VB-GRAMG: 15 दिन में नहीं मिला काम तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, मजदूरी में देरी पर भी होगा मुआवजा
VBG Ram G Scheme: केंद्र सरकार ने नई ग्रामीण रोजगार योजना वीबी-जी राम-जी शुरू की है. इस योजना में अब ग्रामीण मजदूरों को साल में 125 दिन रोजगार मिलेगा. सरकार के मुताबिक, काम मांगने के 15 दिन के भीतर रोजगार देना जरूरी होगा, नहीं तो मजदूर को बेरोजगारी भत्ता मिलेगा.
VB G Ram G Yojana: ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने नई रोजगार योजना वीबी-जी राम-जी की शुरुआत कर दी है. इस योजना का शुभारंभ केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आंध्र प्रदेश से किया. इसमें रोजगार के दिनों से लेकर मजदूरी और भुगतान तक कई बड़े बदलाव किए गए हैं. सरकार ने इस योजना में मजदूरों के अधिकारों को और मजबूत किया है. अगर कोई मजदूर काम की मांग करता है, तो प्रशासन को 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा.
15 दिन में काम नहीं मिला तो मिलेगा भत्ता
अब तक मनरेगा के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिन रोजगार की गारंटी मिलती थी. नई वीबी-जी राम-जी योजना में इसे बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है. यानी अब मजदूरों को पहले की तुलना में 25 दिन ज्यादा काम मिलेगा. इसके अलावा अगर कोई मजदूर काम की मांग करता है, तो प्रशासन को 15 दिन के भीतर रोजगार देना अनिवार्य होगा. अगर तय समय के भीतर काम उपलब्ध नहीं कराया गया, तो संबंधित मजदूर को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा. यानी अब रोजगार मांगने के बाद लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा और काम न मिलने की स्थिति में भी आर्थिक मदद मिलेगी.
मजदूरी मिलने में देरी हुई तो मिलेगा ब्याज
नई योजना में सिर्फ रोजगार ही नहीं, बल्कि समय पर मजदूरी मिलने की भी व्यवस्था की गई है. अगर किसी वजह से मजदूरी का भुगतान तय समय पर नहीं होता, तो मजदूर को ब्याज के साथ भुगतान किया जाएगा. इससे मजदूरों को अपनी मेहनत की कमाई के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
अब 300 रुपये से कम नहीं होगी मजदूरी
सरकार ने मजदूरी की न्यूनतम सीमा भी तय कर दी है. नई व्यवस्था के अनुसार, देश के किसी भी राज्य में मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी. आंध्र प्रदेश में इस योजना के तहत मजदूरी की दर 312 से 315 रुपये प्रतिदिन तय की गई है. सरकार का कहना है कि, इससे मजदूरों को उनकी मेहनत के अनुसार बेहतर भुगतान मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी.
योजना पर होगा लाखों करोड़ रुपये का खर्च
सरकार इस योजना पर बड़े स्तर पर निवेश करने जा रही है. पहले ही साल में इस योजना पर करीब 1.51 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसमें 95 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा राशि केंद्र सरकार की ओर से दी जाएगी. सरकार का लक्ष्य है कि, अगले 5 साल में देश की 2.86 लाख ग्राम पंचायतों में इस योजना के तहत करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये खर्च किए जाएं. इससे गांवों में रोजगार के साथ-साथ विकास कार्यों को भी रफ्तार मिलेगी.
ग्रामीण मजदूरों के लिए बड़ी राहत
सरकार का कहना है कि, नई वीबी-जी राम-जी योजना का उद्देश्य सिर्फ रोजगार देना नहीं, बल्कि मजदूरों को आर्थिक सुरक्षा भी देना है. 125 दिन रोजगार की गारंटी, 15 दिन में काम देने का नियम, काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता, मजदूरी में देरी होने पर ब्याज और न्यूनतम 300 रुपये की दैनिक मजदूरी जैसी सुविधाएं इस योजना को पहले की व्यवस्था से अलग बनाती हैं. अगर यह योजना तय नियमों के अनुसार लागू होती है, तो ग्रामीण इलाकों में रोजगार और विकास दोनों को नई गति मिल सकती है.