीट फसल को काफी नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे उत्पादन कम होता है और अनाज की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है.
अधिकतर किसान इन कीटों का नियंत्रण तब करते हैं, जब फसल में नुकसान साफ दिखाई देने लगता है. लेकिन, इस तरीके की भी अपनी सीमाएं हैं. कई बार कीटों का पता देर से चलता है और तब तक फसल को नुकसान होना शुरू हो चुका होता है. वहीं, सीजन के व्यस्त समय में मजदूरों की कमी और बारिश न होने के सही समय पर निर्भरता जैसी चुनौतियां भी किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ा देती हैं.
30 दिन में एक बार इस्तेमाल और 60 दिनों तक सुरक्षा
मैविलॉन को रोपाई के 30 से 35 दिनों बाद केवल एक बार इस्तेमाल करना होता है. यह फसल में नुकसान दिखाई देने से पहले ही सुरक्षा देना शुरू कर देता है. इसकी खास ग्रेन्युलर फॉर्मूलेशन बीपीएच के खिलाफ 60 दिनों तक और स्टेम बोरर के खिलाफ 15 दिनों तक सुरक्षा देती है. यह फसल के उन महत्वपूर्ण चरणों में सुरक्षा देने में मदद करता है, जब उत्पादन पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है. शुरुआती स्तर पर ही कीट नियंत्रण करके मैविलॉन किसानों को समस्या बढ़ने से पहले ही तैयार रहने में मदद करता है.
बार बार स्प्रे करने की मेहनत से मिलेगा छुटकारा
इसका फायदा सिर्फ फसल सुरक्षा तक सीमित नहीं है. बार-बार स्प्रे करने की जरूरत कम होने से किसानों की मेहनत और काम की जटिलताएं भी घटती हैं. साथ ही आखिरी समय में कीटनाशक छिड़काव की चिंता भी कम होती है. इससे किसानों को खेती में बेहतर नियंत्रण और ज्यादा भरोसेमंद परिणाम मिल सकते हैं.
मैविलॉन के माध्यम से कॉर्टेवा ने वैज्ञानिक और टिकाऊ फसल सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है, ताकि किसानों की फसल सुरक्षित रहे और उनकी आय बेहतर हो सके.