यूरोपीय डेयरी बाजार में पैठ बनाने के लिए एफएमडी मुक्त होंगे 9 राज्य, सरकार का मेगा प्लान
पशुओं के लिए जानलेवा खुरपका-मुंहपका बीमारी से 9 राज्यों को मुक्त करने के लिए सरकार ने मेगा प्लान बनाया है. अब तक पशुओं को 107 करोड़ वैक्सीन लग चुकी है और एफएमडी मामलों में 60 फीसदी तक गिरावट आई है. सरकार यूरोपीय डेयरी बाजार में पैठ बनाने के लिए तेज तर्रार तरीके से काम कर रही है.
पशुओं के लिए जानलेवा बनी खुरपका-मुंहपका (foot and mouth disease) बीमारी को खत्म करने का टारगेट सेट कर दिया गया है. केंद्र सरकार ने कहा है कि अगले 2 साल में 9 राज्य इस बीमारी से मुक्त हो जाएंगे. इन राज्यों में पंजाब, हरियाणा, महाराष्ट्र जैसे प्रमुख पशुपालक प्रदेश शामिल हैं. बीते 5 साल में 60 फीसदी मामलों में कमी आई है. केंद्र और राज्य सरकारों के अभियान के जरिए पशुओं को 107 करोड़ टीके लगाए जा चुके हैं.
दो साल में नौ राज्यों को बीमारी मुक्त करने का लक्ष्य
भारत अगले दो साल में कम से कम नौ राज्यों को खुरपका और मुंहपका (एफएमडी) बीमारी से मुक्त करने का लक्ष्य बना रहा है. केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने कहा कि ने कहा कि सरकार को उम्मीद है कि अगले 2 वर्षों में 9 राज्यों को खुरपका-मुंहपका रोग (FMD) से मुक्त कर लिया जाएगा. इसके लिए अभियानों को तेज कर दिया गया है और राज्यों में भी ट्रैकिंग व्यवस्था मजबूत की गई है.
यूरोपीय बाजारों में पैठ बनाने की मजबूत कवायद
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक है, लेकिन एफएमडी के चलते यूरोप के डेयरी बाजार के दरवाजे भारत के लिए उम्मीद के मुताबित नहीं खुले हैं. इसलिए राज्यों को एफएमडी मुक्त करने के लिए अभियानों में तेजी लाई जा रही है. बता दें कि यूरोपीय यूनियन के साथ भारत ने फ्री ट्रेड डील की है, जिससे भारतीय दूध और डेयरी उत्पादों के लिए 25 से ज्यादा देशों के बाजार खुले हुए हैं, लेकिन सख्त वैश्विक मानकों के चलते डेयरी उत्पादों की मांग उन बाजारों में कम है.
इन उपायों को लागू कर रही सरकार
सरकार भारत को खुरपका-मुंहपका बीमारी से मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है. इसमें स्वदेशी टीकों को विकसित और उत्पादन किया जा रहा है. पशुओं और टीकों की डिजिटल ट्रैकिंग और टीकाकरण साइकिल चक्र पूरा करने पर सख्त निगरानी है. वहीं, पशुपालकों तक एफएमडी वैक्सीन पहुंचाने के लिए मुफ्त टीकाकरण अभियान केंद्र और राज्यों के जरिए चलाए जा रहे हैं और जिला स्तर पर स्थानीय पशु चिकित्सों के जरिए फिजिकल निगरानी भी कराई जा रही है.
इन 9 राज्यों को एफएमडी मुक्त करने पर फोकस
केंद्र सरकार का जिन 9 राज्यों को एफएमडी मुक्त करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, उनमें देश के सबसे ज्यादा दूध उत्पादन करने वाले 10 राज्यों की सूची में गुजरात, महाराष्ट्र भी शामिल हैं. जबकि, तमिलनाडु, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड को विशोष फोकस वाले राज्यों में शामिल किया है. ये वह राज्य हैं जहां बड़े पैमाने पर गाय और भैंसों का पालन किया जाता है.
एफएमडी मामलों में रिकॉर्ड 60 फीसदी गिरावट
सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले कुछ वर्षों में एफएमडी के मामलों में उल्लेखनीय कमी आई है. बीते 5 साल में एफएमडी के मामलों में 60 फीसदी से अधिक की कमी आई है. यूपी जैसे बड़े राज्यों में अब केवल छिटपुट मामले बचे हैं और पीड़ित युवा पशुओं की संख्या भी तेजी से घटी है. पशुओं को मुफ्त टीकाकरण अभियान के तहत अब तक देशभर में 107.34 करोड़ से ज्यादा टीके लगाए जा चुके हैं.