उन्नत खेती और पशुपालन से किसानों की कमाई बढ़ाने का मेगा प्लान, 13 करोड़ की हाईटेक नर्सरी शुरू

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 13 करोड़ रुपए की लागत से अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर शुरू किया. इस नर्सरी में उन्नत किस्म के पौधे तैयार किए जाएंगे, जो किसानों को मिलेंगे.

नोएडा | Published: 7 Jul, 2026 | 01:40 PM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों की आमदनी केवल एक फसल से नहीं बल्कि बहु फसलों एवं उन्नत पशुपालन से बढ़ेगी. इस बात को ध्यान में रखकर सरकार ने उन्नत व प्राकृतिक खेती के साथ-साथ पशुपालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश दुग्ध उत्पादन में देश में तीसरे स्थान पर है. हम अगले पांच वर्षों में मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में नंबर वन राज्य बनायेंगे. इसी कड़ी में सरकार नेशनल डेयरी विकास योजना के तहत ग्वालियर दुग्ध संघ सहित सांची दुग्ध उत्पादन संघ को भरपूर मदद दे रही है. इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.

13 करोड़ की लागत से हाईटेक नर्सरी की शुरूआत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर में उन्नत कृषि पर संभागीय कार्यशाला में किसानों बातचीत की. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में अत्याधुनिक हाईटेक नर्सरी एवं फ्लोरीकल्चर गार्डन का भूमिपूजन किया. राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत लगभग 13 करोड़ रुपए की लागत से ग्वालियर के खुरैरी एवं ग्राम जहांगीरपुर में इस हाईटेक नर्सरी के प्रथम चरण का कार्य होने जा रहा है. इस नर्सरी में उन्नत किस्म के पौधे तैयार किए जाएंगे, जो किसानों को मिलेंगे. मुख्यमंत्री ने उद्यानिकी, मत्स्य पालन एवं कृषि से जुड़े अन्य विभागों की योजनाओं के तहत विभिन्न किसानों को उपकरण वितरित किए.

सिंचाई रकबा 7 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 100 लाख हेक्टेयर होगा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद सिंचाई रकबे में बड़ी बढ़ोत्तरी हुई है. वर्ष 2003 में प्रदेश का सिंचाई रकबा मात्र साढ़े 7 लाख हेक्टेयर था जो अब बढ़कर लगभग 50 लाख हेक्टेयर हो गया है. इसे हम 100 लाख हैक्टैयर तक ले जायेंगे. चंबल-पार्वती-काली सिंध एवं केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजनाओं से यह संभव हुआ.

किसान अब चिंता मुक्त होकर जमा कर सकते हैं कृषि लोन

किसानों से मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रदेश के कृषकों को 31 मार्च तक ऋण जमा करने की चिंता नहीं रही है. सरकार ने अब उन्हें ऋण जमा करने के लिये पूरे एक साल का मौका दिया है. उन्होंने कहा कि किसान कल्याण वर्ष में सरकार द्वारा सभी प्रकार के कृषि उत्पादों व पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की सहूलियतों का भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है.

खिड़क प्रणाली के स्थान पर गौ-शालाओं की स्थापना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गौ माता कभी आवारा नहीं हो सकती. इसी भाव के साथ प्रदेश सरकार गौ संरक्षण एवं स्वदेशी गाय पालन को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है. सरकार ने इसी कड़ी में नगरीय क्षेत्रों में निराश्रित गायों को बंद करने के लिये कार्यरत खिड़क प्रणाली को समाप्त कर दिया है और बड़े पैमाने पर गौशालायें स्थापित की जा रही हैं. साथ ही देशी गायों में नस्ल सुधार के प्रयास भी प्रमुखता से किए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला की तरह प्रदेश के महानगर इंदौर, उज्जैन, जबलपुर व भोपाल में बड़ी गौशालाओं की स्थापना की जा रही है.

एक खेत में कई फसलें बढ़ा रहीं किसानों की कमाई

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय परिसर में समन्वित कृषि प्रणाली इकाई और बहुस्तरीय कृषि पद्धति इकाई का लोकार्पण किया. किसानों के लिए आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी खेती का व्यावहारिक मॉडल कृषि विश्वविद्यालय ने विकसित किया है. इस समन्वित कृषि प्रणाली इकाई में फसल उत्पादन, बागवानी, डेयरी, बकरी पालन, कुक्कुट पालन, मधुमक्खी पालन, मशरूम उत्पादन तथा जैविक खाद निर्माण जैसी गतिविधियों को एकीकृत किया गया है. इस मॉडल में एक गतिविधि का अपशिष्ट दूसरी गतिविधि के लिए रॉ मटेरियल बनता है, जिससे लागत घटती है. साथ ही संसाधनों का बेहतर उपयोग होता है और किसानों को आय के अनेक स्रोत प्राप्त होते हैं.

इसी तरह बहु-स्तरीय कृषि पद्धति यूनिट में एक ही खेत में विभिन्न ऊंचाई वाली फसलों की खेती वैज्ञानिक तरीके से की जाती है. किसान एक ही खेत से पूरे वर्ष विविध फसलों का उत्पादन लेकर अधिक कमाई कर सकते हैं.

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