आदिवासियों को गाय-भैंस देगी सरकार, 3100 रुपये धान मूल्य दिया.. कमाई 6 गुना करने का प्लान

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के जिलों में डेयरी स्थापित की जाएंगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी. हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे.

नोएडा | Updated On: 20 May, 2026 | 11:38 AM

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने नक्सल पीड़ित रहे छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के आदिवासी ग्रामीणों और किसानों को मुख्य धारा में लाने और उनके आर्थिक विकास के लिए सहकारिता मिशन के तहत गाय और भैंस देने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि बस्तर का सिर्फ नक्सल मुक्त होना काफी नहीं, 2031 तक पूरी तरह विकसित बस्तर बनाना लक्ष्य है और यहां के किसानों, ग्रामीणों की कमाई को 6 गुना बढ़ाना है. उन्होंने कहा कि पहले यहां के आदिवासी किसानों की फसल खरीद नहीं हो पाती थी, लेकिन यहां के धान किसानों को 3100 रुपये मूल्य दिया जा रहा है.

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि 13 दिसंबर 2023 में यहां हमारी पार्टी की सरकार बनने के तुरंत बाद हमने बस्तर में बचे हुए नक्सलवाद को समाप्त करने के लिए फिर से कवायद शुरू की. देश से नक्सलवाद का संपूर्ण उन्मूलन हो चुका है. बस्तर के सात जिलों को नक्सलवाद से मुक्त कराने के लिए भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा यहां लगभग 200 सुरक्षा कैंप बनाए गए थे. आज जब बस्तर नक्सल मुक्त हो गया है, तब हमने तय किया है कि प्रथम चरण में इन 200 कैंपों में से 70 कैंप को हम ‘वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा’ में बदल देंगे. इससे यहां के लोगों का आर्थिक विकास होगा.

नक्सल प्रभावित आदिवासियों को सभी सुविधाएं मिलेंगी

उन्होंने कहा कि सरकार को गांव और सरकारी सुविधाओं को बस्तर के हर आदिवासी भाई-बहन के घर तक ले जाना ही वीर शहीद गुण्डाधुर सेवा डेरा का काम है. इस सेवा डेरा में बैंकिंग सुविधा होगी, आधार कार्ड भी बनेगा, सारी डिजिटल सेवाएं उपलब्ध होंगी और कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से राज्य सरकार और केंद्र सरकार की 371 योजनाओं का लाभ भी जनता को मिलेगा. एक ही सेवा डेरे में विकास के सारे काम उपलब्ध हो जाएंगे और इसका उद्देश्य है कि 50 साल से विकास के महरूम रह गए नागरिकों को सभी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ देना है.

पैक्स बनाकर सरकारी योजनाओं का लाभ देगी सरकार

अमित शाह ने कहा कि इस सेवा डेरा में प्राथमिक कृषि ऋण समिति (PACS) भी बनेगा, जिससे किसानों को सरकारी योजनाओं के आवेदन करने संबंधी सुविधाएं मिलेंगी. जबकि, फसलों के खाद-बीज और कीटनाशक समेत अन्य कृषि संबंधी उपकरण भी उपलब्ध कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि देश में पैक्स के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से आधुनिक सुविधाएं पहुंची हैं यहां भी तेजी से ग्रामीण विकास के लिए खेती-किसानी संबंधी गतिविधियों को आधुनिक बनाया जाएगा.

आदिवासियों को गाय और भैंस देने का ऐलान

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि बस्तर के जिलों में डेयरी स्थापित की जाएंगी और यहां तक हर आदिवासी महिला अपने पशुओं का दूध पहुंचा सकेंगी. अमित शाह ने कहा कि इसी सेवा डेरा के माध्यम से हम बस्तर के हर आदिवासी को एक गाय और एक भैंस देने वाले हैं जिनके माध्यम से सहकारिता के तरीके से वह दूध की पूरे भारत में मार्केटिंग कर पाएंगे. आने वाले 6 माह में हम बस्तर संभाग में डेयरी का एक बड़ा नेटवर्क बनाने जा रहे हैं.

धान का 3100 रुपये क्विंटल भाव दिया गया

अमित शाह ने कहा कि पहले यहां बंदूक के संगीन के साए थे, वहां अब विकास पहुंच जाएगा. अब तक नक्सलवादियों के कारण ये पूरा क्षेत्र विकास से महरूम रह गया था. न उन्हें राशन कार्ड मिला, न मुफ्त अनाज की योजना का फायदा मिला, न 5 लाख तक का स्वास्थ्य का बीमा मिला और न उनकी उपज को सही कीमत देकर खरीदने की व्यवस्था की गई. लेकिन, सीएम विष्णुदेव साय के नेतृत्व भाजपा की सरकार ने यहां के किसानों को धान फसल के लिए एमएसपी और बोनस मिलकार 3100 रुपये प्रति क्विंटल का भाव दिया है.

फसल उपज को सहकारिता के जरिए प्रॉसेसिंग करके किसानों को मुनाफा मिलेगा

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस इलाके में रोजगार का दूर-दूर तक नामोनिशान नहीं था, न गांव में बिजली पहुंची, न पानी पहुंचा और न स्कूल बने. उन्होंने कहा कि ये सारी व्यवस्था सेवा डेरा के माध्यम से हम पूरे बस्तर में करने जा रहे हैं और शहीद वीर गुण्डाधुर सेवा डेरा नक्सल प्रभावित बस्तर को नक्सल मुक्त विकसित बस्तर बनाने का एक बहुत बड़ा जरिया बनेगा. उन्होंने कहा कि यहां की वन उपज को कोऑपरेटिव तरीके से प्रोसेस कर इसका पूरा मुनाफा भी हम आदिवासियों तक पहुंचाएंगे.

 

Published: 20 May, 2026 | 11:28 AM

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