MPSC परीक्षा में गड़बड़ी के आरोप, पुणे में हजारों छात्रों का आक्रोश मोर्चा.. अध्यक्ष-सचिव के इस्तीफे की मांग

MPSC Exam Row: MPSC की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा में कथित गड़बड़ी को लेकर पुणे में हजारों प्रतियोगी छात्रों ने आक्रोश मोर्चा निकाला. छात्रों ने ओंकारेश्वर चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक मार्च किया और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग भी उठाई.

नोएडा | Published: 7 Sep, 2026 | 12:57 PM

MPSC Drug Inspector Exam: महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा को लेकर प्रतियोगी परीक्षार्थियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. कथित अनियमितताओं के विरोध में सोमवार, 7 सितंबर को पुणे में बड़ी संख्या में छात्रों ने आक्रोश मोर्चा निकाला. प्रदर्शनकारी छात्रों ने परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग की. छात्रों का कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वे महीनों और कई बार वर्षों तक मेहनत करते हैं. ऐसे में परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी उनके भविष्य और मेहनत दोनों पर असर डाल सकती है. इसी वजह से वे पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.

ओंकारेश्वर चौक से कलेक्टर कार्यालय तक निकला मार्च

पुणे में छात्रों का यह आक्रोश मोर्चा ओंकारेश्वर चौक से जिला कलेक्टर कार्यालय तक निकाला गया. इसमें बड़ी संख्या में प्रतियोगी परीक्षार्थी शामिल हुए. छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिनके जरिए उन्होंने सरकार और MPSC प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया. प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई. छात्रों का कहना है कि परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता बेहद जरूरी है, क्योंकि इसका सीधा संबंध हजारों युवाओं के करियर से होता है.

अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की भी मांग की है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा से जुड़े मामले में गंभीर सवाल उठे हैं और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए. छात्रों की प्रमुख मांग है कि पूरे मामले की ऐसी जांच हो, जिसमें किसी तरह का पक्षपात न हो. उनका कहना है कि जांच के बाद यह साफ होना चाहिए कि कथित गड़बड़ी कैसे हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है.

रोहित पवार और सुप्रिया सुले भी प्रदर्शन में पहुंचे

छात्रों के इस मोर्चे में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) गुट के विधायक रोहित पवार और सुप्रिया सुले भी शामिल हुए. दोनों नेताओं ने काले कपड़े पहनकर छात्रों के विरोध का समर्थन किया. रोहित पवार ने आरोप लगाया कि पैसे कमाने के लिए मेहनती और गरीब छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. उन्होंने कथित पेपर लीक और परीक्षा में दूसरी अनियमितताओं का मुद्दा उठाते हुए MPSC अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग दोहराई.

छात्रों ने रखी जांच और कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए मामले की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए. अगर किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी पहचान कर जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए. छात्र चाहते हैं कि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और उसके नतीजे भी सार्वजनिक किए जाएं. उनका कहना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने वाले युवाओं का भविष्य किसी भी तरह की लापरवाही या कथित अनियमितता की वजह से प्रभावित नहीं होना चाहिए. फिलहाल इस मामले में छात्रों का विरोध तेज हो गया है. अब MPSC और महाराष्ट्र सरकार की ओर से आने वाला आधिकारिक जवाब अहम माना जा रहा है.

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