धान से सोयबीन और मूंग तक.. 600 रुपये में कराएं बीमा, नुकसान होने पर मिलेंगे 1.5 लाख रुपये

PM Fasal Bima Yojana Madhya Pradesh: कृषि विभाग ने खरीफ मौसम में उड़द और मूंग समेत कई फसलों का बीमा कराने के लिए किसानों से अपील की है. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा.

नोएडा | Published: 19 Jul, 2026 | 06:00 PM

खरीफ मौसम 2026 में अनियमित मानसून, कम या अधिक वर्षा तथा अन्य प्रतिकूल मौसमीय परिस्थितियों से फसलों को होने वाले संभावित नुकसान से किसानों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत 31 जुलाई 2026 तक फसल बीमा कराया जा सकता है. मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने फसल बीमा की शुरुआत कर दी है. कृषि विभाग ने जिले के सभी किसानों से समय रहते अपनी फसलों का बीमा कराने की अपील की है.

छतरपुर जिले के कलेक्टर पार्थ जैसवाल की अध्यक्षता में 16 जुलाई को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कृषि विभाग एवं फसल बीमा कंपनी के मैदानी अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस वर्ष विशेष रूप से अऋणी किसानों को प्राथमिकता के आधार पर योजना की जानकारी देकर उनका फसल बीमा कराया जाए. इसके साथ ही ऋणी किसानों की सूची तैयार कर बैंकों के माध्यम से भी निर्धारित समय-सीमा में बीमा सुनिश्चित किया जाए.

छतरपुर जिले के उप संचालक कृषि अनिल मिश्रा ने बताया कि खरीफ मौसम में जिले के लिए उड़द एवं मूंग संपूर्ण जिले में, तिल, मूंगफली एवं ज्वार तहसील स्तर पर तथा सोयाबीन, अरहर और धान पटवारी हल्का स्तर पर अधिसूचित फसलें हैं. उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत किसानों को बीमित राशि का केवल 2 प्रतिशत प्रीमियम देना होगा.

किस फसल के लिए कितना देना होगा प्रीमियम

प्रति हेक्टेयर प्रीमियम राशि सोयाबीन 870 रुपये, उड़द 590 रुपये, मूंग 546 रुपये, तिल 504 रुपये, मूंगफली 888 रुपये, अरहर 638 रुपये, मक्का 760 रुपये, सिंचित धान 924 रुपये तथा असिंचित धान 610 रुपये निर्धारित की गई है. फसल नुकसान होने की दशा में 1 लाख से डेढ़ लाख रुपये से अधिक मुआवजा राशि का भुगतान किया जाएगा. फसल और नुकसान आकलन के बाद यह रकम भिन्न भी हो सकती है.

भूमि अभिलेख, बुवाई प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड एवं बैंक खाते की जानकारी के साथ किसी भी सीएससी सेंटर, लोक सेवा केंद्र, कंप्यूटर कैफे या स्वयं ऑनलाइन प्रधानमंत्री फसल बीमा पोर्टल के माध्यम से 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं.

हेल्पलाइन पर संपर्क करें किसान

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि फसलों को प्राकृतिक आपदा, अल्पवर्षा या अतिवृष्टि से नुकसान होने पर तत्काल टोल फ्री नंबर 14447 पर सूचना दें तथा 72 घंटे के भीतर पंचनामा सहित संबंधित बीमा कंपनी के समक्ष दावा प्रस्तुत करें. अधिक जानकारी के लिए किसान अपने विकासखंड के कृषि विभाग, क्षेत्रीय कृषि विस्तार अधिकारी अथवा बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों से संपर्क कर सकते हैं.

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