हाईब्रिड मोड में खाद बिक्री शुरू, किसान संगठन की शिकायत के बाद ऑनलाइन बुकिंग का झंझट खत्म

Fertilizer sales on hybrid mode: किसान महापंचायत के मध्य प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने बताया कि राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 3 क्विंटल खरीद करने का वादा किया और किसानों को बिना बायोमेट्रिक या अंगूठा लगाए खाद देने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि कई जिलों में यह व्यवस्था शुरू हो गई है, लेकिन कुछ केंद्रों पर अभी भी मुश्किलें हैं.

नोएडा | Published: 4 Aug, 2026 | 07:23 PM

मध्य प्रदेश में बीते सप्ताह किसानों के आंदोलन के बाद भी खाद वितरण बायोमेट्रिक या मोबाइल ऐप, वेबसाइट पर बुक करने की बजाय अब फिजिकल तरीके से किया जाएगा. किसान महापंचायत के नेता राजेश धाकड़ ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना से वितरण में भेदभाव की शिकायत की थी, जिसके बाद कृषि मंत्री ने एक्शन लिया है और शहडोल, नर्मदापुरम, रायसेन समेत अन्य जिलों में हाइब्रिड मोड में खाद वितरण शुरू किया गया है. अब किसानों को ऑनलाइन की बजाय ऑफलाइन प्रक्रिया के तहत खाद दी जाएगी.

शहडोल में हाइब्रिड मोड से उर्वरक वितरण शुरू

शहडोल जिले में किसानों को समय पर और पारदर्शी तरीके से उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने उर्वरक वितरण व्यवस्था को हाइब्रिड मोड पर संचालित करना शुरू कर दिया है. शासन के निर्देशानुसार अब उर्वरक विक्रेताओं को किसानों के आधार कार्ड की छायाप्रति, मोबाइल नंबर तथा कंपनीवार और मात्रा अनुसार वितरित उर्वरक का रिकॉर्ड सुरक्षित रखना होगा. साथ ही 30 जुलाई तक ई-विकास पोर्टल पर पूर्व में वितरित उर्वरक का विवरण अपडेट करना अनिवार्य किया गया है. इसके बाद हाइब्रिड मोड से किए गए वितरण की प्रविष्टियां निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पोर्टल पर दर्ज की जाएंगी. विभाग ने सभी विक्रेताओं से निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील की है.

नर्मदापुरम 65 हजार मीट्रिक टन खाद बिकी

ई-विकास पोर्टल को और अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए कलेक्टर कार्यालय में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की गई. किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने पोर्टल को अधिक उपयोगकर्ता अनुकूल बनाने के लिए सुझाव दिए. कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने बताया कि जिले में ई-विकास पोर्टल के माध्यम से अब तक 65 हजार 201 मीट्रिक टन उर्वरक का उठाव किया जा चुका है. पोर्टल के जरिए 93 हजार 640 किसानों ने पैक्स, मार्कफेड, निजी विक्रय केंद्रों और एमपी एग्रो से उर्वरक खरीदा है. किसानों द्वारा विभिन्न उर्वरकों के लिए 2 लाख 3 हजार 871 टोकन भी बुक किए गए हैं.

किसान बोले- तकनीकी समस्याओं को दूर कराए प्रशासन

किसान संगठनों ने कहा कि पोर्टल उर्वरक वितरण में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने में सहायक है, लेकिन कुछ तकनीकी समस्याओं के कारण किसानों को परेशानी होती है. कृषि उत्पादन आयुक्त केसी गुप्ता ने सुझावों को शामिल कर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए पोर्टल में आवश्यक सुधार किए जाएंगे. किसान संगठन किसान महापंचायत के नेताओं ने कहा कि किसानों को अभी भी कुछ केंद्रों पर मुश्किलें हो रही हैं, उन्हें तत्काल प्रभाव से दूर कराया जाए.

सरकार के वादा पूरा नहीं करने पर नाराज किसान

किसान महापंचायत के मध्य प्रदेश अध्यक्ष राजेश धाकड़ ने किसान इंडिया को बताया कि किसानों के भोपाल में आदोलन किए जाने के बाद राज्य सरकार ने प्रति एकड़ 3 क्विंटल खरीद करने का वादा किया और किसानों को बिना बायोमेट्रिक या अंगूठा लगाए खाद देने का भरोसा दिया है. उन्होंने कहा कि कई जिलों में यह व्यवस्था शुरू हो गई है, लेकिन कुछ केंद्रों पर किसानों को अभी भी मुश्किलें झेलनी पड़ रही हैं.

राजेश धाकड़ समेत अन्य किसान नेताओं ने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना से मुलाकात की.

थंब हटाकर ओटीपी बिलिंग कराई जाए

राजेश धाकड़ ने बताया कि मूंग खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेचने पहुंच रहे किसानों को मूंग बिलिंग प्रक्रिया के लिए अभी भी बायोमीट्रिक का इस्तेमाल किया जा रहा है. जबकि, सरकार ने वादा किया है कि इसे हटाकर मैनुअल या ओटीपी के माध्यम से किया जाएगा. किसान नेता ने कृषि मंत्री से कहा कि मूंग बिलिंग के लिए ओटीपी का इस्तेमाल कराया जाए. थंब की प्रक्रिया हटाई जाए. किसान नेता ने कहा कि मूंग की उपज धरम कांटे से तौल करायी जाय, जिससे जल्द से जल्द मूंग तुलाई हो जाए.

Topics: