10 साल में 152 पेपर लीक हुए, 7.5 करोड़ छात्र और परिवारों पर असर.. पर एक भी दोषी नहीं पकड़ा गया- राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि 10 सालों में 152 पेपर लीक होने ससे 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. लेकिन, अब तक एक भी दोषी नहीं पकड़ा गया है. उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों का कांग्रेस समर्थन करती है और उनके साथ सड़क पर प्रदर्शन करेगी.

नोएडा | Updated On: 22 Jul, 2026 | 05:14 PM

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि पिछले 10 साल में 152 पेपर लीक हुए हैं. इन लीक से 7.5 करोड़ छात्र और परिवारों पर असर पड़ा है. लेकिन, यह सरकार अब तक एक भी दोषी को पकड़ नहीं सकी है. राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस पेपर लीक संबंधी आंकड़े पेश किए हैं और केंद्र सरकार को दोषी बताया है. उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सचमुच भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया है. हमारी शिक्षा प्रणाली खत्म कर दी गई है और इसलिए हम छात्रों की मांगों का पूरा सपोर्ट करते हैं.

10 साल में 152 पेपर लीक होने का दावा

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए हैं और एक भी दोषी नहीं पाया गया. यही कारण है कि हमारे युवा विरोध कर रहे हैं. पेपर लीक की समस्या क्यों हो रही है. ऐसा क्यों हो रहा है? हमारे छात्रों ने आखिर ऐसा क्या किया था कि हमारे सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें पीटा. वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे. वे क्राइम में नहीं थे. कई बच्चों ने आत्महत्या की है. यह एक जायज समस्या है.

अब तक एक भी दोषी नहीं पकड़ा गया

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पेपर लीक से जो छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं. ये सभी मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों से आते हैं. वे अपनी मेहनत की कमाई अपने बच्चों की पढ़ाई पर खर्च करते हैं, लेकिन उनके साथ ऐसा व्यवहार किया जाता है मानो उनकी मेहनत और उम्मीदों का कोई मूल्य ही न हो. उन्होंने आगे कहा कि सबसे हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े मामलों के बावजूद एक भी दोषसिद्धि (Conviction) नहीं हुई है. पिछले 10 वर्षों में 152 बार परीक्षा पत्र लीक होने की घटनाएं सामने आई हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि हमारी शिक्षा लोगों की पहुंच से बाहर है. सरकार पूरे देश से टैक्स लेती है और कहती है कि इससे 1.4 लाख करोड़ रुपए शिक्षा में डाले जाएंगे. इसके बाद भारत की शिक्षा व्यवस्था इन परिवारों से कहती है कि हम 1.32 लाख करोड़ रुपए NEET परीक्षा देने के लिए लेंगे. यह सभी छात्रों और उनके परिवारों का अपमान है. यह मध्यम वर्गी और गरीबों के लिए मुश्किल की बात है. शिक्षा के बाद देश का कमिटमेंट होना चाहिए कि हम आपको रोजगार देंगे.

राहुल गांधी ने कहा – छात्रों की कुछ मांगें हैं-

  1. पहली मांग पूरी तरह से जायज़ है कि धर्मेंद्र प्रधान, जो शिक्षा मंत्री के तौर पर फेल हो चुके हैं और भ्रष्ट माने जाते हैं, उन्हें उनकी ड्यूटी से हटा दिया जाना चाहिए। 100% जायज मांग है. इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उन्होंने भारत और दुनिया को दिखा दिया है कि वह इस सिस्टम को चलाने में काबिल नहीं हैं. एक के बाद एक एग्जाम लीक हो रहे हैं.
  2. दूसरी मांग यह है कि जिस एक आदमी ने हमारे स्टूडेंट्स पर उंगली उठाई और इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसे ऑर्डर करने वाले और इसे करने वाले लोग कौन हैं, उन्हें जवाबदेह बनाया जाना चाहिए.
  3. तीसरी बात यह है कि जो आदमी इस पूरे सिस्टम को चला रहा है, जो आदमी आखिरकार इस सब के लिए जवाबदेह है, उसमें इतनी तमीज़ होनी चाहिए कि वह जो हुआ है उसके लिए स्टूडेंट्स से माफी मांगे.

धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा प्रणाली खत्म कर दी

राहुल गांधी ने आगे कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सचमुच भारत की सबसे बड़ी संपत्ति को बर्बाद कर दिया है. हमारी शिक्षा प्रणाली खत्म कर दी गई है और इसलिए हम इन मांगों का पूरा सपोर्ट करते हैं और हम सड़कों पर उतरे हर एक स्टूडेंट का पूरा सपोर्ट करते हैं.

Published: 22 Jul, 2026 | 05:00 PM

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