Tip Of The Day: धान में घास ने बढ़ाई किसानों की चिंता, सही समय पर करें यह स्प्रे, मिलेगा बंपर उत्पादन
Dhan Ki Kheti: धान की सीधी बुवाई (DSR) करने वाले किसानों के लिए इस समय सबसे बड़ी चुनौती खरपतवार बन चुके हैं. अगर इन्हें समय रहते नहीं रोका गया, तो ये फसल से खाद, पानी और पोषक तत्व छीनकर पैदावार को आधा तक घटा सकते हैं. अच्छी बात यह है कि सही समय पर सही खरपतवारनाशक और वैज्ञानिक तरीका अपनाकर इस समस्या पर आसानी से काबू पाया जा सकता है. आइए जानते हैं वे 6 जरूरी बातें, जिन्हें अपनाकर किसान अपनी DSR धान की फसल को खरपतवार से बचा सकते हैं और बेहतर उत्पादन हासिल कर सकते हैं.
धान की सीधी बुवाई (DSR) में शुरुआत में खेत खाली रहने के कारण खरपतवार तेजी से उगते हैं. ये धान के पौधों से खाद, पानी और धूप छीन लेते हैं, जिससे पैदावार पर बड़ा असर पड़ता है.
बुवाई के 20 से 25 दिन बाद खरपतवार नियंत्रण का सबसे सही समय होता है. इस दौरान घास शुरुआती अवस्था में होती है और आसानी से खत्म की जा सकती है.
जब खरपतवार 2 से 4 पत्तियों की अवस्था में हो, तभी बिस्पायरीबैक सोडियम 10 फीसदी SC का छिड़काव करें. बड़ी हो चुकी घास पर दवा का असर कम होता है.
एक एकड़ खेत के लिए 100 मिली बिस्पायरीबैक सोडियम 10 फीसदी SC को 150 लीटर साफ पानी में घोलकर फ्लैट फैन या कट नोजल वाले स्प्रेयर से पूरे खेत में समान रूप से छिड़काव करें.
दवा छिड़कते समय खेत में हल्की नमी होनी चाहिए, लेकिन पानी भरा नहीं होना चाहिए. छिड़काव के 2-3 दिन बाद हल्की सिंचाई करने से दवा का असर बेहतर होता है.
छिड़काव साफ मौसम में करें. तेज हवा या बारिश की संभावना होने पर स्प्रे न करें, ताकि दवा अच्छी तरह काम करे और खरपतवार पूरी तरह नियंत्रित हो सकें.