स्वतंत्रता दिवस समारोह का हिस्सा बनेंगे बढ़ई, लोहार-दर्जी, लाल किले पर महिला शिल्पकार भी पहुंचेंगी

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है.

नोएडा | Updated On: 14 Aug, 2026 | 04:52 PM

केंद्र सरकार हर वर्ष स्वतंत्रता दिवस पर किसानों, ग्रामीण महिलाओं, उद्यमियों और समाज के विकास में अहम योगदान देने वाले लोगों को आमंत्रित करती है. इस बार भी पारंपरिक कार्यों जैसे बढ़ई, दर्जी, लोहार, सोनार आदि से जुड़े लोगों को दिल्ली में लाल किला पर आयोजित होने वाले समारोह के लिए आमंत्रित किया गया है. इसके अलावा महिला शिल्पकारों और महिला उद्यमियों को भी आमंत्रण भेजा गया है.

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों को आमंत्रण

सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय के अनुसार केंद्र सरकार ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र से प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के 100 लाभार्थियों को 15 अगस्त 2026 को दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है. ये लाभार्थी अपने जीवनसाथी या साथी के साथ राष्ट्रीय समारोह में शामिल होंगे. ये आमंत्रित लाभार्थी पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत आने वाले 18 पारंपरिक व्यवसायों से जुड़े हैं. इनमें दर्जी, बढ़ई, सुनार, लोहार, ताला बनाने वाले कारीगर सहित कई अन्य पेशे शामिल हैं.

महिला शिल्पकारों और उद्यमी भी हिस्सा बनेंगी

इन विशेष अतिथियों में अलग-अलग पारंपरिक व्यवसायों से जुड़ी महिलाएं और महिला शिल्पकार भी शामिल हैं. यह उनके आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार में बढ़ती भागीदारी और देश की समृद्ध शिल्पकला व सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण में महिलाओं की भूमिका को मजबूती प्रदान करने में इस योजना के योगदान को दर्शाता है. पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों और महिला शिल्पकारों को विशेष अतिथि के तौर पर बुलाना भारत के पारंपरिक कारीगरों के योगदान को सम्मान देने का अवसर है.

लाभार्थियों का सम्मान और सराहना

पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थियों का सम्मान और सराहना स्वरूप उन्हें स्मृति चिन्ह भी भेंट किए जाएंगे. 14 अगस्त 2026 को दिल्ली स्थित भारतीय लोक प्रशासन संस्थान में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय के अधिकारियों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोज किया गया है. इसमें देश के पारंपरिक शिल्प और सांस्कृतिक विरासत में योगदान के लिए उन्हें सम्मानित किया जाएगा.

पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े हैं 30 लाख कारीगर

पीएम विश्वकर्मा केंद्र सरकार की प्रमुख पहलों में से एक है. इसका उद्देश्य पारंपरिक शिल्पों में लगे कारीगरों और शिल्पकारों को आगे बढ़ने में मदद करना है. इस योजना के तहत कौशल विकास, वित्तीय सहायता आदि दी जाती है. योजना का लक्ष्य कारीगरों के सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना, पारंपरिक शिल्पों को सशक्त करना और स्थायी आजीविका पक्का करना है. इस योजना के तहत 30 लाख पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को पंजीकृत किया गया है.

Published: 14 Aug, 2026 | 04:52 PM

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