कर्जमाफी योजना को लेकर आदेश जारी, ऐसे लोगों को नहीं मिलेगा फायदा.. जानें पात्रता की शर्तें

महाराष्ट्र सरकार ने किसान कर्ज माफी योजना का GR जारी कर 2019-2025 के डिफॉल्टर किसानों को 2 लाख रुपये तक राहत देने की घोषणा की है. समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को 50,000 रुपये प्रोत्साहन मिलेगा. कुछ श्रेणियों को योजना से बाहर रखा गया है. मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में समिति बनी है.

नोएडा | Updated On: 4 Jun, 2026 | 04:28 PM

Loan Waiver: महाराष्ट्र सरकार ने किसान कर्ज माफी योजना को लेकर सरकारी आदेश (GR) जारी कर दिया और इसके लिए पात्रता की शर्तें भी स्पष्ट कर दी हैं. नए नियमों के अनुसार, वर्ष 2019 से 2025 के बीच फसल ऋण का भुगतान नहीं कर पाने वाले किसानों को अधिकतम 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी का लाभ मिलेगा. सरकार ने यह भी साफ किया है कि जिन किसानों के फसल ऋण का पुनर्गठन (रीस्ट्रक्चरिंग) किया गया था और वे इसके बाद भी डिफॉल्टर बने रहे, वे भी 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी के पात्र होंगे.

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इसके अलावा जिन किसानों ने 2019 की कर्ज माफी योजना  का लाभ लिया था, लेकिन 2019 से 2025 के बीच फिर से ऋण चुकाने में चूक की, उन्हें अधिकतम 50,000 रुपये तक की अतिरिक्त राहत दी जाएगी. सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य कर्ज के बोझ से परेशान किसानों को राहत देना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है. खास बात यह है कि महाराष्ट्र सरकार ने कर्ज माफी योजना के साथ नियमित रूप से ऋण चुकाने वाले किसानों के लिए भी प्रोत्साहन राशि का ऐलान किया है. सरकारी आदेश (GR) के अनुसार, जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों और चालू वर्ष में अपने फसल ऋण की किस्तें समय पर जमा की हैं और डिफॉल्टर नहीं हैं, उन्हें 50,000 रुपये का इनाम दिया जाएगा.

5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी

वहीं, जिन किसानों पर फसल ऋण की राशि 50,000 रुपये से कम है और उन्होंने भी समय पर भुगतान  किया है, उन्हें 5,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी. सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य ईमानदारी से ऋण चुकाने वाले किसानों को सम्मानित करना है. सरकारी आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कुछ श्रेणियों के लोग कर्ज माफी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. उनके बारे में विस्तृत जानकारी अलग से जारी की गई है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि कुछ लोगों को किसान कर्ज माफी योजना का लाभ नहीं मिलेगा. इसके तहत वर्तमान और पूर्व सांसद, मंत्री और पूर्व मंत्री, विधायक (MLA), विधान परिषद सदस्य (MLC) तथा जिला परिषद, पंचायत समिति, नगर निगम और नगर परिषद के निर्वाचित सदस्य इस योजना के पात्र नहीं होंगे.

25,000 से अधिक वेतन वाले हैं अपात्र

इसके अलावा, केंद्र और राज्य सरकार के ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन 25,000 रुपये से अधिक है, उन्हें कर्ज माफी का लाभ नहीं मिलेगा. राज्य सरकार के स्वामित्व वाले या सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों में कार्यरत 25,000 रुपये से अधिक वेतन पाने वाले कर्मचारी भी इस योजना से बाहर रखे गए हैं. सरकार का कहना है कि योजना का लाभ मुख्य रूप से आर्थिक रूप से जरूरतमंद और कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों को दिया जाएगा. जो किसान खेती के अलावा किसी और काम से इनकम टैक्स भरते हैं, वे इस योजना का फायदा नहीं ले सकते.

ऐसे रिटायर्ड कर्मचारियों को भी नहीं मिलेगा लाभ

जिन रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन 25,000 रुपये से ज्यादा है, वे भी इस कर्ज माफी योजना के लिए पात्र नहीं होंगे. इसके अलावा, जो लोग सहकारी संस्थाओं जैसे चीनी मिल, दूध संघ, कपड़ा मिल, बैंक आदि में काम करते हैं और जिनकी मासिक सैलरी 25,000 रुपये से ज्यादा है, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे. राज्य सरकार ने इस कर्ज माफी योजना को लागू करने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 7 सदस्यीय समिति बनाई है.

Published: 4 Jun, 2026 | 04:10 PM

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