मानसून में दुधारू पशुओं पर बढ़ा गलघोंटू रोग का खतरा, बिहार सरकार ने जारी की जरूरी सलाह

बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने मानसून में फैलने वाले गलघोंटू रोग को लेकर पशुपालकों को सतर्क किया है. विभाग के अनुसार यह बीमारी दुधारू पशुओं के लिए खतरनाक साबित हो सकती है. सरकार ने समय पर टीकाकरण, साफ-सफाई और संक्रमित पशुओं को अलग रखने की सलाह दी है ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके.

Saurabh Sharma
नोएडा | Published: 11 Jul, 2026 | 06:00 AM

Animal Health: बिहार में मानसून शुरू होते ही दुधारू पशुओं में बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग ने पशुपालकों को गलघोंटू रोग को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है. पशुपालन निदेशालय के अनुसार यह बीमारी गीले और गर्म मौसम में तेजी से फैलती है. ये गाय, भैंस और दूसरे दुधारू पशुओं के लिए खतरनाक मानी जाती है. समय पर इलाज नहीं मिलने पर पशु की मौत भी हो सकती है. विभाग ने कहा है कि पशुपालक मानसून से पहले ही जरूरी सावधानी बरतें ताकि बीमारी फैलने से रोकी जा सके.

तेज बुखार और सूजन हैं इसके मुख्य लक्षण

गलघोंटू रोग दुधारू  पशुओं के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है. इस बीमारी में पशु को अचानक तेज बुखार हो जाता है और उसे सांस लेने में दिक्कत होने लगती है. इसके साथ ही गर्दन और जबड़े के आसपास सूजन दिखाई देती है. संक्रमित पशु धीरे-धीरे खाना कम कर देता है और दूध उत्पादन भी घटने लगता है. कई मामलों में पशु पूरी तरह दूध देना बंद कर देता है. पशु विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. समय पर इलाज और देखभाल से बीमारी को गंभीर होने से रोका जा सकता है और दूसरे पशुओं को भी सुरक्षित रखा जा सकता है.

मानसून से पहले टीकाकरण जरूरी

बिहार सरकार के पशुपालन विभाग ने दुधारू पशुओं को गलघोंटू रोग से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण  कराने की सलाह दी है. विभाग के अनुसार मानसून के मौसम में यह बीमारी तेजी से फैलती है, इसलिए बारिश शुरू होने से पहले सभी पशुओं को टीका लगवाना जरूरी है. सरकार कई जिलों में विशेष टीकाकरण अभियान भी चला रही है ताकि ज्यादा से ज्यादा पशुपालकों तक सुविधा पहुंच सके. पशु चिकित्सकों का कहना है कि टीकाकरण से पशुओं की रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ती है और संक्रमण का खतरा कम होता है. विभाग ने पशुपालकों से लापरवाही न करने की अपील की है.

साफ-सफाई से रोका जा सकता है संक्रमण

विभाग के अनुसार पशुओं के रहने की जगह हमेशा साफ और सूखी रखनी चाहिए. गंदगी और नमी से संक्रमण तेजी से फैलता है. अगर कोई पशु बीमार हो जाए तो उसे तुरंत दूसरे पशुओं से अलग कर देना चाहिए. इससे बीमारी फैलने का खतरा कम हो जाता है. पशुपालन विभाग ने कहा है कि साफ पानी, संतुलित आहार और नियमित देखभाल  से पशुओं को कई बीमारियों से बचाया जा सकता है. मानसून में विशेष सावधानी रखना बेहद जरूरी है.

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Published: 11 Jul, 2026 | 06:00 AM

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