शिवराज सिंह ने मूंग खरीद मात्रा बढ़ाने की मंजूरी नहीं दी, किसान आंदोलन और तेज होने की आशंका

Bhopal Kisan Andolan: मध्य प्रदेश में एमएसपी पर मूंग की 100 फीसदी खरीदी की मांग को लेकर किसान तीन दिन से आंदोलन कर रहे हैं. आज भोपाल में किसानों ने डेरा डाल रखा है. इस बीच मूंग खरीद की मात्रा बढ़ाने को लेकर राज्य के कृषि मंत्री ने केंद्र से गुहार लगाई थी, जिसे नियमों का हवाला देकर टाल दिया गया है.

नोएडा | Updated On: 29 Jul, 2026 | 09:23 PM

केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश सरकार की मूंग खरीद मात्रा बढ़ाने की मांग को टाल दिया है, उल्टा राज्य को निर्देशित किया है कि वह किसानों से मूंग खरीद जल्दी सुनिश्चित करे. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना की चिट्ठी के जवाब में जारी लेटर में कहा है कि राज्य को अपने हिस्से से खरीद मात्रा बढ़ाने पर फैसला लेना होगा. केंद्र पहले ही 25 फीसदी खरीद की मंजूरी दे चुका है. बता दें कि एमएसपी पर मूंग की 100 फीसदी खरीद को लेकर किसान 3 दिन से आंदोलन कर रहे हैं और आज भोपाल में डेरा डाले हुए हैं. अब केंद्र से आई चिट्ठी के बाद राज्य सरकार का फैसला इस आंदोलन की दशा और दिशा तय करेगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव को संबोधित पत्र लिखा है. यह पत्र कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंसाना के उस पत्र के संबंध में है जिसमें प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत मूंग की खरीद की मात्रा बढ़ाने का अनुरोध किया गया था. केंद्रीय कृषि मंत्री ने चिट्ठी में लिखा है कि ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के दौरान मूल्य समर्थन योजना पीएसएस के अंतर्गत मूंग खरीद की मात्रा में वृद्धि संबंधी मध्य प्रदेश राज्य के कृषि मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना का पत्र दिनांक 28.07.2026 मुझे प्राप्त हुआ है.

केंद्र ने कहा- सबसे ज्यादा 87 फीसदी खरीद पहले ही मंजूर की जा चुकी

शिवराज सिंह ने लिखा है कि ग्रीष्मकालीन मौसम 2025-26 के लिए अनुमानित उत्पादन की अधिकतम सीमा 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग की खरीद मध्य प्रदेश के लिए मूल्य समर्थन योजना के तहत पहले ही स्वीकृत की जा चुकी है, जो इस विभाग द्वारा इस मौसम में विभिन्न राज्यों को खरीद हेतु स्वीकृत कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग की मात्रा की स्वीकृति 87% मध्य प्रदेश को दी गयी है, जो कि देश में सर्वाधिक है.

शिवराज सिंह ने आगे लिखा है कि आपको बताना है कि राज्य के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के पत्र में केंद्र द्वारा राज्य को 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य प्रदान किया गया है. जब कि वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार की ओर से किसी भी प्रकार का खरीदी का लक्ष्य नहीं दिया जाता है. पीएम-आशा योजना के तहत खरीद के लिए पीएसएस दिशानिर्देशों में 25 फीसदी की सीमा स्वीकृति दी जाती है.

इस साल भी राज्यों को पीएम-आशा योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से देशभर से कुल 5,23,243 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी की जानी है, जिसमें उत्तर प्रदेश से 48,298 मीट्रिक टन, हरियाणा से 2,115 मीट्रिक टन, गुजरात से 18,250 मीट्रिक टन एवं मध्य प्रदेश से सर्वाधिक 4,54,580 मीट्रिक टन की खरीद को मंजूरी पहले ही दी गई है.

नियम 25 फीसदी खरीदी का

उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार राज्यों से पीएम-आशा योजना के अंतर्गत ही मूंग खरीदी की स्वीकृति देती है. इस योजना में स्पष्ट उल्लेख है कि केंद्र सरकार योजनांतर्गत राज्यों से 25 फीसदी तक ही खरीदी कर सकती है. अतिरिक्त खरीदी राज्यों को करनी होती है. भारत सरकार ने पीएम-आशा के ढांचे के अंतर्गत मूल्य समर्थन योजना के तहत मध्य प्रदेश राज्य को लगातार अधिकतम स्वीकार्य समर्थन दिया है.

बीते सालों में खरीद मंजूरी आंकड़ा बताया

बीते सालों में भी वर्ष 2021-22 में 2,75,645 मीट्रिक टन, वर्ष 2022-23 में 2,75,645 मीट्रिक टन, वर्ष 2023-24 में 3,30,763 मीट्रिक टन, वर्ष 2024-25 में 4,19,692 मीट्रिक टन तथा वर्ष 2025-26 में 4,54,580 मीट्रिक टन मूंग की खरीदी हेतु केंद्र सरकार से अनुमति प्राप्त हुई, शेष अतिरिक्त मात्रा का उपार्जन राज्य सरकार ने किया और किसानों की मूंग की खरीदी समय पर सुनिश्चित की गई.

किसानों के हित में मूंग खरीदी तेज करने के निर्देश

शिवराज सिंह चौहान ने आगे कहा कि केंद्र सरकार को आज दिनांक 29 जुलाई, 2026 तक के प्राप्त आंकड़ों के अनुसार राज्य में मूंग की खरीदी लगभग 60 हजार मीट्रिक टन है. इसलिए किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से यह अनुरोध है कि मूंग की खरीदी शीघ्रता से सुनिश्चित करने का कष्ट करें.

किसानों के आंदोलन वापस नहीं लेने का ऐलान

संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में कई संगठनों के हजारों किसान आज तीसरे दिन भी भोपाल में डटे रहे. सीएम मोहन यादव के आवास के घेराव के लिए आगे बढ़ने पर किसानों की पुलिस के साथ तीखी झड़प भी हुई है. इस दौरान किसानों ने बेरीकेडिंग हटा दिये, जवाब में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए हल्का बल प्रयोग किया. वहीं, शाम को कृषि मंत्री समेत 4 मंंत्रियों की समिति से किसानों के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता हुई, जिसमें कोई नतीजा नहीं निकला. किसान मजदूर महासंघ के नेता शिव कुमार कक्का ने आंदोलन वापिस नहीं लेने का ऐलान किया है.

वहीं, राज्य के कृषि मंत्री ने केंद्र को मूंग खरीदी बढ़ाने को लेकर चिट्ठी भेजने की बात कहकर किसानों को वापस घर जाने और मांगें पूरी करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब केंद्र की ओर से आई चिट्ठी में खरीदी मात्रा बढ़ाने की गेंद राज्य के पाले में डाल दी गई है. किसान नेताओं ने कहा कि डबल इंजन की सरकार है लेकिन उनकी मांगों को लेकर राज्य और केंद्र चिट्ठी चिट्ठी खेल रहे हैं. वहीं, आंदोलन के और भड़कने की चिंताएं बढ़ गई हैं.

Published: 29 Jul, 2026 | 09:03 PM

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