India-US Trade Deal: दूध-दही से मसाले तक किसान की मेहनत पूरी तरह सुरक्षित, जानें किन प्रोडक्ट्स पर लगा ‘नो-टैक्स’
Ind-US Trade Deal: भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर सियासत गर्म है, लेकिन इस समझौते में सबसे बड़ी जीत किसानों की मानी जा रही है. जहां अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ घटाकर 18 फीसदी तक करने पर सहमति दी. वहीं भारत ने दूध-दही-घी, अनाज, फल-सब्जी और मसालों जैसे संवेदनशील कृषि सेक्टर को पूरी तरह सुरक्षित रखा.
भारतीय किसानों को सबसे मजबूत सुरक्षा: इस अंतरिम ट्रेड डील में भारत ने साफ संदेश दिया है कि किसान हितों से कोई समझौता नहीं होगा. गेहूं, चावल, मक्का, दालें और अन्य जरूरी फसलें पूरी तरह सुरक्षित रखी गई हैं.
डेयरी सेक्टर पर भारत की ‘रेड लाइन’ बरकरार: अमेरिका के लिए डेयरी बाजार नहीं खोला गया. इससे देश के करोड़ों छोटे दुग्ध उत्पादक किसान और सहकारी डेयरी मॉडल पूरी तरह सुरक्षित रहे.
फल-सब्जियों पर कोई रियायत नहीं: आम, केला, साइट्रस फल, बेरी और शकरकंद जैसी संवेदनशील फसलों पर भारत ने किसी भी तरह की टैरिफ छूट नहीं दी, जिससे बागवानों की आमदनी पर असर नहीं पड़ेगा.
मसाला उद्योग को पूरी ढाल: काली मिर्च, हल्दी, जीरा, धनिया, अदरक, हींग और अन्य भारतीय मसालों के आयात पर कोई छूट नहीं दी गई, जिससे देसी मसाला किसानों और कारोबारियों को संरक्षण मिला.
अमेरिका में भारतीय उत्पाद होंगे सस्ते: इस डील के तहत भारतीय सामानों पर अमेरिकी टैरिफ करीब 18% तक घटेगा, जिससे भारतीय उत्पाद अमेरिका में ज्यादा प्रतिस्पर्धी बनेंगे और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा.
आत्मनिर्भर भारत को वैश्विक ताकत: बिना कृषि हितों से समझौता किए भारत को अमेरिकी बाजार में प्रिफ्रेंशियल एक्सेस मिला है. इससे स्थानीय उत्पादन, रोजगार और आत्मनिर्भर भारत की रणनीति को मजबूती मिलेगी.