3.16 लाख डेयरी किसानों के लिए बड़ी घोषणा, 4 साल बाद दूध खरीद मूल्य बढ़ाया गया
Dairy Cooperative Milk Price Hike: तमिलनाडु सरकार ने राज्य सहकारी संघ के तहत खरीदे जाने वाले दूध का भाव बढ़ाने का ऐलान किया है. सीएम विजय ने इसके संबंध में लेटर जारी कर दिया है. उन्होंने पिछली सरकारों पर खरीद मूल्य नहीं बढ़ाने पर आलोचना की और डेयरी किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाया.
तमिलनाडु सरकार ने राज्य सहकारी संघ के तहत खरीदे जाने वाले दूध का भाव बढ़ाने का ऐलान किया है. सीएम विजय ने विधानसभा अध्यक्ष को सरकार के फैसले संबधी भेजी चिट्ठी में कहा है कि राज्य सरकार किसानों को सही कीमत दिलाने के लिए दूध खरीद मूल्य बढ़ा रही है. बता दें कि राज्य में 8 हजार से ज्यादा दूध समितियां हैं और इनको 3.16 लाख से ज्यादा किसान को दूध बेचते हैं. सरकार के दूध खरीद भाव को बढ़ाने से इन किसानों को लाभ पहुंचेगा.
4 साल बाद दूध खरीद भाव बढ़ाया गया
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय ने आज विधानसभा में नियम नंबर 110 के तहत मिल्क प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव सोसाइटीज के लिए दूध खरीद कीमत में बढ़ोतरी की घोषणा की है. फैसले संबंधी चिट्ठी भी उन्होंने विधानसभा अध्यक्ष को भेज दी है. मुख्यमंत्री ने विधानसभा में कहा कि बीते 4 साल से दूध खरीद कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं. जबकि, दूध किसान खरीद मूल्य बढ़ाने की मांग करते आ रहे हैं. किसानों की मांग को पूरी करते हुए अब टीवीके सरकार ने दूध मूल्य 38 रुपये से बढ़ाकर 41 रुपये कर दिया है.
दूध खरीद पर 1 रुपये और प्रोत्साहन बढ़ाकर 5 रुपये किया
सरकार ने कोऑपरेटिव के जरिए दूध की खरीद कीमत 1 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला किया है और सरकारी इंसेंटिव भी 3 रुपये से बढ़ाकर 5 रुपये कर दिया है, जिससे प्रति लीटर कुल खरीद कीमत 38 रुपये से बढ़कर 41 रुपये हो गई है. इस फैसले से 3,16,000 से ज्यादा दूध प्रोड्यूसर को फायदा होगा जो प्राइमरी दूध प्रोड्यूसर कोऑपरेटिव को दूध सप्लाई करते हैं.
सरकार पर 30 करोड़ रुपये महीने का बोझ बढ़ेगा
सीएम ने कहा कि खरीद मूल्य में बढ़ोत्तरी के बाद सरकार के ऊपर प्रति माह 30 करोड़ रुपये और सालाना 360 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च आएगा. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में 8,800 मिल्क कोऑपरेटिव में 3.16 लाख दूध उत्पादकों से रोजाना 34 लाख लीटर दूध खरीदा जाता है और सहकारी दूध संघ Aavin के जरिए रोजाना 31 लाख लीटर दूध कंज्यूमर को बेचा जाता है.
नई दूध खरीद कीमत.
पिछली सरकारों पर उपेक्षा का आरोप लगाया
सीएम विजय ने कहा कि पिछली सरकार ने मजदूरों की मजदूरी समेत बढ़ती लागतों पर ठीक से ध्यान नहीं दिया. दूध उत्पादक के लिए खरीद कीमत बढ़ाने का इन लोगों का जरा भी इरादा नहीं था. जबकि पहले खरीद कीमत सही हद तक नहीं बढ़ाई गई थी, हमारी सरकार का यह फर्ज है कि वह दूध प्रोड्यूसर्स की भलाई और रोजी-रोटी को ध्यान में रखते हुए, उनकी मेहनत की सही कीमत देते हुए खरीद कीमत बढ़ाए, भले ही हमारी सरकार इस गंभीर फ़ाइनेंशियल संकट का सामना कर रही हो.