तेलंगाना सरकार ने किसानों को दी बड़ी राहत, MSP पर होगी ज्वार और सूरजमुखी की खरीद
राज्य सरकार का कहना है कि अगर MSP पर खरीद नहीं की जाती तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता. कई किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे थे. इसलिए सरकार ने बाजार में दाम गिरने के बावजूद किसानों को MSP का लाभ देने का फैसला लिया है. सरकार ने यह भी साफ किया कि केंद्र सरकार MSP पर खरीद के लिए सिर्फ 25 प्रतिशत सीमा तय करती है.
Telangana MSP procurement: तेलंगाना सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए ज्वार और सूरजमुखी की फसलों की सरकारी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP पर करने का फैसला लिया है. बाजार में इन फसलों के दाम लगातार गिरने से किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा था. ऐसे में राज्य सरकार ने खुद आगे आकर किसानों की फसल खरीदने का निर्णय लिया है. इसके साथ ही सरकार ने मक्का खरीद का दायरा भी बढ़ा दिया है ताकि किसानों को अपनी उपज का सही दाम मिल सके.
कृषि मंत्री तुम्मला नागेश्वर राव ने कहा कि राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से MSP पर खरीद के लिए आर्थिक मदद मांगी थी, लेकिन सकारात्मक जवाब नहीं मिला. इसके बाद तेलंगाना सरकार ने किसानों के हित में खुद खरीद प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया.
MSP से काफी नीचे चल रहे बाजार भाव
राज्य में इस समय मक्का, ज्वार और सूरजमुखी के बाजार भाव MSP से काफी नीचे पहुंच गए हैं. मक्का का MSP 2400 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन बाजार में किसान इसे करीब 1700 रुपये प्रति क्विंटल पर बेचने को मजबूर हैं. इसी तरह हाइब्रिड ज्वार का MSP 3699 रुपये प्रति क्विंटल तय है, जबकि बाजार में इसकी कीमत करीब 2000 रुपये प्रति क्विंटल तक गिर गई है.
सूरजमुखी की हालत भी कुछ ऐसी ही है. सूरजमुखी का MSP 7721 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन बाजार में इसका भाव लगभग 5376 रुपये प्रति क्विंटल चल रहा है. ऐसे में किसानों को भारी नुकसान हो रहा था.
सरकार ने बढ़ाया खरीद अभियान
तेलंगाना सरकार ने मक्का खरीद के लिए अतिरिक्त 1867.77 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी मंजूर की है. इसके बाद इस सीजन में कुल खर्च करीब 6000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा. सरकार के मुताबिक रबी सीजन 2025-26 में राज्य में करीब 43 लाख टन मक्का उत्पादन का अनुमान है.
कृषि मंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही मार्केटिंग फेडरेशन को 4173 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी दे चुकी है. अब तक करीब 13 लाख टन मक्का खरीदा जा चुका है और सरकार ने अतिरिक्त 6.5 लाख टन मक्का खरीदने का फैसला लिया है.
किसानों को घाटे से बचाने की कोशिश
राज्य सरकार का कहना है कि अगर MSP पर खरीद नहीं की जाती तो किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता. कई किसान अपनी लागत तक नहीं निकाल पा रहे थे. इसलिए सरकार ने बाजार में दाम गिरने के बावजूद किसानों को MSP का लाभ देने का फैसला लिया है.
सरकार ने यह भी साफ किया कि केंद्र सरकार MSP पर खरीद के लिए सिर्फ 25 प्रतिशत सीमा तय करती है, लेकिन तेलंगाना सरकार किसानों को राहत देने के लिए इस सीमा से आगे जाकर खरीद करेगी.
ज्वार और सूरजमुखी उत्पादकों को राहत
राज्य में ज्वार का उत्पादन करीब 4 लाख टन होने का अनुमान है. सरकार ने कहा है कि ज्वार खरीद पर लगभग 1100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इससे किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलेगा. वहीं सूरजमुखी किसानों को भी MSP का लाभ मिलेगा. लगातार गिरते दामों की वजह से किसान परेशान थे और उन्हें अपनी उपज सस्ते दामों पर बेचनी पड़ रही थी. अब सरकारी खरीद शुरू होने से किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है.
किसानों में बढ़ी उम्मीद
सरकार के इस फैसले के बाद किसानों में राहत और उम्मीद का माहौल है. किसान संगठनों का कहना है कि MSP पर खरीद शुरू होने से किसानों को बाजार में होने वाले नुकसान से बचाया जा सकेगा. साथ ही किसानों की आय को भी सहारा मिलेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर दूसरी राज्य सरकारें भी इसी तरह कदम उठाएं तो किसानों को फसलों के गिरते दामों से काफी राहत मिल सकती है. तेलंगाना सरकार का यह फैसला किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.