पांचना बांध के लिए दो दशक से भिड़े हैं 74 गांवों के किसान, कोर्ट का दखल भी बेअसर.. बातचीत बेनतीजा
Rajasthan Panchna Dam Water War: पांचना बांध से सिंचाई जल वितरण को लेकर उत्पन्न गतिरोध समाप्त करने के लिए तीसरे दौर की बातचीत बेनतीजा रही है. कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा के चिट्ठी लिखे जाने के बाद प्रशासन हरकत में आया है. वहीं, महापंचायत में पहुंचे गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि किसानों के साथ न्याय किया जाएगा.
राजस्थान में पांचना बांध से नहरों में पानी छोड़ने को लेकर डूब क्षेत्र और कमांड एरिया के 74 गांवों के किसान आमने सामने हैं. डूब क्षेत्र के किसान पानी पर अपना हक बताकर कमांड एरिया के गांवों को जाने वाली नहरों में पानी छोड़ने नहीं दे रहे हैं. इससे कमांड एरिया में आने वाले करीब 35 गांवों के किसानों का प्रदर्शन जारी है. बीते दिनों उग्र प्रदर्शन देखा गया और किसानों ने रेलवे ट्रैक तक जाम कर दिया, जिसके बाद कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी है और मामले को सुलझाने के लिए प्रशासनिक अमला हरकत में आया है. दोनों पक्षों के किसानों, बांध बोर्ड, जल विभाग, प्रशासन समेत सभी पक्षों के बीच बातचीत का दौर शुरू हुआ. आज तीसरे दौर की बातचीत हुई लेकिन मामला अनसुलझा रहा है. नहरों में पानी नहीं जाने की वजह से लगभग 40 हजार बीघा जमीन को सिंचाई का पानी नहीं मिल पा रहा है.
तीसरे दौर की बातचीत में नहीं सुलझा जल विवाद
पांचना बांध से सिंचाई जल वितरण को लेकर उत्पन्न गतिरोध को समाप्त करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रयास तेज कर दिए गए हैं. इसी कड़ी में आज शुक्रवार को भरतपुर संभागीय आयुक्त कार्यालय में सभी संबंधित पक्षों के साथ तीसरे दौर की संयुक्त बैठक की गई, जिसमें विवाद के समाधान और आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया. लेकिन, सहमति नहीं बन सकी और मामला अभी भी अनसुलझा रह गया है. प्रशासन ने फिर से सभी पक्षों को अगली बैठक के लिए बुलाया है.
महापंचायत में गृह राज्य मंत्री बोले- किसानों को न्याय मिलेगा
करौली जिले से बहने वाली गंभीर नदी के सूखने और आसपास के गांवों में जल संकट गहराने के बीच पांचना बांध से नदी में पर्याप्त पानी छोड़ने की मांग को लेकर 360 गांवों के प्रमुख पंच–पटेलों महापंचायत में शामिल हुए. गंभीर नदी बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले देवलेन मोड़ पर सर्वसमाज की महापंचायत का आयोजन हुआ. इसमें प्रभारी मंत्री और गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने हिस्सा लिया और महापंचायत का ज्ञापन लेकर आश्वस्त किया कि किसानों के साथ न्याय होगा.
15 दिनों से चल रहा किसानों का धरना
राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले में किसानों ने बीते दिनों दिल्ली-मुंबई रेलवे ट्रैक जाम कर दिया. किसानों ने कहा कि पंचना बांध से दो दशक से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया है. किसान बीते करीब 15 दिनों से वजीरपुर तहसील के खंडीप गांव में शांति पूर्ण तरीके धरना दे रहे हैं. किसानों का कहना है कि खरीफ फसल की बुवाई के लिए कमांड एरिया में तुरंत पानी छोड़ा जाए.
दो दशक से नहरों में नहीं छोड़ा गया पानी
नहरों में पानी छोड़ने के मामले के तूल पकड़ने पर बीते दिन राजस्थान के कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखकर तुरंत नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा कि राजस्थान हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद पिछले 2 दशकों से बांध का पानी नहरों में नहीं छोड़ा गया है, जिससे 40 हजार बीघा जमीन सूख गई है. कृषि मंत्री ने जिक्र किया है कि हाईकोर्ट ने 8 जुलाई 2022, 23 अप्रैल 2026 और 1 मई 2026 को नहरों में पानी छोड़े जाने के संबंध में स्पष्ट आदेश दिए थे. लेकिन अब तक किसानों को पानी उपलब्ध नहीं कराया गया है.
खंडीप गांव में किसानों का धरना. कृषि मंत्री किरोड़ी मीणा की चिट्ठी.
पांचना बांध जल विवाद की वजह क्या है
राजस्थान के करौली जिले में स्थित पांचना बांध का जल विवाद दो अलग-अलग किसान समूहों के बीच पानी के बंटवारे को लेकर है. यह विवाद लगभग दो दशक पुराना है और यह पानी की मांग के साथ-साथ स्थानीय वर्चस्व का मुद्दा बन चुका है.
डूब क्षेत्र में आने वाले 39 गांव के किसानों की जमीन बांध के निर्माण के समय डूब क्षेत्र में चली गई थी. इन किसानों का तर्क है कि पानी पर पहला हक उनका है और जब तक उनके खेतों की प्यास नहीं बुझती, तब तक बांध का पानी बाहर नहीं जाने दिया जाएगा. वहीं, दूसरे पक्ष के 35 गांवों के किसान जो बांध के कमांड एरिया में आते हैं, उनका कहना है कि कमांड एरिया और इस इलाके में बहने वाली गंभीर नदी को पानी छोड़ा जाए. ये किसान हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए नहरों के माध्यम से अपने खेतों में पानी छोड़ने की मांग कर रहे हैं.