फर्जी डिग्री से शिक्षक बनकर ग्रामीण इलाकों काट रहे थे मलाई, बर्खास्तगी के साथ वेतन वसूलेगी सरकार

Bihar Teachers Fake Document: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य सतर्कता ब्यूरो की ओर से 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक भर्ती की जांच के बाद की गई है. फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के जरिए नियुक्तियां हासिल करने के आरोपी 3,000 से अधिक सरकारी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

नई दिल्ली | Updated On: 10 Jul, 2026 | 04:57 PM

बिहार में फर्जी डिग्री के आधार पर सरकारी शिक्षक बनने वाले धोखेबाजों पर कार्रवाई की जा रही है. राज्य सरकार ने कहा कि 3 हजार से ज्यादा ऐसे शिक्षक पाए गए हैं, जिनके शैक्षणिक दस्तावेज जाली पाए गए हैं. यह शिक्षक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात हैं. इन शिक्षकों को बर्खास्त करने के साथ ही इनसे पूरा वेतन भी वसूला जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी होगी.

बिहार सरकार ने फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी नौकरी हासिल करने वाले 3,000 से अधिक शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इन शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया जाएगा. साथ ही उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी. वहीं, कई शिक्षकों शिक्षकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और उन्हें आरोपी बनाया गया है.

2006 से 2015 के बीच हुई भर्तियों की जांच में खुलासा

बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि यह कार्रवाई राज्य सतर्कता ब्यूरो की ओर से 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक भर्ती की विस्तृत जांच के बाद की गई है. उन्होंने कहा कि विभाग को फर्जी डिग्री और जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के जरिए नियुक्तियां हासिल करने के आरोपी 3,000 से अधिक सरकारी शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. यह शिक्षक शहरी और ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में तैनात हैं. उन्होंने कहा कि इस मामले की सतर्कता जांच का आदेश नीतीश कुमार ने तब दिया था जब वे मुख्यमंत्री थे.

वेतन और मानदेय के साथ ब्याज की भी होगी वसूली

शिक्षा विभाग शिक्षकों को उनके कार्यकाल के दौरान दिए गए वेतन और मानदेय के साथ-साथ ब्याज की वसूली करेगा. कहा गया कि जांचकर्ताओं ने पाया कि शिक्षकों के रूप में नियुक्त किए गए कई उम्मीदवारों ने फर्जी कॉलेजों द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे और कई अन्य ने शिक्षण पद प्राप्त करने के लिए जाली शैक्षणिक योग्यताओं का इस्तेमाल किया था. जांच के दौरान यह भी पाया गया कि कुछ शिक्षकों ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू होने से पहले ही इस्तीफा दे दिया था. विभाग ऐसे खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

Published: 10 Jul, 2026 | 04:56 PM

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