फ्लॉवर सीड उत्पादन पर 3 साल तक 14 हजार रुपये मिलेंगे, बागवानी मंत्री बोले- स्कीम का लाभ उठाएं
बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कई किसान-हितैषी योजनाएं लागू कर रही है. उन्होंने कहा कि बागवानी योजनाओं के तहत फूलों के बीज उत्पादन के लिए खेती की लागत पर सब्सिडी देने का फैसला किया है. वहीं, मशरूम यूनिट के लिए भी सब्सिडी दी जा रही है.
फूलों की खेती को बढ़ावा देने के साथ ही पंजाब सरकार फूलों के बीज उत्पादन पर भी जोर दे रही है. सरकार के बागवानी विभाग किसानों को फूलों के बीज उत्पादन करने पर 14 हजार रुपये प्रति एकड़ देने का ऐलान किया है. बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि किसानों को यह लाभ 3 साल तक दिया जाएगा. इसके अलावा मशरूम की खेती के लिए यूनिट लगाने पर किसानों को 80 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है. इच्छुक किसान नजदीकी उद्यान विभाग के कार्यालय में आवेदन करें.
फूलों की खेती लागत पर 40 फीसदी सब्सिडी
पंजाब के बागवानी मंत्री मोहिंदर भगत ने मीडिया से कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और बागवानी को अधिक लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कई किसान-हितैषी योजनाएं लागू कर रही है. उन्होंने कहा कि फूल उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सरकार अपनी बागवानी योजनाओं के तहत फूलों के बीज उत्पादन के लिए खेती की लागत पर 40 फीसदी सब्सिडी देने का फैसला किया है.
किसानों को 3 साल तक मिलेंगे 14 हजार रुपये
बागवानी मंत्री ने कहा कि फूलों की खेती और बीज उत्पादन के लिए किसानों को तीन साल तक 14 हजार रुपये की मदद दी जाएगी. उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे बागवानी को बढ़ावा दें और इस सब्सिडी योजना का लाभ उठाएं. बता दें कि पंजाब में फूलों की खेती कुल क्षेत्रफल लगभग 2,100 से 2,500 हेक्टेयर के बीच रहता है. सालाना ढीले फूलों (loose flowers) का उत्पादन 10,000 से 19,000 टन के लगभग होता है.
अकेले 50 फीसदी बीजों का उत्पादन करता है पंजाब
देश में उगाए जाने वाले कुल फूलों के बीजों में से 50 फीसदी से अधिक का योगदान अकेले पंजाब का है. लुधियाना, जालंधर, और मलेरकोटला जैसे इलाकों में अनुबंध खेती (Contract Farming) के माध्यम से लगभग 1,000 एकड़ से अधिक क्षेत्र में 130 से अधिक किस्मों के फूलों के बीज उगाए जाते हैं. ये बीज अमेरिका, यूरोप (हॉलैंड, जर्मनी), और मध्य पूर्व (Middle East) के देशों में भारी मात्रा में निर्यात किए जाते हैं.
मशरूम यूनिट लगाने के लिए 80 हजार रुपये सब्सिडी
बागवानी मंत्री कहा कि मान सरकार किसानों की आय बढ़ाने और पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई पहल कर रही है. अब मशरूम उत्पादन इकाइयां लगाने के लिए 40 फीसदी सब्सिडी दी जा रही है, जो अधिकतम 80,000 रुपये तक हो सकती है. उन्होंने कहा कि किसानों को व्यासायिक खेती की ओर कदम बढ़ाने चाहिए और सरकारी मदद का लाभ लेना चाहिए.
ਮਾਨ ਸਰਕਾਰ ਕਿਸਾਨਾਂ ਦੀ ਆਮਦਨ ਵਧਾਉਣ ਅਤੇ ਰਿਵਾਇਤੀ ਖ਼ੇਤੀ ਦੇ ਨਾਲ-ਨਾਲ ਬਾਗ਼ਬਾਨੀ ਨੂੰ ਉਤਸ਼ਾਹਿਤ ਕਰਨ ਲਈ ਲਗਾਤਾਰ ਨਵੇਂ ਉਪਰਾਲੇ ਕਰ ਰਹੀ ਹੈ। ਹੁਣ ਮਸ਼ਰੂਮ ਉਤਪਾਦਨ ਯੂਨਿਟ ਸਥਾਪਿਤ ਕਰਨ ਲਈ 40% ਸਬਸਿਡੀ, ਵੱਧ ਤੋਂ ਵੱਧ ₹80,000 ਤੱਕ ਦੀ ਸਹਾਇਤਾ ਦਿੱਤੀ ਜਾ ਰਹੀ ਹੈ। pic.twitter.com/2UThK6honw
— Mohinder Bhagat (@mohinderbhagat_) July 8, 2026
योजनाओं के लाभ के लिए बागवानी विभाग में आवेदन करें
मंत्री मोहिंदर भगत ने किसानों से कहा कि बागवानी विभाग की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाएं. उन्होंने किसी भी प्रकार की जानकारी, मार्गदर्शन या सहायता के लिए अपने निकटतम बागवानी कार्यालय से संपर्क करने की सलाह दी है. किसान इस कार्यालय पर जाकर फूल की खेती या मशरूम की खेती के लिए भी आवेदन कर सकते हैं.