युवा किसानों को सम्मानित करेगी राज्य सरकार, 10 हजार अन्नदाता को एक लाख नकद देने का टारगेट
CM Award for Excellence in Agriculture : राज्य सरकार इस साल मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत 1,000 प्रगतिशील और शिक्षित किसानों को 1-1 लाख रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित करेगी.
युवा किसानों को खेती में बढ़ावा देने के लिए असम सरकार प्रोत्साहन राशि देगी. असम सरकार ने कहा है कि वह प्रगतिशील किसानों को मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार देकर सम्मानित करेगी. पहले चरण में 1000 किसानों को सम्मानित किया जाएगा. सम्मान राशि के रूप में किसानों को 1 लाख रुपये दिए जाएंगे. सरकार ने 10 हजार किसानों को सम्मानित करने का टारगेट बनाया है. सरकार का उद्देश्य है कि कृषि क्षेत्र में नवाचार और विकास को बढ़ावा दिया जाए, इसके लिए किसानों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूती देना जरूरी है.
मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार में 1 लाख रुपये मिलेंगे
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा कि राज्य सरकार इस साल मुख्यमंत्री कृषि उत्कृष्टता पुरस्कार के तहत 1,000 प्रगतिशील और शिक्षित किसानों को 1-1 लाख रुपए का पुरस्कार देकर सम्मानित करेगी. मीडिया से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल का मकसद पढ़े-लिखे युवाओं को खेती को एक अच्छे और आधुनिक करियर विकल्प के तौर पर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है.
10 हजार किसानों को सम्मानित करने का टारगेट
सीएम ने कि हमें पढ़े-लिखे युवाओं को भी खेती की ओर आकर्षित करना होगा. इसलिए हमने इस साल 1,000 प्रगतिशील और पढ़े-लिखे किसानों को सम्मानित करने का फैसला किया है. पुरस्कार पाने वाले किसानों को खेती-बाड़ी से जुड़ी सरकार की अलग-अलग योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी जाएगी. उन्होंने बताया कि सरकार की योजना इस पहल के तहत अगले पांच साल में 10,000 किसानों को सम्मानित करने की है. यह कार्यक्रम आधुनिक खेती के तरीकों को बढ़ावा देने, खेती से जुड़े रिसर्च को मजबूत करने और उत्पादकता बढ़ाने पर केंद्रित होगा, ताकि किसान ज्यादा आत्मनिर्भर बन सकें.
युवा कल्याण विभाग बनाने की घोषणा
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने युवाओं से जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों को एक ही प्रशासनिक ढांचे के तहत लाने के लिए एक खास ‘युवा कल्याण विभाग’ बनाने की योजना की भी घोषणा की. प्रस्तावित विभाग नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी), नेशनल सर्विस स्कीम (एनएसएस), रोजगार एक्सचेंज और शिक्षा क्षेत्र में युवाओं से जुड़ी पहलों को एक ही छत के नीचे लाएगा. उम्मीद है कि इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के आसपास यानी 17 सितंबर को लॉन्च किया जाएगा.
खेती से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए प्रोजेक्ट सद्भावना
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार 2 अक्टूबर से 31 जनवरी तक ‘प्रोजेक्ट सद्भावना 2’ शुरू करेगी, जिसका मकसद पेंडिंग सरकारी फाइलों की पहचान करना और उन्हें निपटाना है. इससे ग्रामीणों के खेती से जुड़े और अन्य लंबित मामलों का निपटारा तेज होगा. अलग-अलग विभागों, डायरेक्टरेट और डिप्टी कमिश्नर के दफ्तरों में तीन लाख से अधिक फाइलें पेंडिंग हैं. एक खास पोर्टल के जरिए नागरिक पेंडिंग मामलों की जानकारी दे सकेंगे, जिन्हें फिर कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों के पास भेजा जाएगा. 2021 में पिछली बार यह काम मैन्युअल तरीके से किया गया था, जबकि मौजूदा मुहिम में पेंडिंग मामलों को बेहतर ढंग से ट्रैक और एनालाइज करने के लिए ई-फाइल सिस्टम का इस्तेमाल किया जाएगा.