30 दिन से जारी नीट पेपर लीक आंदोलन और बड़ा हो रहा, मनोज जरांगे ने भरी हुंकार.. इस्तीफा लेकर रहेंगे

NEET paper leak CJP Protest : नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है. बुधवार को मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे समेत कई दिग्गज हस्तियों ने आंदोलन को समर्थ दिया है. वहीं, कांग्रेस, सपा समेत अन्य विपक्षी दलों ने युवाओं के समर्थन में विरोध प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान किया है.

नोएडा | Updated On: 22 Jul, 2026 | 01:29 PM

कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रदर्शनकारियों ने बीते दिन संसद मार्च के दौरान प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आज बुधवार को भी जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखा. इस दौरान रातभर में प्रदर्शन स्थल पर और समर्थक जुटे हैं. किसानों के मुद्दों और मराठा आरक्षण आंदोलन के मुखिया मनोज जरांगे भी दिल्ली के जंतर मंतर पहुंचे और कॉजपा को अपना समर्थन दिया. वहीं, विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशनों के दरवाजे बंद कर दिए गए हैं. जबकि, पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं. कॉजपा ने कहा है कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं मिलने तक प्रदर्शन जारी रखा जाएगा. इसके अलावा युवाओं के आंदोलन को देश के अन्य हिस्सों से राजनीतिक, फिल्मी हस्तियों समेत किसान संगठनों के साथ ही अलग-अलग वर्गों के लोगों ने समर्थन दिया है.

कॉजपा के आंदोलन को 30 दिन पूरे, इस्तीफा नहीं मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान

नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब दूसरे महीने में प्रवेश कर गया है. कॉजपा ने बुधवार सुबह सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया, आज सुबह जंतर-मंतर पर हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद हैं. कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, हम जंतर-मंतर से नहीं हटेंगे.

मराठा आरक्षण नेता मनोज जरांगे जंतर मंतर पहुंचे

किसानों के मुद्दों समेत मराठा आरक्षण आंदोलन के मुखिया मनोज जारांगे पाटिल जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध स्थल पर पहुंचे. वहां उन्होंने कॉजपा के अभिजीत डीपके से मुलाकात की और अपना समर्थन दिया. मनोज जरांगे ने केंद्र सरकार की दमनकारी कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि उनका संगठन युवाओं के साथ है और प्रदर्शन करेगा.

कॉजपा, युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ाई गई

नयी दिल्ली और अन्य जिलों में ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (कॉजपा) और युवा कांग्रेस के अलग-अलग विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर दिल्ली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और इसी के चलते लुटियंस दिल्ली इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम रहेंगे. सूत्रों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए कनॉट प्लेस, जंतर-मंतर, रफी मार्ग, संसद मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों के आसपास बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी.

मध्य प्रदेश विधानसभा में प्रदर्शन

युवाों के मुद्दे पर धरना दे रहे राहुल गांधी को कल शाम हिरासत में लिए जाने समेत अन्य सासंदों पर कार्रवाई के विरोध में मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस ने विरोध प्रदर्शन किया और विधायक काली पट्टी बांधकर पहुंचे. मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले कांग्रेस ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार समेत सभी कांग्रेस विधायक काली पट्टी बांधकर सदन पहुंचे. पार्टी ने पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर चर्चा नहीं कराने का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा और विरोध जारी रखने की चेतावनी दी.

कांग्रेस का प्रदर्शन जारी रखने का ऐलान

कांग्रेस सासंद दीपेंद्र हुड्डा ने बुधवार को कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और जब तक शिक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और बदलाव पर संसद में चर्चा नहीं होगी तब तक हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा. देश की सरकार ने बहुत बर्बरता से युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास किया है और यह प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा. वहीं, कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने नीट मुद्दे पर विपक्ष के विरोध पर कहा कि कल जो अत्याचार हुआ और परसों छात्रों पर जो अत्याचार हुआ उसके बाद जो लगातार पुलिस अत्याचार कर रही है उन सबको लेकर आज हम सब काले कपड़े पहनकर प्रदर्शन कर रहे हैं.

छात्रों के लिए सपा आंदोलन जारी रखेगी

सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा मीडिया से कहा कि विपक्ष, खासकर समाजवादी पार्टी और बाकी सभी पार्टियां स्टूडेंट्स के साथ खड़ी हैं. सरकार को आज उनकी प्रॉब्लम सॉल्व करनी चाहिए, हमारा प्रदर्शन आज खत्म हो जाएगा. लेकिन जब तक छात्रों की समस्या बनी रहेंगी, जब तक वे जंतर-मंतर पर बैठे रहेंगे और जब तक वे सरकार से खुश नहीं होंगे, हम अपने-अपने तरीकों से प्रदर्शन करते रहेंगे, चाहे हाउस में हो या बाहर. 20 जुलाई को हजारों बच्चे लाठीचार्ज का शिकार हुए. वह एक काला दिन था.

Published: 22 Jul, 2026 | 01:24 PM

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