NFSA BILL 2026 : मुफ्त राशन योजना में बड़ा बदलाव, छोटे परिवारों को होगा सबसे ज्यादा नुकसान
केंद्र सरकार को मिली आंतरिक रिपोर्टों और आंकलन में कहा गया है कि मौजूदा अधिनियम के तहत छोटे परिवारों को ज्यादा अनाज मिलता है, जबकि बड़े परिवारों को प्रति व्यक्ति कम अनाज मिलता है. ऐसे में सरकार का कहना है कि वह सभी परिवारों को समान राशन वितरण करने के लिए अधिनियम को बदलना चाहती है.
देश के 80 करोड़ जरूरतमंद परिवारों को केंद्र सरकार की ओर से हर महीने अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत मुफ्त राशन दिया जाता है. राशन वितरण प्रक्रिया में बदलाव किया जा रहा है. केंद्र सरकार ने राष्टीय खाद्य सुरक्षा अधिनिमय संशोधन बिल 2026 का मसौदा पेश किया गया है. इसमें प्रति प्ररिवार दिए जा रहे राशन में बदलाव करते हुए मात्रा प्रति यूनिट करने का विचार किया जा रहा है. इसके लागू होने से छोटे परिवारों को सबसे ज्यादा नुकसान होगा. हालांकि, सरकार का कहना है कि वह योजना के लाभार्थियों के बीच समानता लाने के इरादे से यह बदलाव कर रही है. मसौदे पर स्टेकहोल्डर्स और संबंधित विभागों, संस्थाओं और आमजन से आपत्तियां और सुझाव मांगे गए हैं.
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFS) 2013 के तहत लोगों को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सस्ती कीमतों पर अच्छी क्वालिटी का पर्याप्त भोजन उपलब्ध कराती है. ताकि कमजोर वर्ग के लोगों को खाद्य और पोषण सुरक्षा उपलब्ध कराई जा सके. अब सरकार ने अधिनियम में बदलाव के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा संशोधन विधेयक (NFSA) 2026 का मसौदा पेश किया है. मसौदे में इसके अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन बांटने के नियम में बड़ा बदलाव करने का प्रस्ताव दिया गया है.
मौजूदा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम क्या है
मौजूदा खाद्य सुरक्षा अधिनयम के तहत अंत्योदय अन्न योजना (AAY) में गरीब परिवारों को शामिल किया जाता है और उन्हें प्रति परिवार हर महीने 35 किलोग्राम अनाज पाने का अधिकार मिलता है. वहीं, प्राथमिकता वाले परिवारों (Priority Households) को प्रति व्यक्ति हर महीने 5 किलोग्राम अनाज पाने का अधिकार है. अंत्योदय अन्न योजना के तहत मौजूदा परिवार आधारित अधिकार सबसे कमजोर परिवारों के लिए एक सुरक्षा उपाय के तौर पर बनाया गया था, लेकिन सरकार को परिवार के आकार के आधार पर इसमें काफी असमानताएं मिली हैं.
राशन योजना में असमानताओं की रिपोर्ट मिली
केंद्र सरकार को मिली आंतरिक रिपोर्टों और आंकलन में कहा गया है कि मौजूदा अधिनियम और योजना के तहत छोटे परिवारों को प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज मिलता है, जबकि बड़े परिवारों को प्रति व्यक्ति कम अनाज मिलता है, जो प्राथमिकता वाले परिवारों को मिलने वाले अनाज से भी कम हो सकता है. ऐसे में सरकार का कहना है कि वह सभी परिवारों को समान राशन वितरण करने के लिए अधिनियम को बदलना चाहती है. मसौदे में कहा गया है कि बदलाव का उद्देश्य श्रेणी के भीतर असमानताओं को दूर करना, अनाज का ज्यादा तर्कसंगत आवंटन करना और पोषण संबंधी जरूरतों के हिसाब से अनाज के अधिकार को बेहतर ढंग से तय करना है.
बिल संशोधन ड्राफ्ट.
परिवार की बजाय प्रति यूनिट राशन वितरण होगा
नेशनल फूड सिक्योरिटी (संशोधन) बिल 2026 मसौदे में बदलावों के तहत अंत्योदय अन्न योजना में आने वाले परिवारों की बजाय प्रति यूनिट राशन देने का प्रस्ताव दिया है. नए बदलावों के तहत अंत्योदय अन्न योजना के तहत आने वाले परिवारों के हर व्यक्ति को केंद्र सरकार की ओर से उस योजना में हर राज्य के लिए तय की गई सीमा तक शेड्यूल I में बताई गई कीमतों पर हर महीने प्रति व्यक्ति 7 किलोग्राम अनाज मिलेगा. हर महीने प्रति परिवार ज्यादा से ज्यादा 35 किलोग्राम अनाज मिलेगा.
छोटे परिवारों को होगा नुकसान
नए बदलावों के तहत छोटे परिवारों को नुकसान होगा. क्योंकि, सरकार परिवार की बजाय प्रति यूनिट राशन वितरण करेगी. ऐसे में जिस परिवार में दो सदस्य हैं तो उन्हें 14 किलो ही राशन मिलेगा. जबकि, पहले के नियम के अनुसार राशन 35 किलो ही मिलता था, परिवार में 2 सदस्य हों या पांच. योजना के तहत एक परिवार में अधिकतम 5 यूनिट को माना गया है. इसलिए अधिकतम एक परिवार को 35 किलो राशन मिलने का प्रावधान बनाए रखा गया है.