अफीम की खेती के लिए कुख्यात किसानों ने बदला रास्ता, सब्जी उगाकर 2.50 लाख कमा रहे
Jharkhand Farmers left opium cultivation : झारखंड में अवैध तरीके से अफीम की खेती करने वाले किसान अब मुख्य धारा की खेती में लौट आए हैं और अच्छी आमदनी से जीवन खुशहाल बनाने में कामयाबी पाई है.
झारखंड के सुदूर इलाका चाड़ाडीह कभी अवैध तरीके से अफीम की खेती के लिए जाना जाता था. यहां अकसर पुलिस और प्रशासनिक कार्रवाई में किसान फंसते थे. लेकिन, अब यहां के किसानों ने अपना रास्ता बदल दिया है और नशे की खेती की बजाय टमाटर समेत अन्य सब्जियों की खेती कर रहे हैं. यहां के किसानों ने कहा है कि वह टमाटर और अन्य फसलों से 2.50 लाख रुपये तक की कमाई कर पा रहे हैं. यहां के किसान खेती के लिए ग्राफ्टिंग तकनीक, ड्रिप सिंचाई और मल्चिंग विधि अपना रहे हैं. कृषि अधिकारी और समाजसेवी इस बदलाव को क्रांतिकारी बता रहे हैं.
झारखंड सरकार ने सुदूर क्षेत्र के आदिवासी किसानों को उन्नत बीजों की उपलब्ध कराकर खेती की मुख्य धारा में ला रही है. इसका असर खूंटी जिले के चाड़ाडीह गांव में साफ दिखता है. यहां पर पहले जमीन पर अवैध तरीके से अफीम उगाई जाती थी, वहीं अब टमाटर समेत अन्य सब्जियों की फसल किसानों को सम्मान और आमदनी दे रही है. ग्राम सभा के फैसले और वैकल्पिक खेती ने गांव को डर से निकालकर सुकून और खुशहाली की राह पर ला दिया है.
मल्चिंग, ग्राफ्टिंग और ड्रिप सिंचाई तकनीक का कमाल
खूंटी के अड़की प्रखंड का चाड़ाडीह गांव के मुखिया लक्ष्मण मुंडा और इलाके के समाजसेवी मनोज मंडल ने प्रसार भारती को बताया कि यह इलाका कभी अफीम की अवैध खेती और पुलिसिया कार्रवाई के खौफ से जूझता था. अब इसी गांव के खेतों में मल्चिंग और ड्रिप सिंचाई से ग्राफ्टिंग तकनीक से टमाटर की खेती लहलहा रहा है. उन्होंने बताया कि किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र और जिला कृषि विभाग की मदद से तकनीक आधारित खेती की ट्रेनिंग दी गई और उन्नत बीज उपलब्ध कराए गए.
किसान बोले- नशे की खेती का रास्ता छोड़ा उन्नति का रास्ता पकड़ा
किसान मंगा मुंडी, मंदरु मुंडा और बिरसा मुंडा ने कहा कि पहले दिन-रात पुलिस का खौफ था, लेकिन अब अफीम की खेती छोड़ टमाटर लगाने के बाद सुकून है. कुछ किसान टमाटर के साथ अन्य सब्जी फसलों को भी उगा रहे हैं. अब गांव के किसानों ने नशे की खेती का रास्ता छोड़ सब्जी की खेती का रास्ता अपनाया है, जो उन्हें और उनके परिवार को उन्नति की ओर ले जा रहा है.
किसानों ने कहा वह सब्जियों की खेती से अच्छा मुनाफा पा रहे हैं.
एक सीजन में 2.50 लाख रुपये तक की कमाई
किसानों ने कहा कि 5 से 6 एकड़ में लगी फसल से किसान को एक सीजन में 1 लाख रुपये से ढाई लाख रुपये तक की आमदनी हो जाती है. सब्जी फसल होने की वजह से स्थानीय बाजार में जल्दी बिक जाती है और अच्छी कीमत भी मिलती है. जबकि, कृषि विभाग की मदद मिलने के बाद से शहरों से व्यापारी आकर उनकी उपज खेत से ही खरीदकर ले जाते हैं.