सरकारी मोबाइल ऐप पर बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रही खाद, दो विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड
किसानों का कहना है कि 'फर्टिलाइजर सेल' ऐप पर बुकिंग करने के बावजूद भी कई बार उन्हें उर्वरक के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकना पड़ता है. वहीं, खाद बिक्री में गड़बड़ी पर दो विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं.
खरीफ सीजन में किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराने और कालाबाजारी पर रोक लगाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश में सख्ती बढ़ा दी गई है. इसी क्रम में सीतापुर जिला प्रशासन ने उर्वरक बिक्री केंद्रों पर निगरानी और निरीक्षण अभियान तेज कर दिया है. अधिकारियों की संयुक्त टीम लगातार दुकानों का निरीक्षण कर रही है. इसी कार्रवाई के तहत दो उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि अन्य प्रतिष्ठानों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. हालांकि, किसानों का कहना है कि ‘फर्टिलाइजर सेल’ ऐप पर बुकिंग करने के बावजूद भी कई बार उन्हें उर्वरक के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकना पड़ता है.
किसानों के लिए भरपूर खाद उपलब्ध
कृषि विभाग के अनुसार जनपद के 1135 उर्वरक प्रतिष्ठानों पर 1,15,800 बोरी यूरिया, 701 प्रतिष्ठानों पर 46,180 बोरी डीएपी तथा 834 प्रतिष्ठानों पर 1,13,580 बोरी एनपीके उपलब्ध है. किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, उप कृषि निदेशक, जिला कृषि अधिकारी तथा राजस्व एवं कृषि विभाग के अधिकारी लगातार निरीक्षण कर रहे हैं.
दो खाद विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड
मुख्य विकास अधिकारी डॉ. दीक्षा जोशी उप कृषि निदेशक श्रवण सिंह और जिला कृषि अधिकारी संजीव कुमार ने संयुक्त रूप से सिधौली क्षेत्र के कई उर्वरक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया. सहायक विकास अधिकारी (कृषि) की निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर मुरारका ब्रदर्स, जेल रोड सीतापुर तथा आनंद कृषि सेवा केंद्र, मुसौली के उर्वरक लाइसेंस निलंबित कर दिए गए.
कई विक्रेताओं को नोटिस जारी
कृषि अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान श्याम सुन्दर इंटरप्राइजेज, कुंवरगढ़ी के अभिलेख अद्यतन नहीं पाए जाने पर संबंधित फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया. इसके अलावा अग्निहोत्रा फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी, गनेरा चौराहा, सिधौली को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.
फर्टिलाइजर सेल ऐप से बुकिंग के बाद भी भटक रहे किसान
किसानों का कहना है कि ‘फर्टिलाइजर सेल’ ऐप पर बुकिंग करने के बावजूद भी कई बार उन्हें उर्वरक के लिए एक दुकान से दूसरी दुकान तक भटकना पड़ता है. इस पर कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे ‘फर्टिलाइजर सेल’ ऐप के माध्यम से उर्वरकों की बुकिंग करें. यदि ऑनलाइन बुकिंग में समस्या आती है तो संबंधित उर्वरक दुकान या निकटतम सीएससी/जन सुविधा केंद्र पर ₹15 शुल्क देकर बुकिंग कराई जा सकती है. यदि कोई जन सुविधा केंद्र निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलता है तो इसकी शिकायत संबंधित तहसील में की जा सकती है.
खाद नहीं मिलने पर कंट्रोल रूप को शिकायत करने की अपील
विभाग ने यह भी कहा है कि उर्वरक प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर किसान जिला प्रशासन द्वारा स्थापित कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उर्वरक वितरण व्यवस्था की नियमित निगरानी जारी रहेगी और किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.