Dairy Cooperative Society: भारत सरकार के पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने देश में दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए श्वेत क्रांति 2.0 अभियान शुरू किया है. इस योजना का उद्देश्य गांवों में डेयरी व्यवस्था को मजबूत करना, पशुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देना और किसानों को डेयरी कारोबार से जोड़ना है. सरकार इसके तहत नई डेयरी सहकारी समितियां बना रही है, पशुओं का मुफ्त टीकाकरण कर रही है और डेयरी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा दे रही है.
श्वेत क्रांति 2.0 के तहत बनेंगी 75 हजार नई डेयरी समितियां
श्वेत क्रांति 2.0 के तहत सरकार का लक्ष्य देश के हर गांव तक डेयरी सहकारी समितियों का विस्तार करना है. योजना के अनुसार, साल 2028-29 तक देश में 75 हजार नई डेयरी सहकारी समितियां बनाई जाएंगी. इसके साथ ही पहले से चल रही 46,422 समितियों को भी मजबूत किया जाएगा. सरकार के अनुसार, इस अभियान के तहत मार्च 2026 तक निर्धारित लक्ष्य से आगे बढ़ते हुए बड़ी संख्या में नई समितियां बनाई जा चुकी हैं. इससे लाखों दूध उत्पादक किसानों को अपने दूध की बिक्री के लिए बेहतर बाजार मिलेगा. सहकारी समितियों से जुड़ने पर किसानों को दूध का उचित मूल्य मिलने के साथ-साथ बिचौलियों से भी राहत मिलेगी.
पशुओं को बीमारी से बचाने के लिए तेज हुआ टीकाकरण अभियान
पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए पशुओं का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है. इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पशुधन स्वास्थ्य और रोग नियंत्रण कार्यक्रम को और मजबूत किया है. इसके तहत खुरपका-मुंहपका (FMD), ब्रुसेलोसिस, पीपीआर और क्लासिकल स्वाइन फीवर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए बड़े स्तर पर टीकाकरण किया जा रहा है. सरकार इन टीकाकरण अभियानों के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 100 प्रतिशत आर्थिक सहायता दे रही है. देश को साल 2030 तक एफएमडी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है. अब तक करोड़ों पशुओं को टीके लगाए जा चुके हैं, जिससे पशुओं में बीमारी फैलने की दर में काफी कमी आई है.
डेयरी बिजनेस के लिए मिलेगा लोन और ब्याज में राहत
जो किसान डेयरी फार्म, दूध चिलिंग सेंटर, मिल्क प्रोसेसिंग यूनिट या पशु आहार का व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए सरकार ने पशुपालन अवसंरचना विकास कोष (AHIDF) योजना शुरू की है. इस योजना के तहत पात्र लोगों को बैंक से लोन की सुविधा मिलती है और ब्याज पर 3 प्रतिशत तक की सहायता दी जाती है. इस योजना का लाभ लेने के लिए किसान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाते की जानकारी, जमीन के दस्तावेज और बिजनेस की योजना रिपोर्ट जैसे जरूरी कागजात जमा करने होते हैं. इससे नए उद्यमियों को डेयरी क्षेत्र में अपना कारोबार शुरू करने में मदद मिलती है.
पशुपालक यहां से ले सकते हैं योजनाओं की जानकारी
सरकार की इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसान अपने नजदीकी सरकारी पशु अस्पताल, ब्लॉक स्तर के पशुपालन अधिकारी या डेयरी सहकारी संघ कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं. इसके अलावा कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से भी ऑनलाइन आवेदन और पंजीकरण में मदद ली जा सकती है. श्वेत क्रांति 2.0 सिर्फ दूध उत्पादन बढ़ाने की योजना नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गांवों में रोजगार बढ़ाना और पशुपालकों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है. सरकार की इन पहलों से आने वाले वर्षों में देश के डेयरी क्षेत्र को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है.