Sawan Somwar: 10 अगस्त को बन रहा अद्भुत संयोग! सुबह कामिका एकादशी पारण, शाम को सोम प्रदोष, जानें मुहूर्त
Sawan Somvar Vrat: 10 अगस्त का सावन सोमवार इस बार बेहद खास होने वाला है. इस दिन सुबह कामिका एकादशी के व्रत का पारण होगा, जबकि शाम को सोम प्रदोष व्रत रखा जाएगा. यानी एक ही दिन सुबह भगवान विष्णु और शाम को भगवान शिव की पूजा का विशेष संयोग बन रहा है. जानिए इस दिन से जुड़ी 6 खास बातें और पूजा के जरूरी समय.
10 अगस्त को सावन का दूसरा सोमवार है. इसी दिन त्रयोदशी तिथि पड़ने के कारण सोम प्रदोष व्रत भी रखा जाएगा. सावन सोमवार और प्रदोष का एक साथ आना धार्मिक रूप से विशेष माना जाता है.
कामिका एकादशी का व्रत 9 अगस्त को रखा गया था. इसका पारण 10 अगस्त की सुबह 5:37 बजे से 8:00 बजे तक किया जा सकता है. पारण से पहले भगवान विष्णु की पूजा और तुलसी दल अर्पित करने की परंपरा है.
10 अगस्त को सुबह करीब 8 बजे त्रयोदशी तिथि शुरू होगी. सोमवार के दिन त्रयोदशी पड़ने के कारण इसे सोम प्रदोष कहा जाएगा. यह तिथि 11 अगस्त की सुबह करीब 4:54 बजे तक रहेगी.
सोम प्रदोष के दिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल में की जाती है. रुद्रप्रयाग-ऋषिकेश क्षेत्र के पंचांग के अनुसार पूजा का समय करीब शाम 7:03 बजे से रात 9:11 बजे तक रहेगा. शहर के हिसाब से समय में थोड़ा अंतर हो सकता है.
प्रदोष काल में भगवान शिव का जल या गंगाजल से अभिषेक किया जा सकता है. इसके बाद दूध, दही, शहद आदि से अभिषेक और बेलपत्र, सफेद फूल व धतूरा अर्पित करने की परंपरा है. पूजा के दौरान ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप भी किया जा सकता है.
10 अगस्त को श्रद्धालुओं को सुबह कामिका एकादशी का पारण कर भगवान विष्णु की पूजा करने और शाम को प्रदोष काल में भगवान शिव की आराधना करने का अवसर मिलेगा. इस तरह एक ही दिन दो महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराओं का संयोग बन रहा है.