CM ने दिए निर्देश, प्याज की खेती को मिलेगा बढ़ावा, बागवानी पर भी सरकार का पूरा फोकस
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल में उन्नत किस्मों के प्याज, बागवानी फसलों और ड्रिप सिंचाई को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत, जल संरक्षण, भूजल स्तर बढ़ाने और किसानों को बेहतर बीज व कृषि सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके.
Onion Farming: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे कुरनूल जिले के किसानों को उन्नत किस्म के प्याज की खेती के लिए प्रोत्साहित करें. उन्होंने कहा कि कुरनूल में पहले से प्याज उत्पादन का अनुभव रहा है, इसलिए यहां आधुनिक और बेहतर किस्मों की खेती को बढ़ावा दिया जा सकता है. साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले में बागवानी को बढ़ा देने की जरूरत है. उन्होंने अधिकारियों को आम, अमरूद की खेती के साथ-साथ ड्रिप सिंचाई को भी बढ़ावा देने के निर्देश दिए.
दरअसल, समीक्षा बैठक के दौरान नायडू ने कृषि और विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए और किसानों की आय बढ़ाने के लिए बेहतर कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि कुरनूल जिले में बागवानी फसलों का रकबा काफी बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने विशेष रूप से पट्टीकोंडा विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि यहां बागवानी खेती का स्तर बहुत कम है, इसलिए इसे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए.
बागवानी को भी मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ड्रिप सिंचाई के साथ-साथ आम, अमरूद और अन्य स्थायी बागवानी फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जाए. नायडू ने कहा कि जिले में प्याज की खेती का अच्छा अनुभव रहा है, इसलिए किसानों को उन्नत किस्मों के प्याज की खेती के लिए जागरूक किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर कृषि विकास को नई गति दी जा सकती है. साथ ही किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों और बेहतर खेती पद्धतियों को बढ़ावा देना जरूरी है.
सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत पर खर्च होंगे 100 करोड़
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुरनूल जिले में सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत और जल संरक्षण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. जल संसाधन मंत्री निम्मला रामानायडू ने बैठक में बताया कि सिंचाई परियोजनाओं की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपये की आवश्यकता है. इस पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तुरंत काम शुरू करने और अगले छह महीने के भीतर पूरा करने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि ‘जलधारा-जलहारती’ योजना के तहत जिले के 246 तालाबों से जुड़े सभी कार्य इसी सीजन में पूरे किए जाएं. साथ ही भूजल स्तर बढ़ाने के लिए चेक डैमों की मरम्मत, कंटूर ट्रेंच जैसे जल संरक्षण कार्यों को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भूजल स्तर में लगभग तीन मीटर तक सुधार हो सके.
भूजल स्तर बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार हो
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से क्षेत्रवार स्थिति का अध्ययन कर तकनीकी उपायों के जरिए भूजल स्तर बढ़ाने की कार्ययोजना तैयार करने को कहा. इसके अलावा उन्होंने गड्ढामुक्त सड़कों का निर्माण सुनिश्चित करने और लोगों को पर्याप्त एवं स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि जिले में किसानों को यूरिया और बीज की उपलब्धता को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के बीच ‘सीड ऐप’ के बारे में जागरूकता बढ़ाई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि उन्हें बीज या कृषि संबंधी किसी भी सुविधा में परेशानी न हो.
विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने पिछड़ा वर्ग (बीसी) और अनुसूचित जाति (एससी) छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके समग्र विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा. उन्होंने जिले में भूमि पुनः सर्वेक्षण (री-सर्वे) को लेकर बढ़े जनसंतोष की सराहना करते हुए अधिकारियों की प्रशंसा की. नायडू ने कहा कि प्रशासन पर लोगों का भरोसा और मजबूत करने के लिए अधिकारियों को बेहतर सेवाएं देनी चाहिए. उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम कर बेहतर परिणाम हासिल करने के निर्देश दिए.