गेहूं खरीद केंद्रों का कोटा घटाने पर किसानों में आक्रोश, सरकार की मंशा पर उठे सवाल
Wheat Procurement Quotas in Rajasthan: किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने किसान इंडिया को बताया कि हनुमानगढ़ जिले में गेहूं खरीद केंद्रों का कोटा घटा दिया गया है. उन्होंने अन्य जिलों में भी गेहूं खरीद केंद्रों के लक्ष्य घटाने की आशंका जताई है और सीएम भजनलाल शर्मा को शिकायती पत्र भेजा है.
राजस्थान सरकार ने इस सीजन 23 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का टारगेट तय किया है. लेकिन, कई खरीद केंद्रों का गेहूं खरीद लक्ष्य घटा दिया गया है. इसको लेकर किसानों ने नाराजगी जताई है. किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने किसान इंडिया को बताया कि सरकार सिर्फ दिखावे और प्रचार के लिए खरीद टारगेट आंकड़े ज्यादा सेट करती है. जबकि, असल में खरीद आंकड़ा बहुत कम रहता है. उन्होंने कहा कि जब खरीद केंद्रों का टारगेट कम कर दिया जाएगा तो टोटल टारगेट पूरा होने का सवाल ही नहीं है. वहीं, भारतीय किसान संघ के नेता राजीव दीक्षित ने बताया कि राज्य के कई जिलों में खरीद केंद्रों का कुल खरीद कोटा घटाया गया है. यह स्थिति सिर्फ हनुमानगढ़ में नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी देखी जा रही है. किसान संगठनों ने गेहूं खरीद पर सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं और सीएम भजनलाल शर्मा को चिट्ठी भेजी है.
टोटल गेहूं खरीद टारगेट 23 लाख मीट्रिक टन
राजस्थान सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया 16 मार्च से शुरू की थी और 31 मई 2026 तक खरीद चलेगी. सरकार ने इस वर्ष 150 रुपये प्रति क्विंटल बोनस और एमएसपी को मिलाकर 2,735 रुपये प्रति क्विंटल के दाम पर गेहूं खरीद कर रही है. कुल 23 लाख मीट्रिक टन (MT) गेहूं की खरीद करेगी. खरीद के लिए 471 केंद्र बनाए गए हैं और किसानों को स्लॉट बुकिंग के जरिए उपज बेचने की सुविधा दी गई है.
हनुमानगढ़ जिले के कई खरीद केंद्रों का कोटा घटाया
किसान नेता बलकौर सिंह ढिल्लों ने किसान इंडिया को बताया कि हनुमानगढ़ जिले के संगरिया विधानसभा क्षेत्र में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद केंद्रों का कोटा घटा दिया गया है. उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने कहा कि इस वर्ष समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद केंद्रों के लक्ष्य घटाए गए हैं. यह निर्णय क्षेत्र के किसानों के हितों के प्रतिकूल साबित हो रहा है.
पिछले साल बढ़ाया गया था कोटा पर इस साल घटा दिया
उन्होंने कहा कि पिछले साल दीनगढ़ – ढाबा खरीद केंद्र पर गेहूं खरीद का लक्ष्य 26,000 क्विंटल निर्धारित किया गया था, जिसे बाद में बढ़ाया गया और कुल 46,714 क्विंटल गेहूं की सफल तुलाई हुई. लेकिन इस साल केंद्र का गेहूं खरीद लक्ष्य मात्र 27,370 क्विंटल निर्धारित किया गया है, जो वास्तविक जरूरत की तुलना में काफी कम है. इसी तरह बोलवाली खरीद केंद्र पर पिछले वर्ष 40,000 क्विंटल का लक्ष्य था, जिसे इस वर्ष घटाकर 36,520 क्विंटल कर दिया गया है.
10 लाख क्विंटल से खरीद घटाकर 9 लाख क्विंटल कर दी
बलकौर सिंह ढिल्लों ने कहा कि चक हीरासिंह वाला खरीद केंद्र पर गत वर्ष 80,000 क्विंटल का लक्ष्य था, जबकि वास्तविक तुलाई लगभग 7,000 क्विंटल रही. इसके बावजूद इस वर्ष लक्ष्य घटाकर 5,000 क्विंटल कर दिया गया है. संगरिया शहर के खरीद केंद्रों पर भी पिछले वर्ष 10,20,000 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित था, जिसे इस वर्ष घटाकर 9,13,000 क्विंटल कर दिया गया है.
गेहूं किसानों पर गहराता जा रहा संकट
उन्होंने कहा कि संगरिया क्षेत्र प्रमुख कृषि क्षेत्र है, जहां बड़ी संख्या में किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने के लिए इन केंद्रों पर निर्भर रहते हैं. ऐसे में खरीद लक्ष्यों में कटौती से किसानों को अपनी उपज बेचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक संकट की स्थिति उत्पन्न हो सकती है. इसलिए इन सभी गेहूं खरीद केंद्रों के लक्ष्यों को बढ़ाया जाए. उन्होंने कहा कि यह स्थिति केवल उनके इलाके के खरीद केंद्रों की है. जबकि राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसे हालात हो सकते हैं.
भारतीय किसान संघ ने गेहूं खरीद दिक्कतों पर नाराजगी जताई
भारतीय किसान संघ जयपुर के प्रमुख राजीव दीक्षित ने किसान इंडिया को बताया कि राज्य के कई जिलों में खरीद केंद्रों का कुल खरीद कोटा घटाया गया है. यह स्थिति सिर्फ हनुमानगढ़ में नहीं, बल्कि अन्य जिलों में भी देखी जा रही है. उन्होंने कहा कि बारिश-आंधी के चलते पहले ही गेहूं किसान परेशान थे और फिर खरीद भी देरी से शुरू की गई है. बाद में कई खरीद केंद्रों पर बारदाना, तौल-कांटों की समस्या भी देखी गई है. उन्होंने कहा कि जयपुर स्थित सीएम आवास पर मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा को इस संबंध में संगठन ने शिकायती पत्र कुछ दिन पहले दिया है, जिस पर उन्होंने सुधार का आश्वासन दिया है.