गर्मी से घटा दूध उत्पादन, Aavin की सप्लाई पर असर.. किसान भी बना रहे दूरी
तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में आविन की दूध खरीद लगातार घट रही है. कम बारिश, भीषण गर्मी और निजी डेयरियों द्वारा ज्यादा दाम देने से किसान सहकारी डेयरी की बजाय निजी कंपनियों को दूध बेच रहे हैं. इससे आविन की सप्लाई प्रभावित हुई है, जबकि बाजार में दूध की मांग लगातार बढ़ती जा रही है.
Milk Production: तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में सहकारी डेयरी आविन (Aavin) दूध की कमी से जूझ रही है. लंबे समय से कम बारिश और गर्मी के कारण दूध उत्पादन घटा है. वहीं, निजी डेयरियां किसानों को ज्यादा दाम दे रही हैं, जिससे कई किसान उन्हें दूध बेच रहे हैं. इसके चलते आविन की दूध खरीद घटी है, जबकि बाजार में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है.
आमतौर पर मार्च, अप्रैल और मई में गर्मी के कारण दूध उत्पादन और खरीद कम हो जाती है. इसके बाद जून-जुलाई से दूध की आवक बढ़ने लगती है और दिसंबर-जनवरी में यह अपने चरम पर पहुंचती है. लेकिन इस साल तिरुचिरापल्ली जिले में दक्षिण-पश्चिम मॉनसून के दौरान पर्याप्त बारिश नहीं हुई. लगातार गर्मी जैसे हालात बने रहने से दुधारू पशुओं को पर्याप्त पानी और अनुकूल वातावरण नहीं मिल पा रहा है. इसका असर उनके स्वास्थ्य और दूध उत्पादन पर भी पड़ रहा है.
मवेशियों को सूखा चारा खिलाना पड़ रहा है
कम बारिश के कारण जिले के अधिकांश इलाकों में हरा चारा भी नहीं उग पाया है. ऐसे में पशुपालकों को अपने मवेशियों को सूखा चारा खिलाना पड़ रहा है, जिससे दूध उत्पादन प्रभावित हो रहा है. वहीं, तिरुचिरापल्ली में निजी डेयरियां किसानों को दूध के बेहतर दाम दे रही हैं, जिससे आविन की दूध खरीद प्रभावित हो रही है. जहां आविन अच्छी गुणवत्ता वाले दूध के लिए प्रोत्साहन राशि सहित 38 रुपये प्रति लीटर देती है, वहीं निजी डेयरियां 42 से 45 रुपये प्रति लीटर तक भुगतान कर रही हैं. इतना ही नहीं, निजी डेयरियां दूध खरीदते समय गुणवत्ता के नियमों में भी ज्यादा सख्ती नहीं करतीं. यही वजह है कि कई किसान अपना दूध आविन की बजाय निजी डेयरियों को बेच रहे हैं.
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आविन बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर पा रही
द हिन्दू की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुचिरापल्ली आविन की रोजाना दूध खरीद फिलहाल करीब 1.70 लाख लीटर रह गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह करीब 2.20 लाख लीटर होती है. अधिकारियों का मानना है कि अगर सूखा और गर्म मौसम जारी रहा, तो आने वाले हफ्तों में दूध खरीद में और गिरावट आ सकती है. तिरुचिरापल्ली में आविन की दूध खरीद घटने का असर अब स्थानीय बाजार में सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है. निजी डेयरियों द्वारा दूध के दाम बढ़ाने के बाद कई उपभोक्ता अब सस्ते विकल्प के तौर पर आविन का दूध खरीदना चाहते हैं, लेकिन आविन बढ़ती मांग को पूरा नहीं कर पा रही है.
1.65 लाख लीटर दूध की आपूर्ति
तिरुचिरापल्ली में जहां रोजाना करीब 2 लाख लीटर दूध की मांग है, वहीं आविन फिलहाल सिर्फ 1.65 लाख लीटर दूध की ही आपूर्ति कर पा रही है. दूध की कमी से नाराज आविन के एजेंट सोमवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और सामान्य सप्लाई बहाल करने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा. आविन के अधिकारियों ने बताया कि निजी डेयरियों की आक्रामक खरीद नीति और लंबे समय से जारी सूखा व गर्म मौसम दूध खरीद में गिरावट की मुख्य वजह हैं. हालांकि, दूध खरीद बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं.