यूरिया तस्करी पर भड़के किसान! अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप.. सूखा राहत और कर्ज माफी की मांग

तमिलनाडु के कोयंबटूर में किसानों ने सब्सिडी वाली यूरिया की तस्करी को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. किसानों का दावा है कि मुख्य आरोपियों पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई. उन्होंने सूखाग्रस्त घोषित करने, फसल ऋण माफ करने और यूरिया तस्करी की निष्पक्ष जांच की मांग की, जबकि प्रशासन ने जांच और नई ट्रैकिंग व्यवस्था का भरोसा दिया.

नोएडा | Updated On: 1 Aug, 2026 | 05:05 PM

तमिलनाडु के कोयंबटूर में किसानों ने सब्सिडी वाली यूरिया की तस्करी को लेकर जिला प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. कलेक्टर पवनकुमार जी. गिरियप्पनावर की अध्यक्षता में हुई किसान शिकायत निवारण बैठक में अन्नदाताओं ने कहा कि कुछ अधिकारी तस्करों का साथ दे रहे हैं. इससे राज्य में खाद की किल्लत हो सकती है. इस दौरान किसानों ने कमजोर मॉनसून के कारण कोयंबटूर को सूखाग्रस्त घोषित करने, राहत देने और फसल ऋण माफ करने की भी मांग की.

बैठक में तमिलनाडु किसान संघ के जिला अध्यक्ष एस. पलानीसामी ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस से कहा कि दक्षिण-पश्चिम मॉनसून कमजोर रहने से फसलें प्रभावित हुई हैं. उन्होंने कोयंबटूर को सूखाग्रस्त जिला घोषित कर किसानों को राहत देने की मांग की. साथ ही सरकार से चुनाव के दौरान किए गए सभी कृषि ऋण माफ करने के वादे को भी पूरा करने की अपील की. वहीं, फसल ऋण माफ  नहीं होने से नाराज किसानों ने काली पगड़ी पहनकर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया. किसानों ने नारेबाजी की, शिकायत निवारण बैठक का बहिष्कार किया और बाद में कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए. उनकी मांग थी कि सरकार सभी फसल ऋण पूरी तरह माफ करे.

निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने आरोप लगाया कि 4 जुलाई को करीब 120 टन सब्सिडी वाली यूरिया अवैध रूप से जमा करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था. उनका दावा है कि यूरिया को तरल रूप में बदलकर केरल तस्करी की कोशिश की जा रही थी. किसानों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.

सब्सिडी वाली यूरिया की तस्करी

कोयंबटूर के किसानों का आरोप है कि उन्होंने खुद सब्सिडी वाली यूरिया की तस्करी  करने वाले गिरोह को पकड़कर अधिकारियों के हवाले किया था, लेकिन अब तक मामले के मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और न ही उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज हुआ है. किसानों ने आरोप लगाया कि कुछ अधिकारी तस्करों का साथ दे रहे हैं. किसानों का कहना है कि पहले भी ऐसे मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई. उनका आरोप है कि यदि यही स्थिति रही तो यूरिया तस्करी का धंधा जारी रहेगा और किसानों को सब्सिडी वाली यूरिया मिलने में परेशानी होती रहेगी.

यूरिया तस्करी पर प्रशासन सख्त

किसानों की शिकायतों पर कोयंबटूर के कलेक्टर ने कहा कि यूरिया की सप्लाई के स्रोत की जांच के लिए चार कंपनियों का सीधे निरीक्षण किया गया है. उन्होंने बताया कि यूरिया की आवाजाही पर नजर रखने के लिए स्रोत से लेकर अंतिम गंतव्य तक निगरानी करने वाली नई ट्रैकिंग व्यवस्था लागू करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है. कलेक्टर ने कहा कि यूरिया तस्करी मामले की पुलिस जांच जारी है और जल्द ही अदालत में चार्जशीट दाखिल की जाएगी.

Published: 1 Aug, 2026 | 04:55 PM

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