63 फीसदी बढ़ा दूध उत्पादन, अब श्वेत क्रांति 2.0 की बारी! किसानों के लिए खुलेंगे कमाई के नए रास्ते

डेयरी क्षेत्र को ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण और किसानों की आय बढ़ाने का मजबूत माध्यम बताया गया है. सरकार अब स्थायी डेयरी मॉडल, सहकारी समितियों के विस्तार और नई तकनीकों पर जोर दे रही है. इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ किसानों और महिलाओं को नए अवसर मिलने की उम्मीद है.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 31 May, 2026 | 03:31 PM

Dairy Sector: केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा है कि भारत का डेयरी क्षेत्र ग्रामीण विकास, पोषण सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन चुका है. नई दिल्ली में आयोजित डेयरी क्षेत्र में स्थिरता और चक्रीयता पर राष्ट्रीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है. उन्होंने कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है और इससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है.

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में अहम योगदान

अमित शाह ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिला सशक्तिकरण  का भी एक प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है. उनके अनुसार, डेयरी गतिविधियों से जुड़े कुल कार्यबल में लगभग 62 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं. इससे ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार और आय के अवसर मिल रहे हैं. उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधार रही है, बल्कि सामाजिक बदलाव का भी कारण बन रही है. डेयरी सहकारी समितियों में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ग्रामीण विकास को नई दिशा दे रही है.

श्वेत क्रांति 2.0 के लिए स्थिरता पर जोर

कार्यशाला में अमित शाह ने श्वेत क्रांति 2.0 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए स्थायी और पर्यावरण अनुकूल डेयरी प्रणाली अपनाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि डेयरी उद्योग को आर्थिक विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण  को भी प्राथमिकता देनी होगी. उन्होंने देश के 80 प्रतिशत जिलों में डेयरी यूनियनों के विस्तार का सुझाव दिया ताकि अधिक किसानों को सहकारी व्यवस्था से जोड़ा जा सके. इससे दूध खरीद, किसानों की भागीदारी और ग्रामीण विकास को और मजबूती मिलेगी. उन्होंने डेयरी क्षेत्र में चक्रीय अर्थव्यवस्था मॉडल को बढ़ावा देने की आवश्यकता भी बताई.

गोबर आधारित अर्थव्यवस्था और बढ़ा दूध उत्पादन

अमित शाह ने पशुओं के अपशिष्ट, विशेषकर गोबर के बेहतर उपयोग  पर भी जोर दिया. उन्होंने सुझाव दिया कि जिला दुग्ध संघ और ग्राम डेयरी सहकारी समितियां गोबर संग्रह और उसके उपयोग को बढ़ावा दें. इससे बायोगैस, जैविक खाद और अन्य उपयोगी उत्पाद तैयार किए जा सकते हैं. वहीं केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (Rajiv Ranjan Singh) ने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश के दूध उत्पादन में 63 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है. उन्होंने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बना हुआ है और सरकार का लक्ष्य किसानों की आय बढ़ाने के साथ डेयरी क्षेत्र को और अधिक टिकाऊ बनाना है.

विशेषज्ञों का मानना है कि डेयरी उत्पादन  को नवीकरणीय ऊर्जा, बायोगैस और जैविक खाद जैसे क्षेत्रों से जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकता है. भारत में डेयरी क्षेत्र के अगले चरण का फोकस उत्पादकता बढ़ाने, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और किसानों की आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करने पर रहेगा.

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Published: 31 May, 2026 | 03:31 PM

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