कम बारिश से हरियाणा में खरीफ बुवाई प्रभावित, 2.59 लाख हेक्टेयर घटा रकबा.. टेंशन में किसान
हरियाणा में कमजोर मॉनसून के कारण खरीफ फसलों की बुवाई प्रभावित हुई है. 14 जुलाई तक 20.31 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई, जो पिछले साल से 2.59 लाख हेक्टेयर कम है. सबसे ज्यादा असर बाजरा और कपास पर पड़ा है. हालांकि, 19 जुलाई के बाद अच्छी बारिश की उम्मीद से किसानों और कृषि विशेषज्ञों को राहत की उम्मीद है.
Paddy Cultivation: हरियाणा में कमजोर बारिश का असर खरीफ फसलों की बुवाई पर साफ दिखने लगा है. बारिश की कमी के कारण इस बार राज्य में खरीफ फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले धीमी रही है. कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, 14 जुलाई तक राज्य में 20.31 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुवाई हुई है. पिछले साल इसी अवधि में 22.90 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी. यानी इस बार अब तक करीब 2.59 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बुवाई हुई है.
रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य ने अब तक 30.95 लाख हेक्टेयर के खरीफ बुवाई लक्ष्य का 65.62 प्रतिशत ही पूरा किया है. अधिकारियों का कहना है कि जून और जुलाई में सामान्य से कम बारिश होने की वजह से बुवाई की रफ्तार धीमी रही. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 16 जुलाई तक हरियाणा में 98.1 मिमी बारिश हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 134.5 मिमी होनी चाहिए थी. यानी राज्य में अब तक करीब 27 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा बारिश की कमी सिरसा, रोहतक, अंबाला, जींद, पंचकूला, कैथल और करनाल जिलों में रिकॉर्ड की गई है.
आने वाले दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद
हालांकि, कृषि विशेषज्ञों को उम्मीद है कि अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आ सकती है. नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (IARI) के पूर्व प्रधान वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र लाठर ने ‘द ट्रिब्यून’ से कहा कि 19 जुलाई के बाद अच्छी बारिश का अनुमान है. इससे बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है और बाजरा, ज्वार, मक्का, दलहन, तिलहन जैसी वर्षा आधारित फसलों की बुवाई के साथ-साथ धान की रोपाई भी तेज होगी.
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10.56 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई
रिपोर्ट के अनुसार, धान की रोपाई भी पिछले साल की तुलना में थोड़ी धीमी रही है. इस बार 10.56 लाख हेक्टेयर में धान की रोपाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 10.95 लाख हेक्टेयर में रोपाई हुई थी. हालांकि, राज्य ने अब तक धान रोपाई के लक्ष्य का करीब 68 प्रतिशत पूरा कर लिया है. खरीफ फसलों में सबसे ज्यादा असर बाजरे की बुवाई पर पड़ा है. इस बार अब तक केवल 3 लाख हेक्टेयर में बाजरे की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 4.48 लाख हेक्टेयर में बुवाई हो चुकी थी. यानी करीब 1.8 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में बाजरा बोया गया है और अब तक लक्ष्य का सिर्फ 47 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है. कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बाजरा मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर फसल है, इसलिए कम बारिश के कारण इसकी बुवाई में देरी हुई है.
3.11 लाख हेक्टेयर में कपास बोई गई
कपास की बुवाई भी कमजोर बारिश से प्रभावित हुई है. इस बार 3.11 लाख हेक्टेयर में कपास बोई गई है, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 3.94 लाख हेक्टेयर था. यानी करीब 0.83 लाख हेक्टेयर कम क्षेत्र में कपास की खेती हुई है. राज्य ने अब तक कपास बुवाई के लक्ष्य का करीब 78 प्रतिशत हासिल किया है. इसी तरह ज्वार की बुवाई भी घटी है. इस बार 1.02 लाख हेक्टेयर में ज्वार बोया गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में 1.22 लाख हेक्टेयर में बुवाई हुई थी.
0.47 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई
हालांकि, खरीफ दलहन की बुवाई में सुधार देखने को मिला है. इस बार 0.47 लाख हेक्टेयर में दलहन की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 0.32 लाख हेक्टेयर थी. राज्य अब तक दलहन बुवाई के लक्ष्य का 72.31 प्रतिशत पूरा कर चुका है. रिपोर्ट के अनुसार, तिलहन फसलों की बुवाई पिछले साल के मुकाबले बेहतर रही है. इस बार 0.11 लाख हेक्टेयर में तिलहन की बुवाई हुई है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 0.07 लाख हेक्टेयर थी. अब तक राज्य ने तिलहन बुवाई के लक्ष्य का करीब 74 प्रतिशत पूरा कर लिया है.
गन्ने की खेती में भी इस बार अच्छी बढ़ोतरी
गन्ने की खेती में भी इस बार अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है. राज्य में 1.03 लाख हेक्टेयर में गन्ने की खेती हो चुकी है, जो पिछले साल के 0.93 लाख हेक्टेयर से अधिक है. गन्ने की बुवाई राज्य अपने तय लक्ष्य से भी आगे निकल चुकी है. वहीं, मक्का की बुवाई में मामूली बढ़ोतरी हुई है. इस बार 0.04 लाख हेक्टेयर में मक्का बोया गया है, जबकि पिछले साल यह 0.03 लाख हेक्टेयर था.
0.97 लाख हेक्टेयर में ग्वार बोया गया
ग्वार की बुवाई लगभग पिछले साल के बराबर रही है. इस बार 0.97 लाख हेक्टेयर में ग्वार बोया गया है, जबकि पिछले साल यह 0.96 लाख हेक्टेयर था. हालांकि, अब तक ग्वार की बुवाई के लक्ष्य का करीब 33 प्रतिशत ही पूरा हो पाया है, यानी अभी काफी बुवाई बाकी है. हालांकि, कुछ जिलों में खरीफ फसलों की बुवाई अच्छी रही है. करनाल में अब तक धान की करीब 90 प्रतिशत रोपाई पूरी हो चुकी है.