बारिश से बर्बाद 4 हजार हेक्टेयर फसल का मुआवजा मंजूर, पीड़ित किसानों को मिलेंगे 33 करोड़ रुपये

Crop Damage Compensation: भारी बारिश और जलभराव से फसल गंवाने वाले दिल्ली के किसानों के लिए सरकार ने राहत का ऐलान किया है. राज्य सरकार ने किसानों के लिए सहायता राशि को मंजूरी दे दी है.

Saurabh Sharma
नई दिल्ली | Updated On: 17 Jul, 2026 | 08:10 PM

दिल्ली में भारी बारिश और जलभराव से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सरकार ने बड़ा राहत पैकेज मंजूर किया है. वर्ष 2025 के अगस्त और सितंबर महीने में हुई अत्यधिक बारिश के कारण जिन किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं, उन्हें आर्थिक सहायता देने के लिए दिल्ली सरकार ने 33.31 करोड़ रुपये से अधिक की अनुग्रह राशि स्वीकृत की है. सरकार के इस फैसले से हजारों प्रभावित किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.

4,442 हेक्टेयर से ज्यादा प्रभावित जमीन के लिए मंजूर हुई सहायता

दिल्ली सरकार के अनुसार, भारी बारिश और खेतों  में लंबे समय तक पानी जमा रहने से जिन कृषि क्षेत्रों में 100 प्रतिशत फसल नुकसान हुआ था, उनका सर्वे कराया गया. इसके बाद 4,442.41 हेक्टेयर से अधिक प्रभावित कृषि क्षेत्र को राहत योजना के दायरे में शामिल किया गया है. प्रभावित किसानों को 75,000 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता राशि दी जाएगी. यह रकम अगले महीने से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने राजस्व विभाग और सभी संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत वितरण की प्रक्रिया में किसी तरह की देरी न हो.

जिलों के हिसाब से बांटी गई राहत राशि

दिल्ली सरकार ने अलग-अलग क्षेत्रों के लिए सहायता राशि का विवरण भी जारी किया है. इसके तहत अलीपुर (नरेला) क्षेत्र में 364.74 हेक्टेयर प्रभावित जमीन  के लिए 2.74 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई है. वहीं बुराड़ी के 17.33 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 13 लाख रुपये, पंजाबी बाग (मुंडका) के 51.50 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 38.63 लाख रुपये और विकासपुरी के 26.55 हेक्टेयर क्षेत्र के लिए 19.92 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं. इसके अलावा कंझावला क्षेत्र के मुंडका और बवाना में प्रभावित कृषि भूमि के लिए क्रमशः 8.70 करोड़ रुपये और 4.49 करोड़ रुपये की सहायता राशि मंजूर हुई है. रोहिणी (मुंडका) के लिए 1.03 करोड़ रुपये, कापसहेड़ा (मटियाला) के लिए 4.69 करोड़ रुपये और नजफगढ़ क्षेत्र के लिए 9.98 करोड़ रुपये की सहायता राशि तय की गई है.

मुख्यमंत्री बोलीं-किसानों के नुकसान की भरपाई का प्रयास

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि प्राकृतिक आपदा  के कारण किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था. सरकार की यह सहायता उनके नुकसान को कम करने और उन्हें दोबारा खेती के लिए मजबूत बनाने की दिशा में एक प्रयास है. उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार किसानों के साथ हर परिस्थिति में खड़ी है और राहत राशि पूरी पारदर्शिता के साथ पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाई जाएगी. प्रभावित क्षेत्रों में फसल नुकसान का आकलन पूरी प्रक्रिया के तहत किया गया है.

केवल पात्र किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

सरकार ने राहत राशि के लिए पात्रता नियम भी तय किए हैं. इस योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जो संबंधित भूमि के पंजीकृत या रिकॉर्डेड मालिक हैं और जिनकी फसल अगस्त-सितंबर 2025 की भारी बारिश और जलभराव के कारण खराब हुई थी. वहीं कॉरपोरेट कंपनियों  के स्वामित्व वाली जमीन, गांव सभा की भूमि पर की जाने वाली खेती और पक्की बाउंड्री वॉल वाले फार्म हाउस जैसे क्षेत्रों को इस सहायता योजना से बाहर रखा गया है. दिल्ली सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक मदद केवल वास्तविक और प्रभावित किसानों तक पहुंचे.

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Published: 17 Jul, 2026 | 07:08 PM