खेती-किसानी के लिए 5 राज्यों को करोड़ों का फंड मंजूर, बीज-यंत्र और डिजिटल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर 'टीम इंडिया' के रूप में काम कर रही हैं ताकि हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, यंत्रीकरण और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं पहुंच सकें. उन्होंने राज्यों को फंड के सदुपयोग करने को कहा और किसानों के हित में वित्तीय मदद की कमी नहीं आने का भरोसा दिया.

नोएडा | Updated On: 1 Sep, 2026 | 08:16 PM

केंद्र सरकार ने खेती और किसान की खुशहाली के लिए 5 राज्यों को करोड़ों का फंड मंजूर किया है. यह राशि उन्नत बीज, कृषि यंत्र और फसल पैदावार और टिकाऊ खेती समेत डिजिटल कृषि सेवाओं में तेजी लाने पर खर्च की जाएगी. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि टीम इंडिया भावना से कृषि क्षेत्र संवरेगा और इसके लिए राज्यों को आपसी समन्वय के साथ कृषि योजनाओं को लागू करने और किसानों तक पहुंचाने में सक्रियता दिखानी होगी.

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंगलवार को पांच राज्यों उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु और त्रिपुरा के कृषि मंत्रियों के साथ बैठक की. इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और कृषि में आधुनिक तकनीकों के विस्तार के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना (KY) के तहत कुल 1,183.11 करोड़ रुपए की दूसरी मदर सैंक्शन जारी करने की मंजूरी दी.

हर खेत तक पानी, बीज, यंत्र और डिजिटल सुविधाएं की पहुंच

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि हमारे किसान देश की आत्मा और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर ‘टीम इंडिया’ के रूप में काम कर रही हैं ताकि हर खेत तक पानी, उन्नत बीज, यंत्रीकरण और आधुनिक डिजिटल सुविधाएं पहुंच सकें. उन्होंने राज्यों द्वारा योजनाओं के क्रियान्वयन और फंड के सदुपयोग पर कहा कि किसानों के हित में किसी भी संसाधन या वित्तीय मदद की कमी नहीं आने दी जाएगी.

​आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु को 750 करोड़ जारी

आंध्र प्रदेश को PM-RKVY के तहत 296.09 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के तहत 113.31 करोड़ रुपए, कुल 409.40 करोड़ रुपए की दूसरी किस्त मंजूर की गई. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राज्य में ‘पर ड्रॉप मोर क्रॉप’ (PDMC) और कृषि यंत्रीकरण में बेहतरीन प्रदर्शन की सराहना की. वहीं, केंद्र की ओर से तमिलनाडु को कुल 355.88 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. इसमें PM-RKVY योजना के लिए 251.79 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के लिए 104.09 करोड़ रुपए शामिल हैं.

​ओडिशा और त्रिपुरा को 300 करोड़ से ज्यादा जारी

केंद्र ने ओडिशा के लिए 219.65 करोड़ रुपए जारी किए हैं. इसमें PM-RKVY के लिए 117.94 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के लिए 101.71 करोड़ रुपए शामिल हैं. राज्य की ओर से कृषि यंत्रीकरण (SMAM) और कृषि विस्तार में फंड के प्रभावी उपयोग को सराहा गया. इसी तरह ​त्रिपुरा के लिए PM-RKVY योजना के तहत 36.51 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के लिए 55.00 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. इस राशि से राज्य में बांस मिशन, ऑयल पाम और कृषि यंत्रीकरण को मजबूती मिलेगी.

​उत्तराखंड को 106.67 करोड़ मिले

पहाड़ी राज्य उत्तराखंड को कृषि अधोसंरचना और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए 106.67 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं. इसमें PM-RKVY के लिए 65.78 करोड़ रुपए और कृषोन्नति योजना के लिए 40.89 करोड़ रुपए शामिल हैं. राज्य ने परंपरागत कृषि विकास योजना (PKVY) और बागवानी (MIDH) में उल्लेखनीय प्रगति साझा की.

इस राशि का किसानों को सीधे मिलेगा लाभ

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह की ओर से इन मंजूरियों से राज्यों में ​सूक्ष्म सिंचाई (Per Drop More Crop), पानी की बचत और पैदावार में वृद्धि के साथ ही ​कृषि यंत्रीकरण (SMAM) के तहत छोटे किसानों को आधुनिक यंत्रों पर सब्सिडी मिलेगी. डिजिटल एग्रीकल्चर व सॉइल हेल्थ, दलहन, तिलहन व बागवानी मिशन के तहत फसलों के विविधीकरण से किसानों की जेब में अधिक मुनाफा पक्का हो सकेगा.

Published: 1 Sep, 2026 | 08:12 PM

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