क्या राजस्थान में फिर बढ़ेगी गेहूं खरीद की तारीख, अशोक गहलोत ने सरकार से की बहुत बड़ी मांग

राजस्थान में गेहूं खरीद को लेकर अशोक गहलोत ने 30 जून तक समय बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने मंडियों में ढुलाई, बोरों की कमी और धीमी उठान पर चिंता जताई. श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ में 25.25 लाख मीट्रिक टन उत्पादन अनुमान है. सरकार ने 2,735 रुपये प्रति क्विंटल MSP और 15.66 लाख टन खरीद लक्ष्य तय किया है.

नोएडा | Published: 16 Jun, 2026 | 01:13 PM

Wheat Procurement: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार से गेहूं खरीद की अंतिम तारीख 30 जून तक बढ़ाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि किसानों में नाराजगी सरकार की गलत योजना और जल्दबाजी का नतीजा है. गहलोत ने यह भी कहा कि मंडियों से फसल की तेजी से उठान नहीं होने के कारण किसानों को परेशानी हो रही है. आमतौर पर गेहूं खरीद 30 जून तक चलती है, लेकिन इस बार इसे पहले 31 मई तक सीमित किया गया और बाद में बढ़ाकर 19 जून तक किया गया, जिससे कई पंजीकृत किसान अभी भी अपनी फसल बेचने का इंतजार कर रहे हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आरोप लगाया है कि श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और राज्य के अन्य हिस्सों में गेहूं खरीद  को लेकर किसानों में जो नाराजगी है, वह सरकार की ‘अल्पदृष्टि’ का नतीजा है. उन्होंने यह भी कहा कि मंडियों में गेहूं की ढुलाई धीमी होने और जूट के बोरों की कमी के कारण किसानों को भारी परेशानी हो रही है. साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि बेमौसम बारिश का खतरा मंडियों में खुले में पड़े लाखों क्विंटल गेहूं को नुकसान पहुंचा सकता है.

तेज हो मंडियों से फसल की उठान

उन्होंने चेतावनी दी कि नमी बढ़ने के कारण फसल को खरीद के लिए अस्वीकार किया जा सकता है. ऐसी स्थिति में अगर समय पर कदम नहीं उठाए गए तो किसानों को मजबूरी में अपनी उपज को कम दाम पर बिचौलियों को बेचना पड़ सकता है. अशोक गहलोत ने राज्य सरकार से अपील की है कि गेहूं खरीद की समय-सीमा तुरंत बढ़ाकर 30 जून तक की जाए, खरीद का लक्ष्य बढ़ाया जाए और मंडियों से फसल की उठान तेज की जाए, ताकि किसानों के हित सुरक्षित रह सकें.

इन जिलों में गेहूं की ज्यादा पैदावार

दरअसल, राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में इस बार रबी सीजन में गेहूं की रिकॉर्ड पैदावार  हुई है. दोनों जिलों में कुल उत्पादन करीब 25.25 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है. किसानों को बोनस सहित 2,735 रुपये प्रति क्विंटल की दर से भुगतान किया जा रहा है. श्रीगंगानगर जिले में एमएसपी पर गेहूं बेचने के लिए 89,332 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है. सरकार ने श्रीगंगानगर जिले का खरीद लक्ष्य बढ़ाकर 6.70 लाख मीट्रिक टन और हनुमानगढ़ का लक्ष्य 8.96 लाख मीट्रिक टन तय किया है. दोनों जिलों को मिलाकर श्रीगंगानगर मंडल का कुल खरीद लक्ष्य 15.66 लाख मीट्रिक टन हो गया है, जो राज्य की कुल सरकारी गेहूं खरीद का बड़ा हिस्सा है.

राजस्थान में इन किस्मों की होती है खेती

राजस्थान में रबी के मौसम में मुख्य रूप से गेहूं की खेती की जाती है. राज्य के श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, कोटा, जयपुर और अलवर जैसे जिले गेहूं उत्पादन के प्रमुख केंद्र हैं. अच्छी पैदावार के लिए किसान उन्नत किस्मों जैसे राज 3077, राज 4238 (जो देर से बुवाई के लिए उपयुक्त है) और राज 4083 की खेती करते हैं. इन किस्मों की बुवाई आमतौर पर नवंबर महीने में की जाती है, जिससे बेहतर उत्पादन मिलता है.

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