गुजरात से जम्मू-कश्मीर तक पहली बार रेल से पहुंचा अमूल का 1000 टन डेयरी उत्पाद, लोगों को मिलेगी राहत

अब तक जम्मू-कश्मीर में ऐसे उत्पाद ज्यादातर सड़कों के जरिए पहुंचते थे, जिसमें ज्यादा समय लगता था और खर्च भी अधिक होता था. कई बार मौसम या रास्तों की स्थिति के कारण सप्लाई प्रभावित भी हो जाती थी. लेकिन अब ट्रेन के जरिए यह काम आसान हो जाएगा. सामान जल्दी पहुंचेगा, लागत कम होगी और बाजार में चीजों की कमी भी नहीं होगी.

नई दिल्ली | Published: 23 Apr, 2026 | 01:00 PM

Indian Railways Amul milk train: देश के दूर-दराज इलाकों तक जरूरी चीजें पहुंचाने के लिए अब रेलवे एक बड़ा और भरोसेमंद जरिया बनता जा रहा है. इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने एक नई शुरुआत की है. पहली बार गुजरात से जम्मू-कश्मीर तक अमूल के दूध और डेयरी उत्पादों को सीधे ट्रेन के जरिए भेजा गया है. यह कदम न सिर्फ सुविधा बढ़ाने वाला है, बल्कि लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों को समय पर पूरा करने में भी मदद करेगा.

पहली बार रेल से पहुंचा अमूल का सामान

बिजनेस लाइन की खबर के अनुसार, यह खास मालगाड़ी 20 अप्रैल को गुजरात के अहमदाबाद डिवीजन के लिंच गुड्स शेड से रवाना हुई थी. इस ट्रेन में अमूल के दूध और उससे बने कई उत्पाद बड़ी मात्रा में लादे गए थे. यह पहली बार है जब अमूल के उत्पाद इतने बड़े स्तर पर रेल के जरिए जम्मू-कश्मीर तक भेजे गए हैं.

कितना और क्या-क्या पहुंचा

इस ट्रेन में कुल 20 वैगन लगाए गए थे. हर 10 वैगन में करीब 500 टन सामान था, यानी पूरी ट्रेन में लगभग 1000 टन डेयरी उत्पाद भेजे गए. इनमें टोंड दूध, दूध पाउडर, छाछ और लस्सी जैसी रोज इस्तेमाल होने वाली चीजें शामिल थीं. यह सामान दो हिस्सों में बांटा गया एक जम्मू के पास बाड़ी ब्राह्मण और दूसरा दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में पहुंचाया गया.

क्यों जरूरी है यह पहल

अब तक जम्मू-कश्मीर में ऐसे उत्पाद ज्यादातर सड़कों के जरिए पहुंचते थे, जिसमें ज्यादा समय लगता था और खर्च भी अधिक होता था. कई बार मौसम या रास्तों की स्थिति के कारण सप्लाई प्रभावित भी हो जाती थी. लेकिन अब ट्रेन के जरिए यह काम आसान हो जाएगा. सामान जल्दी पहुंचेगा, लागत कम होगी और बाजार में चीजों की कमी भी नहीं होगी.

लोगों और बाजार को होगा फायदा

इस नई व्यवस्था से सबसे ज्यादा फायदा आम लोगों को मिलेगा. दूध और डेयरी उत्पाद आसानी से और समय पर उपलब्ध होंगे. इससे कीमतों पर भी नियंत्रण रहने की उम्मीद है. स्थानीय दुकानदारों और व्यापारियों को भी इससे राहत मिलेगी, क्योंकि उन्हें अब नियमित और भरोसेमंद सप्लाई मिल सकेगी.

पहले भी हुआ था ऐसा प्रयास

यह पहला मौका नहीं है जब रेलवे ने ऐसा कदम उठाया है. इससे पहले अक्टूबर 2025 में गुजरात से अनंतनाग तक करीब 1350 टन औद्योगिक नमक भी ट्रेन से भेजा गया था. उस समय भी इसे कश्मीर के लिए एक बड़ी उपलब्धि माना गया था.

जम्मू डिवीजन के वरिष्ठ वाणिज्यिक प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि यह पहल क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. इससे जम्मू और आसपास के इलाकों में डेयरी उत्पादों की सप्लाई बेहतर होगी और लोगों को समय पर जरूरी सामान मिल सकेगा. उन्होंने यह भी बताया कि रेल के जरिए परिवहन सस्ता और तेज होता है, जिससे ग्राहकों और व्यापारियों दोनों को फायदा मिलेगा.

इस पहल से यह उम्मीद बढ़ गई है कि आने वाले समय में और भी जरूरी सामान इसी तरह ट्रेन के जरिए जम्मू-कश्मीर पहुंचाया जाएगा. इससे पूरे क्षेत्र की सप्लाई व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.

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