साहूकार को कहिए अलविदा! राजस्थान के पशुपालकों को मिलेगा 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण

पशुपालकों के लिए राहत की बड़ी खबर! राजस्थान सरकार की गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत पात्र डेयरी और पशुपालक परिवारों को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा. चारा, दवा, टीकाकरण, शेड निर्माण और डेयरी उपकरणों पर यह राशि खर्च की जा सकेगी.

नोएडा | Updated On: 17 Aug, 2026 | 11:31 AM

Rajasthan Gopal Credit Card Scheme: पशुपालन और डेयरी से जुड़े ग्रामीण परिवारों के लिए राजस्थान सरकार की गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना बड़ी राहत बनकर सामने आई है. इस योजना के तहत पात्र पशुपालकों को अधिकतम 1 लाख रुपये तक का अल्पकालीन ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है, जिससे वे चारा, दवाइयां, टीकाकरण, पशु शेड और डेयरी से जुड़े अन्य जरूरी खर्च आसानी से पूरा कर सकते हैं. योजना का उद्देश्य पशुपालकों को साहूकारों और महंगे ब्याज वाले कर्ज से बचाकर आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है.

अचानक खर्च आने पर मिलेगा आर्थिक सहारा

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन आय का प्रमुख स्रोत है, लेकिन पशुओं के बीमार  पड़ने, चारे की कीमत बढ़ने या डेयरी संचालन में अचानक खर्च बढ़ जाने से परिवार का बजट बिगड़ जाता है. ऐसे समय में कई पशुपालकों को ऊंचे ब्याज पर उधार लेना पड़ता है. गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना इसी समस्या का समाधान देती है. किसान क्रेडिट कार्ड की तर्ज पर बनाई गई यह योजना पशुपालन से जुड़े दैनिक और आपातकालीन खर्चों के लिए आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराती है. पात्र लाभार्थी जरूरत के अनुसार ऋण लेकर अपने पशुधन की बेहतर देखभाल कर सकते हैं.

किन कार्यों में कर सकते हैं ऋण का उपयोग?

पशु चिकित्सक घनश्याम कुंवर के अनुसार योजना से मिलने वाली राशि का उपयोग केवल पशुपालन और डेयरी व्यवसाय  से जुड़े कार्यों में किया जा सकता है. इसमें हरा और सूखा चारा खरीदना, पशु आहार एवं मिनरल मिक्सचर, दवाइयां, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, पशु चिकित्सा सेवाएं और दुग्ध उत्पादन से जुड़े उपकरण शामिल हैं. इसके अलावा पशु शेड का निर्माण या मरम्मत, चारा काटने की मशीन खरीदना और डेयरी संचालन के लिए आवश्यक छोटे उपकरणों पर भी यह राशि खर्च की जा सकती है. इससे पशुपालकों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलती है.

कौन हैं पात्र और क्या होंगे जरूरी दस्तावेज?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का राजस्थान का स्थायी निवासी होना अनिवार्य है. साथ ही वह पशुपालन या डेयरी व्यवसाय से जुड़ा हो तथा किसी दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति का सदस्य होना चाहिए. अंतिम स्वीकृति संबंधित बैंक या सहकारी संस्था की पात्रता शर्तों के आधार पर दी जाएगी. आवेदन के लिए आधार कार्ड, जन आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक, मोबाइल नंबर, पासपोर्ट आकार का फोटो और पशुओं का विवरण  जैसे दस्तावेज तैयार रखने होंगे. आवश्यकता पड़ने पर बैंक अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है.

ऐसे करें आवेदन, यहां मिलेगी पूरी जानकारी

इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी दुग्ध उत्पादक सहकारी  समिति, जिला केंद्रीय सहकारी बैंक, ग्राम सेवा सहकारी समिति या पशुपालन विभाग से संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं. जहां ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है, वहां राजस्थान के एसएसओ पोर्टल पर लॉगिन कर राज-सहकार सेवा के माध्यम से भी आवेदन किया जा सकता है. योजना का उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों को समय पर सस्ता वित्तीय सहयोग देकर डेयरी व्यवसाय को अधिक लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाना है.

Published: 17 Aug, 2026 | 11:31 AM

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