सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरे राकेश टिकैट, 500 किसानों के साथ पहुंचे जंतर-मंतर
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल आंदोलन को नया समर्थन मिला. राकेश टिकैत 500 किसानों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे, जबकि कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया. प्रदर्शनकारी NEET विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं.
जलवायु कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के समर्थन में चल रहे प्रदर्शन को और मजबूती मिली है. किसान नेता राकेश टिकैत करीब 500 किसानों के साथ जंतर-मंतर पहुंचे और आंदोलन में शामिल हुए. वहीं, मीडिया से बात करते हुए किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि उनका संगठन हमेशा जन आंदोलनों और आंदोलन करने वालों का समर्थन करता है. उन्होंने कहा कि सरकार को भूख हड़ताल पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन सिर्फ भूख हड़ताल से बदलाव नहीं आता. बदलाव तब आता है, जब आंदोलन मजबूत होता है. दरअसल, प्रदर्शनकारी केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जता रहे हैं. साथ ही, नीट (NEET) विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की मांग भी कर रहे हैं.
सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 20वें दिन में पहुंच गई. डॉक्टरों के अनुसार, उनका वजन 9 किलो से अधिक कम हो चुका है, जिससे उनकी सेहत लगातार कमजोर हो रही है. किसान नेता राकेश टिकैत के समर्थन पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने एक्स (X) पर लिखा कि झुकती है सरकार, झुकाने वाला चाहिए! इस बीच, आंदोलन को कई विपक्षी नेताओं और दलों का भी समर्थन मिल गया है. कांग्रेस ने पहली बार आधिकारिक तौर पर सोनम वांगचुक से संपर्क किया और उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की. पार्टी ने भरोसा दिलाया कि वह केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग जारी रखेगी.
सचिन पायलट ने अनशन खत्म करने की अपील की
कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने कहा कि पार्टी सोनम वांगचुक की पीड़ा को समझती है और परीक्षा प्रणाली में हुई गड़बड़ियों के लिए जवाबदेही तय होनी चाहिए. वहीं, कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने भी वांगचुक के आंदोलन का समर्थन करते हुए उनसे अनशन खत्म करने की अपील की. उन्होंने कहा कि पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं ने छात्रों और उनके परिवारों को गहरी परेशानी में डाल दिया है.
कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन को अपना समर्थन देने के लिए किसान नेता राकेश टिकैत जी का मैं तहे दिल से आभार व्यक्त करता हूँ।
20 जुलाई को संसद मार्च में किसानों की भागीदारी इस आंदोलन को और मज़बूती देगी।
जय जवान, जय किसान। pic.twitter.com/8WKONveb6C
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 16, 2026
अरविंद केजरीवाल भी कर चुके हैं समर्थन
खास बात यह है कि सोनम वांगचुक को समर्थन देने वालों में अकेले राकेश टिकैट ही नहीं हैं. दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल तथा समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने भी जंतर-मंतर पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उनके आंदोलन का समर्थन किया है. इस दौरान अरविंद केजरीवाल ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई. उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री के पद के लिए सोनम वांगचुक एक बेहतर विकल्प हो सकते हैं. केजरीवाल ने केंद्र सरकार से प्रदर्शनकारियों की मांगों पर ध्यान देने की अपील की और कहा कि अगर सरकार ने लोगों की बात नहीं सुनी तो उसे भी 2014 में यूपीए सरकार जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.
सांसद डिंपल यादव ने केंद्र से की ये मांग
वहीं, समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार से सोनम वांगचुक के साथ बातचीत शुरू करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले में संवेदनशीलता दिखानी चाहिए और संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए. समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा कि सोनम वांगचुक अपनी भूख हड़ताल कब खत्म करेंगे, इसका फैसला आंदोलन से जुड़े लोग करेंगे.