कृषि नलकूपों को बिजली नहीं देने से धान बुवाई रुकी, किसान लामबंद.. कल राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान

Paddy sowing Late Due to Power cut : पहले ही अल नीनो के चलते बारिश नहीं हो रही है और धान की बुवाई लेट है. अब राज्यभर में कृषि नलकूपों को भी बिजली नहीं दी जा रही है. बीकेयू आजाद के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि धान की खेती में किसान दोहरी मुश्किलों का सामना कर रहे हैं. अगर ऐसा ही रहा तो धान उत्पादन घट जाएगा.

नोएडा | Updated On: 29 Jun, 2026 | 05:49 PM

बिजली सप्लाई बाधित रहने से किसान धान की बुवाई नहीं कर पा रहे हैं. किसान मजदूर मोर्चा ने कहा कि पंजाब के लगभग हर जिले के ग्रामीण इलाकों में मनमर्जी से बिजली काटी जा रही है. ठीक से 4 घंटे भी बिजली आपूर्ति नहीं होने से किसान सिंचाई करके बुवाई भी नहीं कर पा रहे हैं. किसानों ने कहा कि पहले से ही अल नीनो की वजह से बारिश नहीं होने से धान की बुवाई लेट चल रही है अब बिजली भी नहीं दी जा रही है. नाराज किसानों ने कहा कि पंजाब के सभी जिलों के बिजली विभागों के समझ धरना प्रदर्शन किया जाएगा.

कृषि नलकूपों को 4 घंटे भी बिजली नहीं मिलने से भड़के किसान

भारतीय किसान यूनियन आजाद के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि धान का सीजन जोरों पर है. जमीनी हालात पंजाब में कई जगहों पर कृषि मोटरों को केवल ढाई, तीन या ज्यादा से ज्यादा चार घंटे ही बिजली मिल रही है. इस वजह से किसानों को सिंचाई में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. मोर्चा ने मांग की कि कृषि मोटरों के लिए कम से कम 16 घंटे और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे बिना रुकावट बिजली सप्लाई तुरंत सुनिश्चित की जाए. खराब ट्रांसफार्मर 24 घंटे के भीतर बदले जाएं और विभाग उनके ट्रांसपोर्टेशन का इंतजाम अपने स्तर पर करे.

मीटर हटाने वाले उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी जुर्माना लगाना बंद हो

किसान मोर्चा के नेताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं की मर्जी के बिना उनके घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम रोका जाए, मोर्चा द्वारा हटाए गए मीटर वाले उपभोक्ताओं के बिलों में 10% जुर्माना जोड़ना बंद किया जाए और उपभोक्ताओं के घरों में पुराने मीटर ही लगाए जाएं. मोर्चा ने यह भी मांग की कि बिजली विभाग के निजीकरण और कॉर्पोरेटाइजेशन की नीति वापस ली जाए, विभाग में खाली पद तुरंत भरे जाएं और निजी कंपनियों के साथ किए गए बिजली खरीद समझौते रद्द किए जाएं.

निजी ठेकेदारों की चल रही मनमानी

किसान नेताओं ने कहा कि पावरकॉम में निजी ठेकेदारों के जरिए घटिया काम किया जा रहा है, जिससे लोगों की जान-माल को खतरा है. इसलिए सारा काम विभागीय नियमों के अनुसार किया जाना चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. किसान मजदूर मोर्चा ने पंजाब के किसानों, मजदूरों और आम लोगों से अपील की कि वे अपनी जायज मांगों के लिए कल होने वाले धरनों में बड़ी संख्या में शामिल हों और संघर्ष को मजबूत करें.

बीकेयू आजाद के किसानों ने प्रदर्शन किया. इनसेट फोटो में जसविंदर सिंह लोंगोवाल.

बिजली विभाग के दफ्तरों में 30 जून को धरना प्रदर्शन

बीकेयू आजाद के नेता जसविंदर सिंह लोंगोवाल ने कहा कि किसान मजदूर मोर्चा के नेतृत्व में 30 जून को पूरे पंजाब में कृषि मोटरों और घरेलू उपभोक्ताओं को बिना रुकावट बिजली सप्लाई की मांग को लेकर पावरकॉम के दफ्तरों के सामने बड़ा विरोध प्रदर्शन करेगा. मोर्चा ने घोषणा की है कि 30 जून पूरे पंजाब में पावरकॉम के वरिष्ठ अधिकारियों के दफ्तरों के सामने बड़े विरोध प्रदर्शन और धरने आयोजित किए जाएंगे. ये विरोध प्रदर्शन किसानों, मजदूरों और आम लोगों की बिजली सप्लाई से जुड़ी गंभीर समस्याओं को लेकर किए जा रहे हैं.

Published: 29 Jun, 2026 | 05:45 PM

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