पहले दौर की वार्ता फेल होने के बाद किसानों के आगे झुकी सरकार, CM के निर्देश पर ये 4 मंत्री करेंगे बात 

Farmers Protest Madhya Pradesh Updates: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि आंदोलनकारी किसानों से संवाद के लिए एक समिति का गठन किया गया है और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के प्रयास किए जाएंगे. उन्होंने कहा कि किसानों का विरोध प्रदर्शन रात भर जारी रहा, जिससे नर्मदापुरम राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया.

नोएडा | Updated On: 29 Jul, 2026 | 03:35 PM

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर 100 फीसदी मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आंदोलनरत किसानों से पहले दौर की वार्ता फेल होने के बाद उनसे बातचीत के लिए बुधवार को चार सदस्यीय समिति की घोषणा की. समिति में कृषि मंत्री समेत 4 मंत्रियों को शामिल किया गया है.

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हजारों की संख्या में किसान भोपाल में जुटे हैं. पहले दौर की वार्ता में किसानों की बातचीत कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना से हुई जो विफल रही. इसके बाद किसानों ने अनिश्चितकालीन आंदोलन का ऐलान कर दिया है.

नई वार्ता समिति में शामिल होंगे ये चार मंत्री

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि आंदोलनकारी किसानों से संवाद के लिए एक समिति का गठन किया गया है और बातचीत के माध्यम से समाधान खोजने के प्रयास किए जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि किसानों का विरोध प्रदर्शन रात भर जारी रहा, जिससे राज्य की राजधानी में व्यस्त नर्मदापुरम राजमार्ग पर यातायात बाधित हो गया.

उन्होंने कहा कि पूरे मध्यप्रदेश में किसानों के लिए किसान कल्याण वर्ष मनाया जा रहा है. उनसे संवाद करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. कल भी हमने अपने कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना को उनसे बात करने के लिए भेजा गया था. आज कंषाना के अलावा कृष्णा गौड़, विश्वास सारंग और राकेश सिंह सहित अन्य मंत्रियों के अलावा अधिकारी किसानों के साथ बातचीत करेंगे.

हम बातचीत से समस्या का समाधान निकालेंगे – सीएम

उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा सकारात्मक सुझावों के साथ किसानों के साथ खड़ी रही है. लेकिन दोनों पक्षों को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि लोगों को परेशानी न हो. इसलिए, हम बातचीत के माध्यम से समस्या का समाधान निकालेंगे. मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भारतीय किसान संगठन और अन्य सभी किसान संगठन कोई ना कोई रास्ता निकालेंगे क्योंकि जब सरकार जनता के कल्याण के बारे में बात करती है तो जाहिर है कि इसमें किसानों की भलाई भी शामिल है.

किसानों संग पहले दौर की वार्ता बेनतीजा रही

इससे पहले मूंग खरीद समेत विभिन्न मांगों को लेकर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल पहुंचे किसानों से मंगलवार रात सरकार ने पहले दौर की वार्ता की जो बेनतीजा रही. इस वार्ता के दौरान किसानों को आश्वस्त किया गया कि सरकार उनकी जायज मांगों के प्रति संवेदनशील है और सभी मुद्दों का शीघ्र एवं सकारात्मक समाधान करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.

इसके बावजूद किसान पूरी रात सड़कों पर डटे रहे और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे. किसानों के प्रदर्शन के कारण नर्मदापुरम रोड पर आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई और आसपास के इलाकों में जाम लग गया. पुलिस ने परेशानी से बचने के लिए लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने का सुझाव दिया है.

वीर सावरकर सेतु पर किसानों ने डेरा डाला

मुख्यमंत्री आवास घेरने की घोषणा कर मंगलवार रात आगे बढ़ रहे हजारों किसानों को नर्मदापुरम रोड स्थित वीर सावरकर सेतु के पहले रोक लिया गया था. प्रशासन ने आसपास के इलाकों में मौजूद स्कूलों में बुधवार सुबह छुट्टी की घोषणा की. मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. किसानों को रोकने के लिए बड़ी संख्या में अवरोधक लगाए गए हैं तथा इसके अलावा अन्य जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है.

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को चिट्ठी भेजी

कृषि मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर ग्रीष्मकालीन मूंग के उपार्जन का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है. उन्होंने पत्र में कहा किसानों को बेहतर मूल्य मिले और किसान भविष्य में भी दलहन उत्पादन के प्रति इच्छुक रहे इसे सुनिश्चित करने के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य का अधिकाधिक लाभ उन्हें दिया जाना आवश्यक है, जो केन्द्र सरकार द्वारा प्रदत्त लक्ष्य सीमा से संभव नहीं हो सकेगा.

Published: 29 Jul, 2026 | 02:51 PM

Topics: