मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू करने को मंजूरी, बिना सर्वे किसानों के नुकसान की भरपाई होगी
Weather Based Crop Insurance Scheme : यूपी कैबिनेट ने 21 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई है. रिवाइज मौसम आधारित फसल बीमा योजना को लागू करने की मंजूरी दी गई है.
उत्तर प्रदेश सरकार ने रिवाइज फसल बीमा योजना को मंजूरी दे दी है और इसी खरीफ सीजन से इसे लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं. इसके तहत फसल नुकसान होने पर बिना सर्वे किए ही किसानों को नुकसान की भरपाई के लिए राशि जारी की जा सकेगी. इससे किसानों को लंबे समय तक सर्वे रिपोर्ट आने का इंतजार करने और कई महीने बाद भरपाई की रकम मिलने की समस्या खत्म होगी और इससे कृषि गतिविधियों में तेजी लाने में भी मदद मिलेगी. यूपी सरकार ने 21 बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है.
यूपी कैबिनेट के 21 बड़े फैसलों पर मुहर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे (Infra), जनकल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई. इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देने के साथ-साथ किसानों, श्रमिकों और वंचित वर्गों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए गए.
मौसम आधारित फसल बीमा लागू करने को मंजूरी
उत्तर प्रदेश में पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना (RWBCIS) को लागू करने की मंजूरी दी गई है. इससे किसानों को अत्यधिक वर्षा, सूखे, तापमान में उतार-चढ़ाव और ओलावृष्टि जैसे प्रतिकूल मौसम से होने वाले नुकसान पर बिना लंबे सर्वे के सीधे वित्तीय सहायता और मुआवजा मिलने का रास्ता साफ हो गया है.
पीएम फसल बीमा योजना लागू करने के निर्देश
भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना योजना को पूरे प्रदेश में लागू करने की मंजूरी दी गई है. योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि तथा अन्य प्राकृतिक आपदाओं या फिर प्रतिकूल मौसम की वजह से होने वाले भारी नुकसान से बचाना है. फसल में क्षति होने की स्थिति में पात्र किसानों को बीमा के जरिए सहायता मिलेगी.
किसानों की कमाई और कृषि जोखिम कम होगा
राज्य सरकार का यह मानना है कि पीएम फसल बीमा योजना और रिवाइज मौसम आधारित फसल बीमा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की कमाई को स्थाई सुरक्षा मिलेगी. कृषि क्षेत्र में जोखिम को कम करने में भी मदद मिलेगी. प्राकृतिक आपदाओं के कारण खेती में होने वाले नुकसान की भरपाई में यह योजना अत्यंत मददगार साबित होगी. इससे न केवल किसानों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि वे बिना किसी भय के उन्नत खेती करने के लिए हमेशा पूरी तरह तत्पर भी रहेंगे.